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सफाई और सुधार कार्यों में लगाए गैंगस्टर, छह माह में जेलों से नहीं हुई आपराधिक गतिविधि : आलोक राय
Sun, 28 Dec 2025 12:47 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
Updated Sun, 28 Dec 2025 12:47 AM IST
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जिला कारागार में लकड़ी से बने सामान को देखते महानिदेशक आलोक राय। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। जेल महानिदेशक आलोक राय ने कहा कि गैंगस्टर कल्चर को खत्म करने के लिए पहली बार जेलों में गैंगस्टर को भी साफ-सफाई और अन्य सुधारात्मक कार्यों से जोड़ा गया। इससे अपराधियों में अनुशासन बढ़ा और अपराध के प्रति आकर्षण कम हुआ। उन्होंने दावा किया कि पिछले छह महीनों से सोशल मीडिया पर किसी भी गैंगस्टर की सक्रियता देखने को नहीं मिली है। वे शनिवार को करनाल जिला जेल का निरीक्षण करने पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि हरियाणा की जेलों में क्षमता से चार हजार ज्यादा कैदी-बंदी हैं। ऐसे में अलग-अलग जिलों में जेल बनाई जा रही है।
जेल महानिदेशक ने बताया कि कहा कि रेवाड़ी में नई जेल बनकर तैयार हो चुकी है। रोहतक में एक अत्याधुनिक हाई सिक्योरिटी जेल का निर्माण तेजी से चल रहा है, जो चार महीनों में पूरा होगा। इसके अलावा फतेहाबाद और पलवल में नई जेलें निर्माणाधीन हैं, जबकि अंबाला और पंचकूला में भी नई जेलों का निर्माण प्रस्तावित है।
प्रेसवार्ता में उन्होंने कहा कि जुलाई माह में उनकी नियुक्ति के तुरंत बाद जेलों में आपराधिक गतिविधियों पर रोक लगाने और गैंगस्टर कल्चर को खत्म करने की रणनीति तैयार की गई। पहले ही सप्ताह में गैंगस्टर और कुख्यात अपराधियों की पहचान कर करीब 50 को अलग-अलग जेलों में स्थानांतरित किया गया। इस कदम का असर यह रहा कि जेल से रंगदारी मांगने, धमकी देने या मोबाइल के जरिये किसी तरह की आपराधिक गतिविधि की घटना सामने नहीं आई। उन्होंने जेल में बंद कैदियों के रहन-सहन, स्वच्छता व्यवस्था, सुरक्षा इंतजामों और उनके लिए चलाई जा रही कल्याणकारी योजनाओं का जायजा लिया।
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उन्होंने बताया कि हरियाणा जेल विभाग ने हरियाणा कौशल रोजगार निगम के साथ समझौता किया है। इसके तहत जेलों में वोकेशनल ट्रेनिंग लेने वाले कैदियों को एचकेआरएन पोर्टल पर रजिस्टर किया जाएगा। इससे रिहाई के बाद उन्हें रोजगार के अवसर मिल सकेंगे। गुरुग्राम, अंबाला, करनाल, पानीपत और फरीदाबाद की जेलों में वोकेशनल ट्रेनिंग के साथ आईटीआई कोर्स भी शुरू किए जा रहे हैं। इस दौरान कैदियों ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी। मौके पर जेल अधीक्षक लखबीर सिंह बराड़, डीएसपी जेल नीलम, डीएसपी जेल धर्मचंद सहित जेल विभाग के अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।
60 प्रतिशत कैदी मानसिक तनाव से जूझते हैं, नियुक्त किए कांउसलर
आलोक राय ने बताया कि जेल में आने वाले करीब 60 प्रतिशत कैदी मानसिक तनाव और अवसाद से जूझते हैं। कई बार पारिवारिक, आर्थिक या सामाजिक परिस्थितियों के कारण उनसे अपराध हो जाता है। इसी को ध्यान में रखते हुए हर जेल में काउंसलर नियुक्त किए गए हैं, ताकि कोई भी कैदी अवसाद में आकर आत्मघाती कदम न उठाए और मानसिक रूप से मजबूत बन सके। उन्होंने कहा कि हरियाणा की जेलों की मौजूदा क्षमता करीब 23 हजार कैदियों की है, जबकि फिलहाल लगभग 27 हजार कैदी जेलों में बंद हैं। दबाव को कम करने के लिए नए निर्माण किए जा रहे हैं।
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करनाल। जेल महानिदेशक आलोक राय ने कहा कि गैंगस्टर कल्चर को खत्म करने के लिए पहली बार जेलों में गैंगस्टर को भी साफ-सफाई और अन्य सुधारात्मक कार्यों से जोड़ा गया। इससे अपराधियों में अनुशासन बढ़ा और अपराध के प्रति आकर्षण कम हुआ। उन्होंने दावा किया कि पिछले छह महीनों से सोशल मीडिया पर किसी भी गैंगस्टर की सक्रियता देखने को नहीं मिली है। वे शनिवार को करनाल जिला जेल का निरीक्षण करने पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि हरियाणा की जेलों में क्षमता से चार हजार ज्यादा कैदी-बंदी हैं। ऐसे में अलग-अलग जिलों में जेल बनाई जा रही है।
जेल महानिदेशक ने बताया कि कहा कि रेवाड़ी में नई जेल बनकर तैयार हो चुकी है। रोहतक में एक अत्याधुनिक हाई सिक्योरिटी जेल का निर्माण तेजी से चल रहा है, जो चार महीनों में पूरा होगा। इसके अलावा फतेहाबाद और पलवल में नई जेलें निर्माणाधीन हैं, जबकि अंबाला और पंचकूला में भी नई जेलों का निर्माण प्रस्तावित है।
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प्रेसवार्ता में उन्होंने कहा कि जुलाई माह में उनकी नियुक्ति के तुरंत बाद जेलों में आपराधिक गतिविधियों पर रोक लगाने और गैंगस्टर कल्चर को खत्म करने की रणनीति तैयार की गई। पहले ही सप्ताह में गैंगस्टर और कुख्यात अपराधियों की पहचान कर करीब 50 को अलग-अलग जेलों में स्थानांतरित किया गया। इस कदम का असर यह रहा कि जेल से रंगदारी मांगने, धमकी देने या मोबाइल के जरिये किसी तरह की आपराधिक गतिविधि की घटना सामने नहीं आई। उन्होंने जेल में बंद कैदियों के रहन-सहन, स्वच्छता व्यवस्था, सुरक्षा इंतजामों और उनके लिए चलाई जा रही कल्याणकारी योजनाओं का जायजा लिया।
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उन्होंने बताया कि हरियाणा जेल विभाग ने हरियाणा कौशल रोजगार निगम के साथ समझौता किया है। इसके तहत जेलों में वोकेशनल ट्रेनिंग लेने वाले कैदियों को एचकेआरएन पोर्टल पर रजिस्टर किया जाएगा। इससे रिहाई के बाद उन्हें रोजगार के अवसर मिल सकेंगे। गुरुग्राम, अंबाला, करनाल, पानीपत और फरीदाबाद की जेलों में वोकेशनल ट्रेनिंग के साथ आईटीआई कोर्स भी शुरू किए जा रहे हैं। इस दौरान कैदियों ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी। मौके पर जेल अधीक्षक लखबीर सिंह बराड़, डीएसपी जेल नीलम, डीएसपी जेल धर्मचंद सहित जेल विभाग के अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।
60 प्रतिशत कैदी मानसिक तनाव से जूझते हैं, नियुक्त किए कांउसलर
आलोक राय ने बताया कि जेल में आने वाले करीब 60 प्रतिशत कैदी मानसिक तनाव और अवसाद से जूझते हैं। कई बार पारिवारिक, आर्थिक या सामाजिक परिस्थितियों के कारण उनसे अपराध हो जाता है। इसी को ध्यान में रखते हुए हर जेल में काउंसलर नियुक्त किए गए हैं, ताकि कोई भी कैदी अवसाद में आकर आत्मघाती कदम न उठाए और मानसिक रूप से मजबूत बन सके। उन्होंने कहा कि हरियाणा की जेलों की मौजूदा क्षमता करीब 23 हजार कैदियों की है, जबकि फिलहाल लगभग 27 हजार कैदी जेलों में बंद हैं। दबाव को कम करने के लिए नए निर्माण किए जा रहे हैं।

जिला कारागार में लकड़ी से बने सामान को देखते महानिदेशक आलोक राय। संवाद