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धोखाधड़ी
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घरौंडा। अपनी जमीनों के फर्जी दस्तावेज तैयार कर कुछ लोगों द्वारा यूको बैंक से लाखों रुपये का लोन लेने का मामला प्रकाश में आया है। बैंक अधिकारियों के बार बार कहने के बावजूद लोन न चुकाने पर जांच के बाद असलियत का पता चला। बैंक प्रबंधन ने करीब आधा दर्जन लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी करने की शिकायत पुलिस में दी है। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश तेज कर दी है।
बैंक प्रबंधन की ओर से पुलिस को दी शिकायत में बताया गया है कि आरोपी इंदर सिंह बाली नगर घरौंडा, मुकेश निवासी ग्राम बल्ला, राजेंद्र सिंह निवासी ग्राम बल्ला, रामपाल निवासी ग्राम जानी, सतीश निवासी ग्राम रायपुर जाटान घरौंडा और विजय निवासी ग्राम बल्ला ने अलग अलग समय में बैंक में आए और अचल संपत्ति की जमानत पर सुरक्षित ऋ ण के लिए आवेदन किया था। सभी आरोपियों ने अपने दस्तावेज प्रस्तुत किए और गलत प्रतिनिधित्व किया कि संपत्ति पूर्व ऋ ण, ग्रहणाधिकार, दायित्व, बंधक या भार से मुक्त हैं। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि उनकी संपत्ति हरियाणा राज्य के किसी भी हिस्से में या भारत में कहीं भी किसी भी बैंक या वित्तीय संस्थानों से किसी भी प्रकार की देनदारी से मुक्त है।
आरोपियों ने यह झूठी, नकली और जाली रिपोर्ट पेश करके बैंक से केसीसी लिमिट हासिल की। ऋ ण प्राप्त करने के बाद ऋ णी/आरोपी ने भुगतान के लिए बार-बार याद दिलाने के बावजूद बैंक को भुगतान नहीं किया। फाइल के निरीक्षण के दौरान बैंक को पता चला कि आरोपियों ने फर्जीवाड़ा करने की नीयत से जाली और फर्जी दस्तावेज तैयार किए। उन्होंने फर्जी हलफनामा पेश किए और जाली जमाबंदी तैयार की। किसी अज्ञात व्यक्ति की मिलीभगत से नायब तहसीलदार की फर्जी रिपोर्ट अभियुक्त पुलिस ने बैंक प्रबंधन की शिकायत पर सभी अभियुक्तों के खिलाफ अलग अलग धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है।
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बैंक प्रबंधन की ओर से पुलिस को दी शिकायत में बताया गया है कि आरोपी इंदर सिंह बाली नगर घरौंडा, मुकेश निवासी ग्राम बल्ला, राजेंद्र सिंह निवासी ग्राम बल्ला, रामपाल निवासी ग्राम जानी, सतीश निवासी ग्राम रायपुर जाटान घरौंडा और विजय निवासी ग्राम बल्ला ने अलग अलग समय में बैंक में आए और अचल संपत्ति की जमानत पर सुरक्षित ऋ ण के लिए आवेदन किया था। सभी आरोपियों ने अपने दस्तावेज प्रस्तुत किए और गलत प्रतिनिधित्व किया कि संपत्ति पूर्व ऋ ण, ग्रहणाधिकार, दायित्व, बंधक या भार से मुक्त हैं। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि उनकी संपत्ति हरियाणा राज्य के किसी भी हिस्से में या भारत में कहीं भी किसी भी बैंक या वित्तीय संस्थानों से किसी भी प्रकार की देनदारी से मुक्त है।
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आरोपियों ने यह झूठी, नकली और जाली रिपोर्ट पेश करके बैंक से केसीसी लिमिट हासिल की। ऋ ण प्राप्त करने के बाद ऋ णी/आरोपी ने भुगतान के लिए बार-बार याद दिलाने के बावजूद बैंक को भुगतान नहीं किया। फाइल के निरीक्षण के दौरान बैंक को पता चला कि आरोपियों ने फर्जीवाड़ा करने की नीयत से जाली और फर्जी दस्तावेज तैयार किए। उन्होंने फर्जी हलफनामा पेश किए और जाली जमाबंदी तैयार की। किसी अज्ञात व्यक्ति की मिलीभगत से नायब तहसीलदार की फर्जी रिपोर्ट अभियुक्त पुलिस ने बैंक प्रबंधन की शिकायत पर सभी अभियुक्तों के खिलाफ अलग अलग धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है।
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