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पचपन करोड़ से जिले में बनेंगी छह आईटीआई
कैथ्ाल
Updated Sat, 14 Dec 2013 12:29 AM IST
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कैथल जिले में तकनीकी शिक्षा के प्रचार-प्रसार के लिए छह आईटीआई स्थापित की जा रही हैं, ताकि बच्चों को रोजगार के लिए भटकना न पड़े। इन आईटीआई भवनों के निर्माण पर 55 करोड़ रुपये की राशि खर्च होगी।
पूंडरी के गांव पबनावा में भी नई आईटीआई का निर्माण किया जाएगा।
यह जानकारी लोकनिर्माण एवं उद्योग मंत्री रणदीप सुरजेवाला ने राजौंद के गांव बीरबांगड़ा में बनाई जा रही आईटीआई के शिलान्यास के बाद गांव में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए दी। कैथल, कलायत और गुहला-चीका में अनुसूचित जाति के लिए अलग से औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान खोले जा रहे हैं।
इनके निर्माण पर 13 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि कैथल में राजकीय आईटीआई में छह करोड़ रुपये की लागत से अनुसूचित जाति के बच्चों को विभिन्न ट्रेड में प्रशिक्षण देने के लिए भवन का निर्माण अंतिम चरण में है। इस भवन में विभिन्न व्यावसायिक कोर्सों के लिए उपकरण पांच करोड़ रुपये की लागत से स्थापित किए जाएंगे। 10 करोड़ 88 लाख रुपये की लागत से कलायत में राजकीय आईटीआई का निर्माण करवाया जा रहा है, जो मार्च 2014 तक पूरी हो जाएगी।
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इस आईटीआई में 30 व्यावसायिक कोर्सेज खोले जाएंगे, जिसमें 500 विद्यार्थी प्रशिक्षण ग्रहण करेंगे। राजकीय आईटीआई गुहला-चीका में अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों के लिए 3.5 करोड़ रुपये की लागत से अलग से विंग का निर्माण किया जाएगा और इतनी ही राशि अल्प संख्यक विद्यार्थियों के लिए अलग से विंग पर खर्च की जाएगी। उन्होंने बताया कि राजकीय आईटीआई पूंडरी में 7 करोड़ रुपये की लागत से नए भवन का निर्माण करवाया जा रहा है। इसमें लड़कियों के लिए आईटीआई के लिए अलग से भवन की व्यवस्था की गई है।
गांव पबनावा में राजकीय आईटीआई के लिए भूमि चिन्हित कर ली गई है। इसके निर्माण पर 7 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि बीर बांगड़ा की आईटीआई के लिए पूर्व मंत्री तेजेंद्र पाल मान ने प्रयास किए थे। आज इस मौके पर उन्हें श्रद्धांजलि देते हैं। पूरे प्रदेश में ऐसे संस्थानों में केवल 50 हजार सीटें आठ वर्ष पहले होती थी, इन्हें बढ़ाकर अब डेढ़ लाख कर दिया गया है।
उन्होंने बताया कि बीरबांगड़ा की आईटीआई अगले 6 से 8 मास में पूरी हो जाएगी तब तक अगले सत्र से इस आईटीआई की कक्षाएं कैथल आईटीआई में शुरू कर दी जाएंगी। बीरबांगड़ा की आईटीआई में सभी 30 ट्रेड में एक-एक सीट गांव बीरबांगड़ा के बच्चों के लिए आरक्षित होंगी। शेरगढ़ में भी पॉलीटेक्निक कॉलेज इसी सत्र से शुरू हो जाएगा। कार्यक्रम कोे वरिष्ठ कांग्रेसी नेता रणबीर मान ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर लोक निर्माण विभाग के अधीक्षक अभियंता एसके गोयल, कैथल आईटीआई के प्रिंसिपल भूपेंद्र सिंह, पूर्व मंत्री रामभज लोधर, दिलबाग मोर, चेयरमैन दिलबाग सिंह, डॉ. श्याम साहनी, रणधीर कसान, धर्मवीर कौलेखां, सतबीर कुंडु, रामपाल चहल, अशोक जैलदार, दिलबाग ढुल, विजय शर्मा, पवन सरपंच आदि मौजूद रहे।
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पूंडरी के गांव पबनावा में भी नई आईटीआई का निर्माण किया जाएगा।
यह जानकारी लोकनिर्माण एवं उद्योग मंत्री रणदीप सुरजेवाला ने राजौंद के गांव बीरबांगड़ा में बनाई जा रही आईटीआई के शिलान्यास के बाद गांव में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए दी। कैथल, कलायत और गुहला-चीका में अनुसूचित जाति के लिए अलग से औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान खोले जा रहे हैं।
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इनके निर्माण पर 13 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि कैथल में राजकीय आईटीआई में छह करोड़ रुपये की लागत से अनुसूचित जाति के बच्चों को विभिन्न ट्रेड में प्रशिक्षण देने के लिए भवन का निर्माण अंतिम चरण में है। इस भवन में विभिन्न व्यावसायिक कोर्सों के लिए उपकरण पांच करोड़ रुपये की लागत से स्थापित किए जाएंगे। 10 करोड़ 88 लाख रुपये की लागत से कलायत में राजकीय आईटीआई का निर्माण करवाया जा रहा है, जो मार्च 2014 तक पूरी हो जाएगी।
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इस आईटीआई में 30 व्यावसायिक कोर्सेज खोले जाएंगे, जिसमें 500 विद्यार्थी प्रशिक्षण ग्रहण करेंगे। राजकीय आईटीआई गुहला-चीका में अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों के लिए 3.5 करोड़ रुपये की लागत से अलग से विंग का निर्माण किया जाएगा और इतनी ही राशि अल्प संख्यक विद्यार्थियों के लिए अलग से विंग पर खर्च की जाएगी। उन्होंने बताया कि राजकीय आईटीआई पूंडरी में 7 करोड़ रुपये की लागत से नए भवन का निर्माण करवाया जा रहा है। इसमें लड़कियों के लिए आईटीआई के लिए अलग से भवन की व्यवस्था की गई है।
गांव पबनावा में राजकीय आईटीआई के लिए भूमि चिन्हित कर ली गई है। इसके निर्माण पर 7 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि बीर बांगड़ा की आईटीआई के लिए पूर्व मंत्री तेजेंद्र पाल मान ने प्रयास किए थे। आज इस मौके पर उन्हें श्रद्धांजलि देते हैं। पूरे प्रदेश में ऐसे संस्थानों में केवल 50 हजार सीटें आठ वर्ष पहले होती थी, इन्हें बढ़ाकर अब डेढ़ लाख कर दिया गया है।
उन्होंने बताया कि बीरबांगड़ा की आईटीआई अगले 6 से 8 मास में पूरी हो जाएगी तब तक अगले सत्र से इस आईटीआई की कक्षाएं कैथल आईटीआई में शुरू कर दी जाएंगी। बीरबांगड़ा की आईटीआई में सभी 30 ट्रेड में एक-एक सीट गांव बीरबांगड़ा के बच्चों के लिए आरक्षित होंगी। शेरगढ़ में भी पॉलीटेक्निक कॉलेज इसी सत्र से शुरू हो जाएगा। कार्यक्रम कोे वरिष्ठ कांग्रेसी नेता रणबीर मान ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर लोक निर्माण विभाग के अधीक्षक अभियंता एसके गोयल, कैथल आईटीआई के प्रिंसिपल भूपेंद्र सिंह, पूर्व मंत्री रामभज लोधर, दिलबाग मोर, चेयरमैन दिलबाग सिंह, डॉ. श्याम साहनी, रणधीर कसान, धर्मवीर कौलेखां, सतबीर कुंडु, रामपाल चहल, अशोक जैलदार, दिलबाग ढुल, विजय शर्मा, पवन सरपंच आदि मौजूद रहे।