{"_id":"6aee3a41e6a510ae2a06ab4a","slug":"firecrackers-being-sold-without-a-license-karnal-news-c-18-knl1018-1027910-2026-11-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Karnal News: बिना लाइसेंस बिक रहे पटाखे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Karnal News: बिना लाइसेंस बिक रहे पटाखे
विज्ञापन
सेक्टर 12 के संडे बाजार में लगे पटाखों के स्टॉल। संवाद
करनाल। जिले में पटाखों की दुकान लगाने के लिए 278 आवेदन आए लेकिन प्रशासन ने एक भी लाइसेंस जारी नहीं किया है। इसके बावजूद शहर में पटाखों का बाजार सज गया है। सेक्टर-12 में बिना अनुमति स्टॉल लगाकर पटाखे बिक्री के लिए रख दिए गए हैं। पुरानी सब्जी मंडी और सचदेवा मार्केट में भी अवैध रूप से दुकानें लगाकर पटाखे बेचे जा रहे हैं। किराना और जनरल स्टोर पर भी पटाखों की बिक्री की शिकायतें सामने आ रही हैं।
एसडीएम देवेंद्र शर्मा ने बताया कि पटाखों की दुकान लगाने के लिए कोई अनुमति जारी नहीं की गई है। सेक्टर-12 में जो स्टॉल लगाए गए हैं, उनके संचालकों को चेतावनी दी गई है। यदि शनिवार को भी पटाखों की दुकानें लगी मिलीं तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
डीसी डॉ. आनंद कुमार शर्मा ने भी स्पष्ट किया कि जिले में पटाखों की बिक्री के लिए लाइसेंस जारी नहीं हुए हैं। ऐसे में कोई भी दुकानदार पटाखे नहीं बेच सकता। प्रशासन की ओर से नियमों की पालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
विज्ञापन
-- -
7 और 8 नवंबर को तय समय में ही फोड़ सकेंगे ग्रीन पटाखे
करनाल। जिला मजिस्ट्रेट डॉ. आनंद कुमार शर्मा ने प्रदूषण और स्वास्थ्य सुरक्षा को देखते हुए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत आदेश जारी किए हैं। 7 व 8 नवंबर को सुबह 6 से 7 बजे और रात 8 से 10 बजे तक ही प्रमाणित ग्रीन पटाखे फोड़ सकेंगे। 9 नवंबर से जिले में पटाखों पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
बेरियम युक्त, गैर-प्रमाणित ग्रीन पटाखे, लड़ियां और पटाखों की मालाएं प्रतिबंधित हैं। ई-कॉमर्स से पटाखों की खरीद-बिक्री भी नहीं होगी। अस्पतालों, स्वास्थ्य केंद्रों, वृद्धाश्रमों, शैक्षणिक संस्थानों और अधिसूचित साइलेंस जोन के 300 मीटर दायरे में नो-क्रैकर जोन रहेगा।
करनाल, घरौंडा, इंद्री, असंध और नीलोखेड़ी में संयुक्त टीमें बिक्री, लाइसेंस, क्यूआर कोड और प्रमाणन की जांच करेंगी। अवैध पटाखे जब्त कर कार्रवाई होगी। प्रदूषण बोर्ड 2 से 6 नवंबर, 7-8 नवंबर और 9 से 30 नवंबर तक वायु गुणवत्ता रिपोर्ट तैयार करेगा।
विज्ञापन
एसडीएम देवेंद्र शर्मा ने बताया कि पटाखों की दुकान लगाने के लिए कोई अनुमति जारी नहीं की गई है। सेक्टर-12 में जो स्टॉल लगाए गए हैं, उनके संचालकों को चेतावनी दी गई है। यदि शनिवार को भी पटाखों की दुकानें लगी मिलीं तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
डीसी डॉ. आनंद कुमार शर्मा ने भी स्पष्ट किया कि जिले में पटाखों की बिक्री के लिए लाइसेंस जारी नहीं हुए हैं। ऐसे में कोई भी दुकानदार पटाखे नहीं बेच सकता। प्रशासन की ओर से नियमों की पालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
विज्ञापन
7 और 8 नवंबर को तय समय में ही फोड़ सकेंगे ग्रीन पटाखे
करनाल। जिला मजिस्ट्रेट डॉ. आनंद कुमार शर्मा ने प्रदूषण और स्वास्थ्य सुरक्षा को देखते हुए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत आदेश जारी किए हैं। 7 व 8 नवंबर को सुबह 6 से 7 बजे और रात 8 से 10 बजे तक ही प्रमाणित ग्रीन पटाखे फोड़ सकेंगे। 9 नवंबर से जिले में पटाखों पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
बेरियम युक्त, गैर-प्रमाणित ग्रीन पटाखे, लड़ियां और पटाखों की मालाएं प्रतिबंधित हैं। ई-कॉमर्स से पटाखों की खरीद-बिक्री भी नहीं होगी। अस्पतालों, स्वास्थ्य केंद्रों, वृद्धाश्रमों, शैक्षणिक संस्थानों और अधिसूचित साइलेंस जोन के 300 मीटर दायरे में नो-क्रैकर जोन रहेगा।
करनाल, घरौंडा, इंद्री, असंध और नीलोखेड़ी में संयुक्त टीमें बिक्री, लाइसेंस, क्यूआर कोड और प्रमाणन की जांच करेंगी। अवैध पटाखे जब्त कर कार्रवाई होगी। प्रदूषण बोर्ड 2 से 6 नवंबर, 7-8 नवंबर और 9 से 30 नवंबर तक वायु गुणवत्ता रिपोर्ट तैयार करेगा।