{"_id":"66f4bba993540379f40bafc4","slug":"fir-instructions-against-four-farmers-found-burning-stubble-karnal-news-c-18-knl1008-484359-2024-09-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Karnal News: पराली जलाते मिले चार किसानों पर एफआईआर के निर्देश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Karnal News: पराली जलाते मिले चार किसानों पर एफआईआर के निर्देश
विज्ञापन
करनाल। जिले में कटाई शुरू होते ही 31 पराली जलाने के मामले सामने आने के बाद जिला प्रशासन में खलबली मच गई है। उपायुक्त उत्तम सिंह सहित बुधवार को कई अधिकारी पराली जलने से रोकने के लिए खेतों में दौरा करते नजर आए। चार किसानों के खिलाफ उपायुक्त ने एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। बुधवार को पराली जलाने के सात मामले सामने आए।
जिले में धान की फसल कटाई शुरू होने के बाद पराली में आग लगाने के मामलों पर काबू पाना जिला प्रशासन के सामने चुनौती बना है। उपायुक्त उत्तम सिंह ने बुधवार को प्रशासनिक व कृषि विभाग के अधिकारियों के साथ जिला करनाल के कई गांवों का दौरा किया। इस दौरान उपायुक्त ने पराली जलाने के मामले में माखू माजरा के किसान इंद्र सिंह (एक एकड़), बड़ागांव के किसान जयप्रकाश ( दो एकड़), गांव संगोहा के किसान गुरनाम सिंह (एक एकड़) तथा इसी गांव के किसान जगजीत सिंह द्वारा चार एकड़ में पराली जलाते हुए पाए जाने पर इनके खिलाफ संबंधित थाना प्रभारी को एफआईआर दर्ज करवाने के आदेश दिए।
उप कृषि निदेशक डॉ. वजीर सिंह ने बताया कि सरकार की ओर से पराली में आग लगाने पर पूर्णतः रोक लगाई गई है, इसलिए किसी भी सूरत में आप पराली में आग न लगाएं, बल्कि सरकार की फसल अवशेष प्रबंधन योजना के तहत दिए जा रहे विभिन्न कृषि यंत्रों के जरिए या तो खेत में ही उनका निष्पादन करें या पराली की गांठें बनाकर उनकी बिक्री करें। खंड करनाल के गांव नेवल, बड़ागांव, माखु माजरा, रंबा, संगोहा व संगोही, खंड इंद्री के गांव समोरा व जानेसरो, खंड नीलोखेड़ी के गांव तरावड़ी व शामगढ़ में जाकर किसानों को पराली में आग न लगाने के लिए सचेत किया। इस अवसर पर उनके साथ एडीसी यश जुलका, उप कृषि निदेशक डॉ. वजीर सिंह, तहसीलदार करनाल कृष्ण सिंह, डीआईपीआरओ, जिला अग्निशमन अधिकारी के अलावा संबंधित उपमंडल के एसडीएम व थाना प्रभारी मुख्य रूप से मौजूद रहे। उपायुक्त के निर्देश पर कृषि विभाग के लिपिकवर्गीय कर्मचारियों को भी फील्ड में पहुंचकर किसानों को आग लगने से रोकने के लिए आदेश जारी कर दिए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
जिले में धान की फसल कटाई शुरू होने के बाद पराली में आग लगाने के मामलों पर काबू पाना जिला प्रशासन के सामने चुनौती बना है। उपायुक्त उत्तम सिंह ने बुधवार को प्रशासनिक व कृषि विभाग के अधिकारियों के साथ जिला करनाल के कई गांवों का दौरा किया। इस दौरान उपायुक्त ने पराली जलाने के मामले में माखू माजरा के किसान इंद्र सिंह (एक एकड़), बड़ागांव के किसान जयप्रकाश ( दो एकड़), गांव संगोहा के किसान गुरनाम सिंह (एक एकड़) तथा इसी गांव के किसान जगजीत सिंह द्वारा चार एकड़ में पराली जलाते हुए पाए जाने पर इनके खिलाफ संबंधित थाना प्रभारी को एफआईआर दर्ज करवाने के आदेश दिए।
विज्ञापन
उप कृषि निदेशक डॉ. वजीर सिंह ने बताया कि सरकार की ओर से पराली में आग लगाने पर पूर्णतः रोक लगाई गई है, इसलिए किसी भी सूरत में आप पराली में आग न लगाएं, बल्कि सरकार की फसल अवशेष प्रबंधन योजना के तहत दिए जा रहे विभिन्न कृषि यंत्रों के जरिए या तो खेत में ही उनका निष्पादन करें या पराली की गांठें बनाकर उनकी बिक्री करें। खंड करनाल के गांव नेवल, बड़ागांव, माखु माजरा, रंबा, संगोहा व संगोही, खंड इंद्री के गांव समोरा व जानेसरो, खंड नीलोखेड़ी के गांव तरावड़ी व शामगढ़ में जाकर किसानों को पराली में आग न लगाने के लिए सचेत किया। इस अवसर पर उनके साथ एडीसी यश जुलका, उप कृषि निदेशक डॉ. वजीर सिंह, तहसीलदार करनाल कृष्ण सिंह, डीआईपीआरओ, जिला अग्निशमन अधिकारी के अलावा संबंधित उपमंडल के एसडीएम व थाना प्रभारी मुख्य रूप से मौजूद रहे। उपायुक्त के निर्देश पर कृषि विभाग के लिपिकवर्गीय कर्मचारियों को भी फील्ड में पहुंचकर किसानों को आग लगने से रोकने के लिए आदेश जारी कर दिए हैं।
विज्ञापन