फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Karnal News ›   Fraud of Rs 64 lakh on the pretext of setting up a poly house

Karnal News: पॉली हाउस लगाने के बहाने 64 लाख रुपये की धोखाधड़ी

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 07 Feb 2025 02:02 AM IST
विज्ञापन
Fraud of Rs 64 lakh on the pretext of setting up a poly house
माई सिटी रिपोर्टर
विज्ञापन

करनाल/इंद्री। पॉली हाउस लगाने के नाम पर लोन करा करीब 64 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने का मामला सामने आया है।
आरोपियों ने किसान की जमीन पर लोन कराया और उसे एनबीएच योजना के माध्यम से 50 प्रतिशत की सब्सिडी दिलाने का भी लालच दिया। बुटान खेड़ी निवासी किसान सुभाष सिंह ने बताया कि कई वर्ष पूर्व इंद्री के अजय, विजय और अमित कुमार उनके पास गांव में आए और बताया कि वे नेट शैड पोली हाउस लगाते हैं। उन्होंने लालच दिया कि एनबीएच (राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड) योजना के माध्यम से वे लाखों रुपये कमा सकते हैं। योजना में आपको फूलों की खेती करनी होगी, दिल्ली के नजदीक जिला होने के कारण फूल यहां आसानी से बिक भी सकते हैं। इसके बाद वे पीएनबी की इंद्री शाखा के पूर्व प्रबंधक बलदेव राज को उनके पास ले आए। इन्होंने भी उन्हें अपनी गारंटी देते हुए कहा कि प्रोजेक्ट इन तीनों ने लगाना है और लोन मैंने करना है।
इसके बाद आरोपियों ने उनका पीएनबी में ही खाता खुलवाया और उनका 3916600 रुपये का लोन कर दिया। साथ ही 6.73 लाख रुपये केसीसी कर दिया। बैंक प्रबंधक द्वारा 3164528 रुपये का उनका शेयर बनाकर प्रोजेक्ट तैयार कर दिया और दस्तावेजों पर उनसे हस्ताक्षर करवा लिए। जून 2016 में 31.86 लाख रुपये विस्ता ग्रीन टेक कंपनी को दिए व 5.39 लाख रुपये इनके खाते में प्रोजेक्ट के लिए चले गए। इसके बाद 19.80 रुपये व 6.60 लाख रुपये दोनों आरोपियों की कंपनी मार्डन एग्रीकल्चर को चले गए। इसके बाद उनका नेट हाउस लगाया गया।
विज्ञापन

अब करीब 12 वर्ष बाद बैंक से फोन आया कि आपको लोन के खाते में किस्त डालनी है। इसके बाद केसीसी खाते से पहली किश्त 3.30 लाख रुपये लोन में डाल दी। इसके बाद वे तीनों से मिले और सब्सिडी की जानकारी ली। फिर अगली किश्त का समय आ गया। इस पर आरोपियों ने दबाव बनाया कि यदि किश्त नहीं भरी तो बैंक खाता एनपीए हो जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

फिर उन्होंने एनएचबी के गुरुग्राम कार्यालय में जांच की तो पता चला कि उनका सत्यापन भी नहीं हुआ। ऐसे में उनकी जमीन पर आरोपियों ने मिलीभगत करके बैंक लोन करवा दिया और 19.18 लाख रुपये की किश्तें उनसे जमा कराई।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed