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कोरोना से चार और ब्लैक फंगस से दो की मौत
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जिले में कोरोना के साथ ही ब्लैक फंगस भी जानलेवा साबित हो रहा है। शुक्रवार को कोरोना संक्रमण के 135 मामले सामने आए हैं और 4 संक्रमित मरीजों की जान चली गई है। वहीं ब्लैक फंगस के दो नए मरीज मिले हैं, जबकि दो की मौत हो गई। इनमें एक मरीज 55 वर्षीय गोहाना का रहने वाला था और दूसरा मरीज 56 वर्षीय चीका का रहने वाला था।
करनाल में अभी तक ब्लैक फंगस के 43 मामले सामने आ चुके हैं और इनमें से 11 मरीजों की जान चली गई है। वहीं ब्लैक फंगस के फिलहाल दवा और उपचार की व्यवस्था नाकाफी साबित हो रही है। लगातार मामले बढ़ने के बाद भी फिलहाल मेडिकल कालेज में बेड की संख्या नहीं बढ़ाई गई है, हालांकि मेडिकल कालेेज के निदेशक की ओर से इस संबंध में पहले ही पत्र भेजा जा चुका है। इसके अलावा ब्लैक फंगस के मरीजों के उपचार में प्रयोग होने वाले इंजेक्शन का भी टोटा बना हुआ है। समय रहते अगर इस पर संज्ञान नहीं लिया गया तो हालात और बिगड़ सकते हैं।
दूसरी ओर कोरोना के नए मामले कम होने और रिकवरी रेट बढ़ने से लोगों ने राहत की सांस ली है। शुक्रवार को कोरोना के जहां 135 नए मामले आए, वहीं 292 मरीजों ने महामारी को मात दी है। फिलहाल जिला का पॉजिटिविटी रेट 8.47 प्रतिशत और रिकवरी रेट 94.23 प्रतिशत तथा मृत्यु दर 1.27 प्रतिशत है। विदित हो कि अभी तक जिले में 359210 लोगों के सैंपल लिए गए हैं और इनमें से 320999 की रिपोर्ट निगेटिव आई है और 38897 पॉजिटिव हो चुके हैं। इनमें से 36653 मरीज कोरोना को मात दे चुके हैं और 1750 मरीज कोरोना से लड़ रहे हैं, जबकि 494 मरीजों की जान जा चुकी है।
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डॉक्टर भी पॉजिटिव, हलवाना में नहीं टूट रही चेन
शुक्रवार को 1906 सैंपलों की रिपोर्ट आई है। कोरोना पॉजिटिव केसों में मेडिकल कॉलेज का एक डॉक्टर, विद्यार्थी, वकील, हाउस वाइफ, इंजीनियर आदि शामिल हैं। वहीं दूसरी ओर ग्रामीण क्षेत्र में हलवाना गांव में चेन टूटने का नाम नहीं ले रही है। यहां 13 नए केस सामने आए हैं। इससे अलग गांव बड़ौता, मूनक, स्टौंडी, डिंगर माजरा, शिव कॉलोनी सहित अन्य गांव व कॉलोनी में कोरोना संक्रमित मिले हैं।
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नॉन आईसीयू 244 बेड, आईसीयू के 90 बेड खाली
उपायुक्त निशांत कुमार यादव ने बताया कि जिला में कोरोना उपचार के लिए कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज के अतिरिक्त 24 प्राइवेट अस्पतालों व सीएचसी को अधिकृत किया गया है। जिले में 479 आक्सीजन सहित नॉन एसी बेड और 226 भरे हुए हैं तथा 244 बेड खाली हैं जबकि ऑक्सीजन सहित आईसीयू बेड 267 हैं, जिनमें से 177 भरे हुए हैं तथा 90 खाली हैं।
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43 जगहों पर 4289 लोगों को लगा टीका
जिले में कोरोना वैक्सीनेशन के लिए 43 केंद्र बनाए गए थे। इनमें 4289 लाभार्थियों को टीका लगाया गया है। इनमें सबसे ज्यादा 45-59 उम्र के लाभार्थी शामिल हैं। 38 हेल्थ वर्करों ने, 275 फ्रंट लाइन वर्करों ने, 18-44 उम्र के 1690 लाभार्थियों ने 45-59 उम्र के 1736 लाभार्थियों ने व 60 से अधिक उम्र के 540 बुजुर्गों ने टीका लगवाया है। शनिवार को 45 जगहों पर वैक्सीनेशन किया जाएगा।
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वर्जन
ब्लैक फंगस को रोकने के लिए प्रशासन सजग है। कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज में उपचार के लिए अलग से 20 बेड का वार्ड बनाया गया है। राज्य सरकार द्वारा ब्लैक फंगस की बीमारी को देखते हुए अनेक कदम उठाए जा रहे हैं, किसी को पैनिक होने की जरूरत नहीं, लक्षण होने पर डाक्टरों से परामर्श लें, सभी आंखों की बीमारी फंगस नहीं होती, घबराएं नहीं बल्कि उपचार करवाएं। जिले में कोविड के केस लगातार घट रहे हैं। ब्लैक फंगस के लिए टीकों की डिमांड की गई है। जल्द ही जिले में ब्लैक फंगस के टीके मिलने शुरू हो जाएंगे।
-निशांत कुमार यादव, डीसी, करनाल।
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करनाल में अभी तक ब्लैक फंगस के 43 मामले सामने आ चुके हैं और इनमें से 11 मरीजों की जान चली गई है। वहीं ब्लैक फंगस के फिलहाल दवा और उपचार की व्यवस्था नाकाफी साबित हो रही है। लगातार मामले बढ़ने के बाद भी फिलहाल मेडिकल कालेज में बेड की संख्या नहीं बढ़ाई गई है, हालांकि मेडिकल कालेेज के निदेशक की ओर से इस संबंध में पहले ही पत्र भेजा जा चुका है। इसके अलावा ब्लैक फंगस के मरीजों के उपचार में प्रयोग होने वाले इंजेक्शन का भी टोटा बना हुआ है। समय रहते अगर इस पर संज्ञान नहीं लिया गया तो हालात और बिगड़ सकते हैं।
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दूसरी ओर कोरोना के नए मामले कम होने और रिकवरी रेट बढ़ने से लोगों ने राहत की सांस ली है। शुक्रवार को कोरोना के जहां 135 नए मामले आए, वहीं 292 मरीजों ने महामारी को मात दी है। फिलहाल जिला का पॉजिटिविटी रेट 8.47 प्रतिशत और रिकवरी रेट 94.23 प्रतिशत तथा मृत्यु दर 1.27 प्रतिशत है। विदित हो कि अभी तक जिले में 359210 लोगों के सैंपल लिए गए हैं और इनमें से 320999 की रिपोर्ट निगेटिव आई है और 38897 पॉजिटिव हो चुके हैं। इनमें से 36653 मरीज कोरोना को मात दे चुके हैं और 1750 मरीज कोरोना से लड़ रहे हैं, जबकि 494 मरीजों की जान जा चुकी है।
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डॉक्टर भी पॉजिटिव, हलवाना में नहीं टूट रही चेन
शुक्रवार को 1906 सैंपलों की रिपोर्ट आई है। कोरोना पॉजिटिव केसों में मेडिकल कॉलेज का एक डॉक्टर, विद्यार्थी, वकील, हाउस वाइफ, इंजीनियर आदि शामिल हैं। वहीं दूसरी ओर ग्रामीण क्षेत्र में हलवाना गांव में चेन टूटने का नाम नहीं ले रही है। यहां 13 नए केस सामने आए हैं। इससे अलग गांव बड़ौता, मूनक, स्टौंडी, डिंगर माजरा, शिव कॉलोनी सहित अन्य गांव व कॉलोनी में कोरोना संक्रमित मिले हैं।
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नॉन आईसीयू 244 बेड, आईसीयू के 90 बेड खाली
उपायुक्त निशांत कुमार यादव ने बताया कि जिला में कोरोना उपचार के लिए कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज के अतिरिक्त 24 प्राइवेट अस्पतालों व सीएचसी को अधिकृत किया गया है। जिले में 479 आक्सीजन सहित नॉन एसी बेड और 226 भरे हुए हैं तथा 244 बेड खाली हैं जबकि ऑक्सीजन सहित आईसीयू बेड 267 हैं, जिनमें से 177 भरे हुए हैं तथा 90 खाली हैं।
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43 जगहों पर 4289 लोगों को लगा टीका
जिले में कोरोना वैक्सीनेशन के लिए 43 केंद्र बनाए गए थे। इनमें 4289 लाभार्थियों को टीका लगाया गया है। इनमें सबसे ज्यादा 45-59 उम्र के लाभार्थी शामिल हैं। 38 हेल्थ वर्करों ने, 275 फ्रंट लाइन वर्करों ने, 18-44 उम्र के 1690 लाभार्थियों ने 45-59 उम्र के 1736 लाभार्थियों ने व 60 से अधिक उम्र के 540 बुजुर्गों ने टीका लगवाया है। शनिवार को 45 जगहों पर वैक्सीनेशन किया जाएगा।
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वर्जन
ब्लैक फंगस को रोकने के लिए प्रशासन सजग है। कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज में उपचार के लिए अलग से 20 बेड का वार्ड बनाया गया है। राज्य सरकार द्वारा ब्लैक फंगस की बीमारी को देखते हुए अनेक कदम उठाए जा रहे हैं, किसी को पैनिक होने की जरूरत नहीं, लक्षण होने पर डाक्टरों से परामर्श लें, सभी आंखों की बीमारी फंगस नहीं होती, घबराएं नहीं बल्कि उपचार करवाएं। जिले में कोविड के केस लगातार घट रहे हैं। ब्लैक फंगस के लिए टीकों की डिमांड की गई है। जल्द ही जिले में ब्लैक फंगस के टीके मिलने शुरू हो जाएंगे।
-निशांत कुमार यादव, डीसी, करनाल।