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फ्लाइंग ने दो छात्रों की बनाई यूएमसी, केंद्र अधीक्षक, सुपरवाइजर ने किया विरोध
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राजकीय मॉडल संस्कृति सीनियर सेकेंडरी स्कूल के बी वन सेंटर में मंगलवार को बारहवीं कक्षा का गणित का पेपर था। करीब पौने तीन बजे केंद्र पर बोर्ड की फ्लाइंग टीम पहुंची। उन्होंने परीक्षार्थियों को उठाकर नकल की जांच की लेकिन कहीं पर्ची नहीं मिली। परीक्षा का समय बीत रहा था। इसी दौरान फ्लाइंग टीम ने एक विद्यार्थी को सीट से उठाया, जिसने अपने प्रश्नपत्र के एमक्यू प्रश्नों पर पेंसिल से टिक मार्क करके मिटा रखा था। वहीं, एक अन्य परीक्षार्थी ने अपने प्रश्नपत्र के ऑप्शन टाइप प्रश्नों पर पेन से टिक मार्क कर रखा था। इसी कारण दोनों विद्यार्थियों की टीम ने यूएमसी बना दी। वहीं, मामले में फ्लाइंग टीम के सदस्य रमनदीप ने भी मामले में शिक्षकों पर अभद्र भाषा इस्तेमाल करने के आरोप लगाए।
आरोप है कि जब सेंटर कंट्रोलर श्यामलाल ने मामले की पूरी जानकारी लेकर बिना पर्ची केस नहीं बनाने की प्रार्थना की तो टीम के अधिकारी अभद्रता करने लगे। उन्होंने कहा कि परीक्षा की समाप्ति के दौरान बच्चों को पेपर पूरा करने की जल्दी रहती है लेकिन उसी समय बच्चों को परेशान किया गया।
केंद्र सुपरवाइजर हरविंद्र कौर ने रोते हुए बताया कि जिस बच्चे का केस बनाया गया है। उसने पूरी परीक्षा के दौरान गर्दन तक ऊपर उठाकर नहीं देखा। फिर भी केस बना दिया, इसी बात का उसे दुख है। वहीं, केंद्र अधीक्षक जसबीर सिंह ने बताया कि जिन दोनों बच्चों का केस बनाया गया, उनके पास न तो कोई पर्ची थी, न वे किसी के साथ बोल रहे थे। उन्होंने प्रशासन से केस वापस लेने की मांग की।
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यह मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। जिस अधिकारी ने नकल का केस बनाया है, उन्होंने सही ही बनाया होगा। बेवजह तो यूएमसी नहीं बना सकते।
- राजपाल चौधरी, जिला शिक्षा अधिकारी
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आरोप है कि जब सेंटर कंट्रोलर श्यामलाल ने मामले की पूरी जानकारी लेकर बिना पर्ची केस नहीं बनाने की प्रार्थना की तो टीम के अधिकारी अभद्रता करने लगे। उन्होंने कहा कि परीक्षा की समाप्ति के दौरान बच्चों को पेपर पूरा करने की जल्दी रहती है लेकिन उसी समय बच्चों को परेशान किया गया।
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केंद्र सुपरवाइजर हरविंद्र कौर ने रोते हुए बताया कि जिस बच्चे का केस बनाया गया है। उसने पूरी परीक्षा के दौरान गर्दन तक ऊपर उठाकर नहीं देखा। फिर भी केस बना दिया, इसी बात का उसे दुख है। वहीं, केंद्र अधीक्षक जसबीर सिंह ने बताया कि जिन दोनों बच्चों का केस बनाया गया, उनके पास न तो कोई पर्ची थी, न वे किसी के साथ बोल रहे थे। उन्होंने प्रशासन से केस वापस लेने की मांग की।
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यह मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। जिस अधिकारी ने नकल का केस बनाया है, उन्होंने सही ही बनाया होगा। बेवजह तो यूएमसी नहीं बना सकते।
- राजपाल चौधरी, जिला शिक्षा अधिकारी