{"_id":"648789d1988421fd3c01f7a7","slug":"first-ayush-integrated-hospital-to-be-built-in-bastada-health-services-will-increase-karnal-news-c-18-knl1008-147537-2023-06-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Karnal News: बसताड़ा में बनेगा पहला आयुष एकीकृत अस्पताल, बढ़ेंगी स्वास्थ्य सेवाएं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Karnal News: बसताड़ा में बनेगा पहला आयुष एकीकृत अस्पताल, बढ़ेंगी स्वास्थ्य सेवाएं
विज्ञापन
- एक छत के नीचे होंगी सुविधाएं, राष्ट्रीय आयुष मिशन के तहत बनने वाले अस्पताल में होम्योपैथी, आयुर्वेदिक और यूनानी पद्धति से होगा इलाज
गगन तलवार
करनाल। नागरिक अस्पताल की तरह अब हरियाणा में आयुष इंटिग्रेटेड (एकीकृत) अस्पताल भी खोले जाएंगे। राष्ट्रीय आयुष मिशन के तहत इसकी शुरुआत करनाल के बसताड़ा से होने जा रही है। यहां पंचायत की ओर से निशुल्क दी जा रही तीन एकड़ जमीन पर अस्पताल का निर्माण होगा। पंचायत की ओर से प्रस्ताव पास करके जमीन के लिए आयुष विभाग को पत्र लिखा गया है। जिसे विभाग की ओर से भी मुख्यालय को स्वीकृति के लिए भेज दिया गया है।
खास बात यह है कि आयुष अस्पताल के बनने से आयुष से जुड़ी सभी पद्धति और सुविधाएं एक ही छत के नीचे आ जाएंगी। बसताड़ा में खुलने वाले अस्पताल में आयुर्वेदिक, होम्योपैथी और यूनानी पद्धति से मरीजों का इलाज किया जाएगा। इसके साथ-साथ योग के लिए भी कक्ष रहेगा। ताकि मरीजों को योगाभ्यास के माध्यम से भविष्य में स्वस्थ रहने के टिप्स भी दिए जा सकें। राष्ट्रीय आयुष मिशन हरियाणा के तहत प्रदेश भर में जिला स्तर पर 50 और खंड स्तर पर 10 बेड का अस्पताल खोले जाने की योजना है। इसकी शुरुआत कर्ण नगरी से हो रही है। बसताड़ा की पंचायत ने जमीन देते हुए इसके लिए पहल की है। अधिकारियों का दावा है कि इसी माह में स्वीकृति मिलते ही अस्पताल के भवन निर्माण के लिए कार्यवाही शुरू कर दी जाएगी। ब्यूरो
गंभीर मरीजों का भर्ती करके हो सकेगा इलाज
जिले में अभी तक आयुर्वेदिक अस्पताल नहीं है। प्रस्ताव के अनुसार, आयुष अस्पताल में शुरुआत में 10 बेड की व्यवस्था रहेगी। वर्तमान में कई बार मरीजों को पंचकर्म व अन्य थैरेपी और इलाज के लिए रोजाना ओपीडी में आना पड़ता है। अस्पताल बनने के बाद ऐसे मरीजों को दाखिल भी किया जा सकेगा। ताकि मरीज 24 घंटे विशेषज्ञ की निगरानी में रहे। इसके बाद मरीज को बेहतर इलाज भी मिलेगा।
विज्ञापन
ग्रुप डी पद पर ग्रामीण हों भर्ती
बसताड़ा गांव की तीन एकड़ जमीन ग्राम सभा में प्रस्ताव पास करके विभाग को निशुल्क दे रहे हैं। भवन निर्माण और अन्य व्यवस्था हरियाणा सरकार कराएगी। प्रस्ताव में आग्रह किया है कि अस्पताल में ग्रुप डी पद पर ग्रामीण को ही भर्ती किया जाए। ग्रामीणों के लिए अलग से व्यवस्था और इलाज निशुल्क हो।
- सुरेश कुमार, सरपंच, बसताड़ा
रोजाना है पांच हजार ओपीडी
जिले में आयुष विभाग की ग्रामीण क्षेत्रों में 29 डिस्पेंसरी, पांच आयुर्वेदिक पीएचसी और सात होम्योपैथिक सीएचसी हैं। सभी जगह की मिलाकर रोजाना करीब पांच हजार की ओपीडी होती है। सेक्टर-6 के पंचकर्म केंद्र में हर माह 500 से ज्यादा थैरेपी भी होती है। दवाएं निशुल्क दी जाती हैं।
- नरेश कुमार, चीफ फार्मासिस्ट, आयुष विभाग
बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी
आयुष अस्पताल बनने से लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिले सकेंगी। पहले अस्पताल के लिए जिले में बसताड़ा की पंचायत ने जमीन देने की पहल की है। 10 बेड के अस्पताल निर्माण के लिए प्रस्ताव मुख्यालय भेज दिया है। स्वीकृति और निर्देश आते ही आगामी कार्यवाही शुरू करेंगे।
- डॉ. सतपाल, जिला आयुर्वेदिक अधिकारी
विज्ञापन
गगन तलवार
करनाल। नागरिक अस्पताल की तरह अब हरियाणा में आयुष इंटिग्रेटेड (एकीकृत) अस्पताल भी खोले जाएंगे। राष्ट्रीय आयुष मिशन के तहत इसकी शुरुआत करनाल के बसताड़ा से होने जा रही है। यहां पंचायत की ओर से निशुल्क दी जा रही तीन एकड़ जमीन पर अस्पताल का निर्माण होगा। पंचायत की ओर से प्रस्ताव पास करके जमीन के लिए आयुष विभाग को पत्र लिखा गया है। जिसे विभाग की ओर से भी मुख्यालय को स्वीकृति के लिए भेज दिया गया है।
खास बात यह है कि आयुष अस्पताल के बनने से आयुष से जुड़ी सभी पद्धति और सुविधाएं एक ही छत के नीचे आ जाएंगी। बसताड़ा में खुलने वाले अस्पताल में आयुर्वेदिक, होम्योपैथी और यूनानी पद्धति से मरीजों का इलाज किया जाएगा। इसके साथ-साथ योग के लिए भी कक्ष रहेगा। ताकि मरीजों को योगाभ्यास के माध्यम से भविष्य में स्वस्थ रहने के टिप्स भी दिए जा सकें। राष्ट्रीय आयुष मिशन हरियाणा के तहत प्रदेश भर में जिला स्तर पर 50 और खंड स्तर पर 10 बेड का अस्पताल खोले जाने की योजना है। इसकी शुरुआत कर्ण नगरी से हो रही है। बसताड़ा की पंचायत ने जमीन देते हुए इसके लिए पहल की है। अधिकारियों का दावा है कि इसी माह में स्वीकृति मिलते ही अस्पताल के भवन निर्माण के लिए कार्यवाही शुरू कर दी जाएगी। ब्यूरो
विज्ञापन
गंभीर मरीजों का भर्ती करके हो सकेगा इलाज
जिले में अभी तक आयुर्वेदिक अस्पताल नहीं है। प्रस्ताव के अनुसार, आयुष अस्पताल में शुरुआत में 10 बेड की व्यवस्था रहेगी। वर्तमान में कई बार मरीजों को पंचकर्म व अन्य थैरेपी और इलाज के लिए रोजाना ओपीडी में आना पड़ता है। अस्पताल बनने के बाद ऐसे मरीजों को दाखिल भी किया जा सकेगा। ताकि मरीज 24 घंटे विशेषज्ञ की निगरानी में रहे। इसके बाद मरीज को बेहतर इलाज भी मिलेगा।
विज्ञापन
ग्रुप डी पद पर ग्रामीण हों भर्ती
बसताड़ा गांव की तीन एकड़ जमीन ग्राम सभा में प्रस्ताव पास करके विभाग को निशुल्क दे रहे हैं। भवन निर्माण और अन्य व्यवस्था हरियाणा सरकार कराएगी। प्रस्ताव में आग्रह किया है कि अस्पताल में ग्रुप डी पद पर ग्रामीण को ही भर्ती किया जाए। ग्रामीणों के लिए अलग से व्यवस्था और इलाज निशुल्क हो।
- सुरेश कुमार, सरपंच, बसताड़ा
रोजाना है पांच हजार ओपीडी
जिले में आयुष विभाग की ग्रामीण क्षेत्रों में 29 डिस्पेंसरी, पांच आयुर्वेदिक पीएचसी और सात होम्योपैथिक सीएचसी हैं। सभी जगह की मिलाकर रोजाना करीब पांच हजार की ओपीडी होती है। सेक्टर-6 के पंचकर्म केंद्र में हर माह 500 से ज्यादा थैरेपी भी होती है। दवाएं निशुल्क दी जाती हैं।
- नरेश कुमार, चीफ फार्मासिस्ट, आयुष विभाग
बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी
आयुष अस्पताल बनने से लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिले सकेंगी। पहले अस्पताल के लिए जिले में बसताड़ा की पंचायत ने जमीन देने की पहल की है। 10 बेड के अस्पताल निर्माण के लिए प्रस्ताव मुख्यालय भेज दिया है। स्वीकृति और निर्देश आते ही आगामी कार्यवाही शुरू करेंगे।
- डॉ. सतपाल, जिला आयुर्वेदिक अधिकारी