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सरकारी नौकरी के नाम पर 19 युवकों से ठगे 25 लाख
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सरकारी नौकरी की आड़ में हरियाणा पुलिस की महिला कांस्टेबल और उसके पति पर 25 लाख की ठगी करने के आरोप लगे हैं। शिकायतकर्ता ने 19 लड़कों को सरकारी नौकरी पर लगवाने के लिए हेड कांस्टेबल व उसके पति को पैसे दिए थे। शातिर दंपती ने 19 लड़कों के फर्जी नियुक्ति दस्तावेज तैयार करवाकर कुछ को डीएमआरसी और कुछ लड़कों को हिसार बिजली विभाग में नौकरी पर लगवा दिया। शिकायतकर्ता के मुताबिक इन सभी लड़कों से 90 दिन तक काम करवाया गया और बाद में इन्हें दो-दो हजार रुपये देकर वहां से भगा दिया। जब इस फर्जीवाडे़ का खुलासा हुआ तो शिकायतकर्ता ने महिला पुलिसकर्मी से पैसे वापस देने की मांग की। आरोप है कि पुलिसकर्मी व उसके पति ने रिवॉल्वर दिखाकर जान से मारने की धमकी दी। ठगी का शिकार हुए पीड़ित ने पूरे मामले की शिकायत पुलिस को की। पुलिस ने शिकायतकर्ता की शिकायत के आधार पर महिला हेड कांस्टेबल व उसके पति के खिलाफ धोखाधड़ी के आरोप में मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।
करनाल के मोतीनगर निवासी शिकायतकर्ता संदीप कुमार की करनाल में कार वर्कशॉप है। वर्कशॉप पर कार ठीक करवाने के लिए आई महिला हेड कांस्टेबल बेअंत कौर व उसके पति परमिंद्र सिंह से संदीप की मुलाकात हुई। पुलिस की वर्दी में महिला ने संदीप को बताया था कि वह हरियाणा पुलिस में कार्यरत है। जबकि उसके पति परमिंद्र ने बताया है कि वह सरकारी नौकरी पर लोगों को पैसे लेकर लगवाता है। उसकी हरियाणा पुलिस, दिल्ली पुलिस, पंजाब पुलिस व दिल्ली रेलवे, दिल्ली मैट्रो डीएमआरसी तथा एचएसएसई में जान-पहचान है और 50 लोगों को लगवा चुका है। सभी नौकरियों का रेट अलग-अलग हैं। आधे रुपये फार्म भरवाते वक्त तथा आधे रुपये नौकरी का नियुक्ति पत्र देने के बाद लेता है। शिकायतकर्ता के मुताबिक, उसका दोस्त सुरेश भी मौके पर मौजूद था। सुरेश ने अपने रिश्तेदारों के लड़कों को नौकरी पर लगवाने की इच्छा जताई और सभी लड़कों को सरकारी नौकरी पर लगवाने के लिए 25 लाख रुपये एटीएम, चैक, ऑनलाईन के माध्यम व नकदी उनको दे दी।
90 दिन में दो हजार रुपये देकर भगाया
शिकायतकर्ता का कहना है कि 19 लड़कों के फर्जी नियुक्ति पत्र जारी करवाकर दिए व कुछ लड़कों को डीएमआरसी में लगवाया व कुछ लड़कों को हिसार बिजली विभाग में लगवाया जो 90 दिन तक उनके लड़कों ने काम किया व सभी लड़कों को तीन महीने तक सिर्फ 2-2 हजार रुपये देकर वहां से भगा दिया। लड़कों ने संदीप को बताया कि हमारे साथ धोखा करके फर्जी प्रमाण पत्र जारी करके फर्जी तरीके से हमारे पैसे हड़पने की नीयत से धोखाधड़ी की है। मामले का खुलासा होने के बाद महिला से पैसे मांगे तो उन्होंने साफ मना कर दिया। शिकायतकर्ता का आरोप है कि जब वह छानबीन करते हुए अंबाला पहुंचा तो दोनों पति पत्नी ने उसको पिस्तौल दिखाकर जान से मारने की धमकी दी।
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बैंक से लोन लेकर रिश्तेदारों को चुकाए पैसे
शिकायतकर्ता संदीप कुमार का कहना है कि इस घटना के बाद वह मानसिक रूप से परेशान हो गया। उसने बैंक से 5 लाख का लोन व साढ़े नौ लाख रुपये की बैंक लिमिट उठाकर अपने रिश्तेदारों को उनके रूपए लौटाए। इसके बाद भी जब रिश्तेदारों के पैसे पूरे नहीं हुए तो संदीप ने अपनी वर्कशॉप को रद्दी के भाव बेचना पड़ा और आरोपितों के खिलाफ लिखित शिकायत पुलिस को की। पुलिस ने शिकायत के आधार पर हेड कांस्टेबल बेअंत कौर व उसके पति परमिंद्र सिंह के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।
सरकारी नौकरी की आड़ में 25 लाख की ठगी करने, जान से मारने की धमकी देने व अन्य आरोपों में महिला हेड कांस्टेबल बेअंत कौर व उसके पति परमिंद्र सिंह के खिलाफ मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी गई है।
- तरसेम सिंह, थाना प्रभारी मधुबन
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करनाल के मोतीनगर निवासी शिकायतकर्ता संदीप कुमार की करनाल में कार वर्कशॉप है। वर्कशॉप पर कार ठीक करवाने के लिए आई महिला हेड कांस्टेबल बेअंत कौर व उसके पति परमिंद्र सिंह से संदीप की मुलाकात हुई। पुलिस की वर्दी में महिला ने संदीप को बताया था कि वह हरियाणा पुलिस में कार्यरत है। जबकि उसके पति परमिंद्र ने बताया है कि वह सरकारी नौकरी पर लोगों को पैसे लेकर लगवाता है। उसकी हरियाणा पुलिस, दिल्ली पुलिस, पंजाब पुलिस व दिल्ली रेलवे, दिल्ली मैट्रो डीएमआरसी तथा एचएसएसई में जान-पहचान है और 50 लोगों को लगवा चुका है। सभी नौकरियों का रेट अलग-अलग हैं। आधे रुपये फार्म भरवाते वक्त तथा आधे रुपये नौकरी का नियुक्ति पत्र देने के बाद लेता है। शिकायतकर्ता के मुताबिक, उसका दोस्त सुरेश भी मौके पर मौजूद था। सुरेश ने अपने रिश्तेदारों के लड़कों को नौकरी पर लगवाने की इच्छा जताई और सभी लड़कों को सरकारी नौकरी पर लगवाने के लिए 25 लाख रुपये एटीएम, चैक, ऑनलाईन के माध्यम व नकदी उनको दे दी।
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90 दिन में दो हजार रुपये देकर भगाया
शिकायतकर्ता का कहना है कि 19 लड़कों के फर्जी नियुक्ति पत्र जारी करवाकर दिए व कुछ लड़कों को डीएमआरसी में लगवाया व कुछ लड़कों को हिसार बिजली विभाग में लगवाया जो 90 दिन तक उनके लड़कों ने काम किया व सभी लड़कों को तीन महीने तक सिर्फ 2-2 हजार रुपये देकर वहां से भगा दिया। लड़कों ने संदीप को बताया कि हमारे साथ धोखा करके फर्जी प्रमाण पत्र जारी करके फर्जी तरीके से हमारे पैसे हड़पने की नीयत से धोखाधड़ी की है। मामले का खुलासा होने के बाद महिला से पैसे मांगे तो उन्होंने साफ मना कर दिया। शिकायतकर्ता का आरोप है कि जब वह छानबीन करते हुए अंबाला पहुंचा तो दोनों पति पत्नी ने उसको पिस्तौल दिखाकर जान से मारने की धमकी दी।
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शिकायतकर्ता संदीप कुमार का कहना है कि इस घटना के बाद वह मानसिक रूप से परेशान हो गया। उसने बैंक से 5 लाख का लोन व साढ़े नौ लाख रुपये की बैंक लिमिट उठाकर अपने रिश्तेदारों को उनके रूपए लौटाए। इसके बाद भी जब रिश्तेदारों के पैसे पूरे नहीं हुए तो संदीप ने अपनी वर्कशॉप को रद्दी के भाव बेचना पड़ा और आरोपितों के खिलाफ लिखित शिकायत पुलिस को की। पुलिस ने शिकायत के आधार पर हेड कांस्टेबल बेअंत कौर व उसके पति परमिंद्र सिंह के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।
सरकारी नौकरी की आड़ में 25 लाख की ठगी करने, जान से मारने की धमकी देने व अन्य आरोपों में महिला हेड कांस्टेबल बेअंत कौर व उसके पति परमिंद्र सिंह के खिलाफ मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी गई है।
- तरसेम सिंह, थाना प्रभारी मधुबन