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Hindi News ›   Haryana ›   Karnal News ›   Fire fighting plants are not working, women assistants are also missing from busesFire fighting plants are not working, women assistants are also missing from buses

Karnal News: नहीं चले अग्निशमन संयंत्र, बसों से महिला सहायक भी नदारद

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 28 Nov 2024 02:42 AM IST
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Fire fighting plants are not working, women assistants are also missing from busesFire fighting plants are not working, women assistants are also missing from buses
करनाल। करीब छह माह पहले महेंद्रगढ़ हादसे के बाद हुई जांच के दौरान जिले की स्कूल बसें दुरुस्त हो गई थी। अब जांच प्रक्रिया धीमी होते ही स्कूल संचालकों ने मनमानी शुरू कर दी है। बुधवार को हरियाणा राज्य बाल संरक्षण आयोग की टीम ने प्रशासनिक अधिकारियों के साथ डीपीएस और प्रताप पब्लिक स्कूल का औचक निरीक्षण किया।
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इस दौरान उन्हें न तो स्कूल बसों के अग्निशमन संयंत्र चालू स्थिति में मिले और न ही बसों पर महिला सहायक की तैनाती की गई थी। टीम ने ऐसी छह बसों के मौके पर ही चालान किए गए। टीम ने स्कूल प्रबंधकों को चेतावनी भी दी कि भविष्य में किसी भी बस में कोई खामी मिली तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान टीम ने दोनों स्कूलों में करीब 45 बसों की जांच की।
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आयोग के सदस्य डॉ. मांगे राम और मीना कुमारी के नेतृत्व में सुरक्षित वाहन पॉलिसी के तहत जांच की गई। जांच टीम में बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष उमेश चानना, जिला बाल संरक्षण अधिकारी रीना रानी, आरटीए निरीक्षक सुरेंद्र सैनी, दमकल विभाग से रवि, यातायात पुलिस, खंड शिक्षा अधिकारी शामिल रहे। उन्होंने बताया कि पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के आदेश अनुसार सुरक्षित स्कूल वाहन पॉलिसी लागू करवाने का निरंतर प्रयास हो रहा हैं। टीम को जांच के दौरान बस में महिला सहायक नहीं मिली। इसके अलावा बसों में अग्निशामक यंत्र खराब मिले और एक बस में फर्स्ट एड बॉक्स नहीं पाया गया। आयोग की टीम की ओर से दोनों स्कूल प्रबंधन को दो दिन के अंदर सभी खामियां दुरस्त कराने के निर्देश दिए हैं। ब्यूरो
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स्कूल वाहन चालक का पुलिस सत्यापन भी जरूरी
आयोग के सदस्य मांगे राम ने बताया कि सुरक्षित स्कूल वाहन पॉलिसी के अनुसार स्कूल बसों में जीपीएस होना अनिवार्य है। इसके अलावा स्पीड गवर्नर, सीसीटीवी कैमरा, अग्निशमन यंत्र, फर्स्ट एड बॉक्स भी होना चाहिए। वहीं स्कूल वाहन चालक की पुलिस वेरिफिकेशन, पहचान पत्र व ड्राइविंग लाइसेंस होना चाहिए। आरटीए से अनुमति प्राप्त रूट मैप, स्कूल बस का बीमा, प्रदूषण फिटनेस प्रमाणपत्र भी जरूरी है। बस में लगे सीसीटीवी कैमरों की 15 दिन की रिकॉर्डिंग और स्कूल के पास पिछले तीन महीनों की सीसीटीवी रिकॉर्डिंग होनी भी जरूरी है।
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