करनाल में चार आतंकी गिरफ्तार: भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक बरामद, पाकिस्तान में बैठे आतंकी रिंदा से जुड़े तार
आतंकियों की इनोवा बसताड़ा टोल क्रास कर मधुबन तक पहुंच चुकी थी। वहीं आरोपी करनाल पुलिस के हत्थे चढ़ गए।
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हरियाणा के करनाल में करनाल पुलिस ने गुरुवार की सुबह चार बजे इंटेलीजेंस ब्यूरो (आईबी) की सूचना पर मधुबन थाना क्षेत्र में नेशनल हाईवे (अंबाला-दिल्ली) स्थित बसताड़ा टोल प्लाजा के पास से एक इनोवा कार में चार आतंकियों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से करीब साढ़े सात किलो आईईडी (विस्फोटक सामग्री), पाकिस्तान निर्मित एक पिस्टल, मैगजीन, 31 जिंदा कारतूस, छह मोबाइल फोन और 1.30 लाख रुपये नकद बरामद किए गए हैं। ये सामग्री पाकिस्तान में बैठे आतंकी हरिवंद्र सिंह रिंदा द्वारा भेजी गई लोकेशन पर पंजाब के फिरोजपुर जिले से तेलंगाना के आदिलाबाद ले जाई जा रही थी। धरे गए चारों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से 10 दिन की रिमांड पर भेजा गया है। पुलिस उनसे लगातार पूछताछ करने में जुटी है।
करनाल के पुलिस अधीक्षक गंगाराम पूनिया ने बताया कि गुरुवार को सुबह चार बजे उन्हें एक गाड़ी में विस्फोटक सामग्री को ले जाए जाने की सूचना मिली थी। समय काफी कम था, इसलिए तत्काल कार्रवाई करते हुए उन्होंने मधुबन थाना पुलिस के साथ-साथ आसपास की डॉयल-112 की तीन गाड़ियों को बसताड़ा टोल प्लाजा पर भेजकर नाकाबंदी कराई। जैसे ही खुफिया एजेंसियों द्वारा बताए गए नंबर डीएल-1 वीबी/7869 की इनोवा कार वहां पहुंची तो पुलिस ने उसे घेर लिया। इनोवा से चार युवकों को काबू किया गया। वहीं तलाशी लेने पर इनोवा में तीन लोहे के कंटेनर मिले हैं, जिनमें आईईडी (विस्फोटक सामग्री) होने की पुष्टि हुई है। प्रत्येक का वजन करीब ढाई किलो बताया जा रहा है।
पकड़े गए आतंकियों की पहचान गुरप्रीत सिंह व उसका सगा भाई अमनदीप निवासी गांव विंजो, थाना मखु, जिला फिरोजपुर, परमिंदर निवासी गांव व थाना मखु, जिला फिरोजपुर और भूपेंद्र सिंह निवासी गांव भाटिया, जिला लुधियाना, पंजाब के रूप में हुई है। आतंकियों की गिरफ्तारी के बाद तत्काल ही बम निरोधक दस्ते (बीडीडीएस), एफएसएल टीम, डॉग स्क्वायड को मौके पर बुलाया गया। कार को सुनसान क्षेत्र में खड़ी करके रोबोटिक मशीन से कार की तलाशी ली गई। विस्फोटक को रोबोट से ही उठाकर अलग रखा गया और फिर डिफ्यूज किया गया।
एसपी ने बताया कि प्रथम दृष्टया पूछताछ में गिरफ्तार युवकों ने बताया है कि गुरुप्रीत जब लुधियाना जेल में बंद था तो उसकी मुलाकात राजबीर निवासी नांदेड़, हाल निवासी कादिया, बटाला (गुरुदासपुर) से हुई थी। उसने गुरप्रीत को पाकिस्तान में रह रहे आतंकी गतिविधियों में लिप्त हरविंद्र सिंह रिंदा निवासी नांदेड़ (महाराष्ट्र) की सिग्नल एप आईडी देकर उससे संपर्क करने को कहा था, तभी से सभी चारों एक के बाद एक रिंदा से जुड़ गए।
राजबीर ने ही काम होने के बाद पैसे देने की डील रिंदा से कराई थी। तभी से ये चारों आरोपी आतंकी गतिविधियों के लिए विस्फोटक सप्लाई का काम करने लगे। पूछताछ में सामने आया कि पहले भी दो बार विस्फोटक सामग्री बताई गई लोकेशन पर पहुंचाकर पैसे प्राप्त कर चुके हैं। एसपी ने बताया कि हरविंद्र सिंह रिंदा ने ही ड्रोन के जरिये पंजाब के फिरोजपुर जिले में गुरप्रीत से दोस्त आकाश दीप के ननिहाल वालों के खेत में विस्फोटक सामग्री व हथियार, कारतूस आदि भेजे थे। इसके बाद रिंदा ने मोबाइल एप के जरिये तेलंगाना के आदिलाबाद की लोकेशन भेजी थी। ये चारों फिरोजपुर से विस्फोटक सामग्री, कारतूस, हथियार लेकर इसी लोकेशन पर पहुंचाने जा रहे थे, उससे पहले ही करनाल पुलिस ने इन्हें विस्फोटक सामग्री सहित दबोच लिया है। धरे गए चारों आरोपियों के साथ हरविंद्र रिंदा व राजबीर के खिलाफ मधुबन थाने में रिपोर्ट दर्ज की गई है।
दिल्ली और पंजाब की खुफिया एजेंसी भी सक्रिय
करनाल के बसताड़ा टोल प्लाजा के समीप आतंकियों की गिरफ्तारी के बाद हरियाणा, पंजाब, दिल्ली की खुफिया एजेंसियां भी सक्रिय हो गई हैं। 10 दिन की रिमांड के दौरान धरे गए आरोपियों को पूछताछ और जांच के लिए पंजाब और नांदेड़ समेत अन्य राज्यों में भी ले जाया जाएगा।
ये आतंकी गतिविधियों से जुड़ा मामला है, आरडीएक्स बरामद हुआ है। चारों गिरफ्तार आरोपी सिर्फ कूरियर का काम करते हैं और बताई गई लोकेशन पर विस्फोटक सामग्री पहुंचाने जा रहे थे। पंजाब पुलिस को सूचित कर दिया गया है। खुफिया एजेंसियां सतर्क हैं। आरोपियों को न्यायालय में पेश कर 10 दिन की पुलिस रिमांड पर लिया गया है। इस दौरान पुलिस गहनता से पूछताछ और जांच पड़ताल करेगी। - सतेंद्र कुमार गुप्ता, पुलिस महानिरीक्षक करनाल।