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चुनाव में काम दिलाने के नाम पर पांच लाख ठगे

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 27 May 2022 02:27 AM IST
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Five lakhs cheated in the name of getting work in elections
संवाद न्यूज एजेंसी
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करनाल। ठगों ने कुछ माह पूर्व उत्तर प्रदेश में हुए विधानसभा चुनाव के दौरान चुनाव संबंधी सामग्री का ऑर्डर दिलाने के नाम पर एक व्यक्ति से पांच लाख रुपये ठग लिए। गिरोह में एक महिला भी शामिल है जिसने खुद को चुनाव आयोग की अधिकारी बताया था। ठगी के शिकार व्यक्ति ने पुलिस अधीक्षक गंगाराम पूनिया को शिकायत देकर न्याय दिलाने की गुहार लगाई है। थाना शहर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
न्यू अशोक नगर की गली नंबर तीन निवासी सतीश शर्मा का कहना है कि उसके एक कारोबारी दोस्त दीपक के घर 26 जनवरी 2022 को दिल्ली निवासी रोबिन अरोड़ा, उसका पति कपिल अरोड़ा व इनके साथ एक और व्यक्ति आया था। कपिल अरोड़ा ने बताया कि उसकी पत्नी रोबिन अरोड़ा दिल्ली में चुनाव कार्यालय में बतौर अधीक्षक तैनात है और उसने उत्तरप्रदेश के चुनाव अधिकारियों के माध्यम से कोविड-19 से संबंधित तथा चुनाव सामग्री संबंधी वर्क ऑर्डर दिलाए हैं। 28 दिसंबर 2021 तक 60 लाख रुपये का वर्क ऑर्डर हर जिले का है। जो उसकी पत्नी ने उसे व उसके एक साथी को दिलाया है। आरोपियों ने फिरोजाबाद के निर्वाचन अधिकारी से संबंधित एक फर्जी पत्र भी दिखाया।
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सतीश शर्मा व उसका दोस्त इनके बहकावे में आ गए और उसने 50 हजार रुपये और दो दिन बाद फिर 50 हजार रुपये दे दिए। वर्क ऑर्डर के बदले इन लोगों ने अपनी 25 प्रतिशत कमीशन भी तय की। इस कार्य में उसका दोस्त भी टेंडर में हिस्सेदारी के लिए सहमत हो गया था। इसके दो-तीन दिन बाद 27 जनवरी 2022 को फिर एक लाख रुपये इनके खाते में जमा कराए। उसके बाद आरोपियों ने वह और उसके दोस्त दीपक के कई दस्तावेज व कैंसिल चेक लेकर सहारनपुर व बिजनौर के वर्क ऑर्डर के लिए आवेदन पत्र मंगवाया। उन्हें वह वर्क ऑर्डर नहीं मिले।
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आरोपी बनाते रहे दबाव
आरोपी बार-बार कहते रहे कि चुनाव कार्यालय के अधिकारी ज्यादा एडवांस कमीशन का दबाव बना रहे हैं। इन्होंने फिर हाथरस, कासगंज, पिटा, अमेठी, सुलतानपुर बस्ती, संत कबीर नगर व भाउ आदि क्षेत्रों के वर्क ऑर्डर के लिए सहमति पत्र मांगे और कहा कि इन जिलों का वर्क ऑर्डर लेने के लिए पांच लाख रुपये खाते में डालें। उन्होंने विश्वास करते हुए खाते में ये पैसे डलवा दिए। 17 फरवरी 2022 को कंपनी प्रोफाइल के नाम से एक लेटरपैड बनवा कर मंगवाया और उसी दिन शाम को वाट्सएप पर वर्क ऑर्डर भेज दिया। वह वर्क ऑर्डर फर्जी था। सतीश शर्मा का कहना है कि उसके बाद ठगों का कुछ पता नहीं है। पुलिस ने जांच का जिम्मा उपनिरीक्षक दयानंद को सौंपा है।
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