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Karnal News: पीपीपी के आंकड़ों से उलझी शहर की भौगोलिक स्थिति

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 22 Dec 2024 02:01 AM IST
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Geographical situation of the city confused with PPP figures
- नई वार्डबंदी में 10 कॉलोनियां दूर के वार्ड में हुईं, पांच कॉलोनियां दो या ज्यादा वार्डों में बंटने से पड़ोसी हुए अलग
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गगन तलवार
करनाल। नगर निगम चुनाव की सरगर्मियां तेज हो गई हैं लेकिन परिवार पहचान पत्र के आंकड़ों के आधार पर तैयार हुई नई वार्डबंदी के ड्रॉफ्ट में शहर की भौगोलिक स्थिति उलझकर रह गई है। यदि इसे ही सरकार की ओर से फाइनल किया जाता है तो अगले पांच साल में पार्षदों से काम को लेकर जनता को भारी ठोकरें खानी पड़ेंगी।
स्थिति यह है कि नई वार्डबंदी में 10 से ज्यादा कॉलोनियों को दूर के वार्ड में डाल दिया गया है। उदाहरण के तौर पर सीएसएसआरआई वर्तमान में वार्ड-20 में है, लेकिन इसे वार्ड-12 में डाल दिया गया है। विभाग की ओर से तैयार किया गया मैप में भी यह वार्ड-20 में ही है। इसी तरह से अन्य कई कॉलोनियों के साथ ऐसा हुआ है।
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वहीं पांच कॉलोनियां ऐसी हैं, जिन्हें दो या इससे ज्यादा वार्ड में बांट दिया गया है। ऐसा करने से कॉलोनियों में एक गली में दो-दो वार्ड बन रहे हैं। इससे एक मकान के सदस्य एक वार्ड में है तो साथ के घर के लोग दूसरे वार्ड में आ गए हैं। उदाहरण के तौर पर सदर बाजार को दो वार्डों में बांट दिया गया है। इसमें एक गली के लोग वार्ड-14 में हैं और इनके सामने की लाइन के मकान वार्ड-15 में पड़ रहे हैं।
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इस तरह की आपत्तियों से पार्षद और आमजन भी चकरा रहा है। क्योंकि उन्हें यह नहीं पता चल रहा कि मतदान किस वार्ड के लिए करना है। इधर, चुनाव लड़ने के इच्छुक नेता भी चिंता में हैं कि एक गली या कॉलोनी में उन्हें किससे वोट मांगनी है और किसे छोड़ना है। वार्ड-13 के निवर्तमान पार्षद ईश गुलाटी का कहना है कि उनके वार्ड की कई कॉलोनियां दूसरे वार्ड में कर दी हैं। उपकार कॉलोनी और रमेश नगर मैप में दर्शायी सीमा के अनुसार उनके वार्ड में होनी चाहिए थी, लेकिन इसे वार्ड-15 में कर दिया गया। इसी तरह अन्य निवर्तमान पार्षदों सहित 28 दावे और आपत्ति दर्ज हुए हैं। अधिकारियों का कहना है कि आपत्तियों और दावों पर मंथन के बाद ही फाइनल नोटिफिकेशन के लिए ड्रॉफ्ट सरकार को भेजा जाएगा।


बदलाव नहीं हुआ तो जीत के लिए लगेगा ज्यादा जोर
वार्डबंदी के ड्रॉफ्ट से लोग चिंता में हैं। इधर, चुनाव लड़ने के इच्छुक नेताओं में भी हलचल पैदा हो गई है। क्योंकि उन्होंने वर्तमान स्थिति के आधार पर ही अपनी तैयारी की थी। वार्ड में सक्रियता बनाई हुई थी। अब वार्डबंदी में क्षेत्र बदलने के बाद उन्हें जीत के लिए दोबारा मेहनत करनी होगी। साथ ही प्रचार प्रसार में भी परेशानी आएगी। ऐसे ही कॉलोनी के लोगों को भी वर्तमान पार्षद की बजाय दूसरे वार्ड के क्षेत्र के प्रत्याशियों को मतदान करना होगा।


- वार्ड में दिखाई कॉलोनी वार्ड मैप की सीमा से है काफी दूर
- वार्ड-01 : झंझाड़ी गांव वार्ड-20 में भी, बालाजी एनक्लेव वार्ड-2 में है।
- वार्ड-02 : बलजीत एनक्लेव वार्ड-1 में भी है।
- वार्ड-05 : सेक्टर-4 वार्ड-07 में है।
- वार्ड-06 : विकास कॉलोनी वार्ड-7 में भी है।
- वार्ड-12 : सीएसएसआरआई वार्ड-20 में है।
- वार्ड-13 : ओल्ड तहसील वार्ड-10 में है।
- वार्ड-15 : गोपी वाला बाग वार्ड-16 में है।
- वार्ड-20 : सीएचडी सिटी वार्ड-01 में, शांति नगर वार्ड-18 में है।


इन कॉलोनियों के वार्ड दो या इससे ज्यादा
- बलजीत एनक्लेव : वार्ड-01 और 02 में है।
- नर्सी विलेज : इसका भाग-01 वार्ड-2 में और भाग-2 वार्ड-03 में है।
- दुर्गा कॉलोनी : न्यू वार्ड-6 में और ओल्ड वार्ड-05 में है।
- सदर बाजार : वार्ड-14 और 15 में है।
- प्रेम नगर : पुराना प्रेम नगर वार्ड-18 में और न्यू वार्ड-19 में है।
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