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Karnal News: जालसाजी कर जमीन हड़पने के आरोप में आठ के खिलाफ एफआईआर दर्ज
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माई सिटी रिपोर्टर
करनाल/इंद्री। एक महिला ने आठ लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी व जालसाजी कर कृषि भूमि हड़पने व जान से मारने की धमकी देने के आरोप लगाए हैं। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
शिकायतकर्ता पुष्पा रानी निवासी निगदू ने पुलिस अधीक्षक को दी शिकायत में बताया कि उनके स्वर्गीय पिता राम लाल गांव जपती छपरा में 9 कनाल 12 मरला कृषि भूमि के मालिक थे। पिता की मृत्यु 1997 में हो गई थी, जिसके बाद उनकी जमीन का विरासती इंतकाल वर्ष 2001 में उनके सभी वारिसों के नाम मंजूर हुआ था। भूमि की देखरेख और काश्त का कार्य उनके भाई सतीश कुमार कर रहे थे। वह और उनकी बहन निर्मल रानी अपने हिस्से की ठेके की राशि नियमित रूप से प्राप्त करती थीं। दिसंबर 2024 में जब वह ठेका राशि लेने गईं तो सतीश कुमार ने जमीन पर उनका अधिकार होने से इन्कार कर दिया।
जब उन्होंने पटवारी से रिकाॅर्ड की जांच करवाई तो पता चला कि उनका नाम हटाकर कुछ अन्य लोगों राजपाल सिंह, रण सिंह और प्रीतम सिंह का नाम पंजीकृत करवा दिया गया है। जमीन का कथित बैनामा आठ जून 2001 को वसीका के तहत किया गया। जिसके आधार पर 19 जून 2001 को इंतकाल भी मंजूर करवा लिया गया था। शिकायतकर्ता का आरोप है कि इसमें उनकी जगह पूनम रानी और उनकी बहन निर्मल रानी की जगह दर्शना रानी को खड़ा कर फर्जी हस्ताक्षर और फोटो लगाकर जाली दस्तावेज तैयार करवाए गए। इसके लिए जगीर सिंह और नंबरदार जिले सिंह की मिलीभगत का आरोप है। जब पुष्पा रानी ने इस धोखाधड़ी के बारे में आरोपियों से बात की तो उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई।
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करनाल/इंद्री। एक महिला ने आठ लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी व जालसाजी कर कृषि भूमि हड़पने व जान से मारने की धमकी देने के आरोप लगाए हैं। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
शिकायतकर्ता पुष्पा रानी निवासी निगदू ने पुलिस अधीक्षक को दी शिकायत में बताया कि उनके स्वर्गीय पिता राम लाल गांव जपती छपरा में 9 कनाल 12 मरला कृषि भूमि के मालिक थे। पिता की मृत्यु 1997 में हो गई थी, जिसके बाद उनकी जमीन का विरासती इंतकाल वर्ष 2001 में उनके सभी वारिसों के नाम मंजूर हुआ था। भूमि की देखरेख और काश्त का कार्य उनके भाई सतीश कुमार कर रहे थे। वह और उनकी बहन निर्मल रानी अपने हिस्से की ठेके की राशि नियमित रूप से प्राप्त करती थीं। दिसंबर 2024 में जब वह ठेका राशि लेने गईं तो सतीश कुमार ने जमीन पर उनका अधिकार होने से इन्कार कर दिया।
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जब उन्होंने पटवारी से रिकाॅर्ड की जांच करवाई तो पता चला कि उनका नाम हटाकर कुछ अन्य लोगों राजपाल सिंह, रण सिंह और प्रीतम सिंह का नाम पंजीकृत करवा दिया गया है। जमीन का कथित बैनामा आठ जून 2001 को वसीका के तहत किया गया। जिसके आधार पर 19 जून 2001 को इंतकाल भी मंजूर करवा लिया गया था। शिकायतकर्ता का आरोप है कि इसमें उनकी जगह पूनम रानी और उनकी बहन निर्मल रानी की जगह दर्शना रानी को खड़ा कर फर्जी हस्ताक्षर और फोटो लगाकर जाली दस्तावेज तैयार करवाए गए। इसके लिए जगीर सिंह और नंबरदार जिले सिंह की मिलीभगत का आरोप है। जब पुष्पा रानी ने इस धोखाधड़ी के बारे में आरोपियों से बात की तो उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई।
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