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Hindi News ›   Haryana ›   Karnal News ›   Forty years later, at a temperature of 0.2 degrees

इकतालीस साल बाद तापमान 0.2 डिग्री पर

Tue, 31 Dec 2013 12:35 AM IST
करनाल
करनाल Updated Tue, 31 Dec 2013 12:35 AM IST
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मैदानी इलाकों में हरियाणा के करनाल शहर में 30 दिसंबर सोमवार को गिरी ठंड
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ने अब तक के तमाम रिकार्ड तोड़ डाले। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार सोमवार को जबरदस्त पाला गिरा।

पाला गिरने से किसानों के खेत सफेद चादर में बदले नजर आए। सोमवार को न्यूनतम तापमान 0.2 डिग्री दर्ज किया गया। पिछले 41 साल के इतिहास में पहली बार 30 दिसंबर के दिन पाला गिरा है। पाला गिरने से पूरा क्षेत्र ठंड के कारण बुरी तरह ठिठुर गया है। पाला गिरने से काफी पौधे नष्ट हो गए। किसानों की मानें तो पाला गिरने गेहूं की फसल के लिए लाभदायक होगा। लेकिन सब्जी की फसलों विशेषकर टमाटर की फसलों पर कड़ी मार करेगा। इससे साफ है दो चार दिन निरंतर पाला गिर गया और वैज्ञानिक विधि से सकारात्मक उपाय नहीं किए गए तो निश्चित तौर पर टमाटर की खेती करने वाले सैकड़ों किसानों को करोड़ों का नुकसान झेलना पड़ सकता है।
 
पाले की तमाम हद पार
मौसम विभाग के रिकार्ड के अनुसार इस वर्ष दिसंबर महीने में दो दिन से पाला गिर रहा है। रविवार को न्यूनतम तापमान 2.6 डिग्री होने के कारण पाला कम गिरा था। लेकिन 30 दिसंबर को न्यूनतम तापमान 0.2 डिग्री पहुंचने के साथ पाले ने भी अपनी तमाम हद पार करने के साथ लोगों और खेती पर कड़ी मार दी। 30 दिसंबर को अधिकतम तापमान 18.4 डिग्री दर्ज किया गया। पिछले 41 साल के इतिहास मेें एक भी वर्ष ऐसा नहीं आया, जब 30 दिसंबर को पाला गिरा हो, या फिर न्यूनतम तापमान 0.2 डिग्री तक दर्ज किया गया हो। खास बात यह भी रही तीस दिसंबर के दिन पाले के साथ पूर्व से पश्चिम दिशा को चली 7.2 किलोमीटर की तेज रफ्तार की शीत लहरों ने पूरा दिन रुलाए रखा।

पिछले कई वर्षों में मौसम का हाल
मौसम विभाग के रिकार्ड के अनुसार करनाल में एक जनवरी 1972 को मौसम विभाग ने मौसम का डाटा एकत्रित करना प्रारंभ किया था। इस दिन से लेकर 30 दिसंबर 2013 तक करीब 41 साल के लगभग 15 हजार दिनों में कभी भी तीस दिसंबर के दिन पाला नहीं गिरा। वर्ष 2009 में 26 दिसंबर को न्यूनतम तापमान 1.9 डिग्री दर्ज किया गया। 27 दिसंबर को 2.6 डिग्री और 28 दिसंबर को 2.0 डिग्री न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया। वर्ष 2011 को जिक्र करें तो 24 दिसंबर को ही 1.8 डिग्री तापमान और 25 दिसंबर को 1.2 डिग्री न्यूनतम तापमान होने के साथ पाला गिरने का भले ही रिकार्ड रहा हो, लेकिन 30 दिसंबर को इस वर्ष में भी पाला नहीं गिरा है। करीब 40 वर्ष पूर्व 27 दिसंबर को 1.0 डिग्री तापमान होने के साथ पाला गिरने का रिकार्ड रहा है। लेकिन तीस दिसंबर को इस वर्ष भी पाला नहीं गिरा।

पाला और गिरा तो करोड़ों की टमाटर की खेती होगी बर्बाद
जिला में टमाटर की खेती करने वाले गांव दादूपुर निवासी प्रीतम सिंह, गांव गुल्लरपुर निवासी केहर सिंह, पूर्व सरपंच पिरथी सिंह, रूपचंद, नरेश और सलिंद्र के अलावा पधाना निवासी राजेंद्र कुमार के अनुसार उन लोगों ने सैकड़ों एकड़ भूमि पर टमाटर की फसल उगा रखी है। सोमवार सुबह पाला गिरने से पूरी जमीन सफेद हुई देखकर उनके होश उड़ गए। दो चार दिन पाला निरंतर गिर गया तो वह लोग बुरी तरह उजड़ जाएंगे। जिला भर के सैकड़ों टमाटर उत्पादक करोड़ों रुपये के नुकसान तले आ जाएंगे। उन लोगों के अनुसार एक एकड़ में एक सीजन में करीब तीन लाख से पांच लाख रुपये तक की फसल हो जाती है। इसका सीधा मतलब है ऐसा हुआ तो किसान करोड़ों के घाटे की मार से नहीं बच पाएंगे।

तापमान कम हो तो फसल बंपर होने की बढे़गी उम्मीद
गेहूं की खेती करने वाले किसानों में शामिल गांव अगौंध निवासी दयाराम, गांव निगदू निवासी नरेश कुमार, गांव फाजिलपुर निवासी रघुबीर, गांव खेड़ा निवासी विनोद कुमार, गांव गुल्लरपुर निवासी जगमाल, गांव सलारू निवासी चरणजीत के अनुसार पाला गिरना प्रारंभ होने के बाद गेहूं की फसल अच्छी होने की उम्मीद बढ़ती है। गेहूं की फसल को तापमान बेहद कम चाहिए। जितना तापमान कम होगा, उतना ही लाभदायक होगा। तापमान और कम हो तो गेहूं की फसल बंपर होने की उम्मीद दोगुनी बढ़ जाएगी।

सब्जियों और गेहूं को पाले से नुकसान होता है
एक दिन के पाला गिरने से कोई खास बात नहीं है। लेकिन चार पांच दिन पाला निरंतर गिरा तो सब्जियों की खेती को बुरी तरह बर्बाद हो जाएगी। गेहूं की फसल पर भी दुष्प्रभाव पडे़गा। वैज्ञानिक दृष्टि के अनुसार पाले के दौरान पाला गिरने के दौरान जमने वाली बर्फ पौधे के भीतर जाने वाले सामान्य ठंड के पानी को रोक देती है। इससे उन्हें पूरा भोजन नहीं मिल पाता है। ऐसे में दिक्कत रहती है। रात में धुंध का गिरना और दिन में मौसम साफ रहना गेहूं की फसल के लिए बेहद लाभदायक होता है।
डॉ. सुरेश गहलावत, डीडीए (करनाल)

बादल छाने और बूंदाबांदी की संभावना से इंकार नहीं

मौसम विशेषज्ञ श्याम सिंह चौहान के अनुसार सोमवार को अधिकतम तापमान 18.4 डिग्री और न्यूनतम तापमान 0.2 डिग्री दर्ज किया गया। मौसम में नमी सुबह 89 प्रतिशत और शाम के समय 37 प्रतिशत दर्ज की गई। वाष्प दाब सुबह के समय 4.7 एमएम और शाम के समय 5.9 एमएम दर्ज किया गया। अगले 24 घंटे में कहीं-कहीं बादल छाने और बूंदाबांदी होने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है।
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