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डीएपी खाद के लए लाइन में भूखे-प्यासे खड़े रहे कसान
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क्षेत्र में डीएपी खाद को लेकर किसानों में आपाधापी मची हुई है। खाद नहीं मिलने के कारण तरावड़ी और आसपास के गांवों के सैकड़ों किसान परेशान हैं। कस्बे की अनाजमंडी में बने इफको के बिक्री केंद्र पर रविवार को डीएपी खाद के लिए पहुंचे कई किसानों को काफी इंतजार करने के बाद भी खाद नहीं मिली तो वे खाली हाथ ही घर लौट गए। किसानों ने प्रशासन से डीएपी खाद के उचित वितरण की व्यवस्था करने की मांग की है।
किसान हुकम सिंह, पवन कुमार बड़थल, रंजीत सिंह सौकड़ा, ओमप्रकाश ने बताया कि कई दिन तक बिक्री केंद्रों के चक्कर लगाने के बाद उन्हें खाद नहीं मिल रही है। इससे वे गेहूं बिजाई का कार्य समय पर नहीं कर पा रहे। रविवार को अनाज मंडी स्थित इफको केंद्र पर किसानों की लंबी कतार लग गई। कई किसान भूखे-प्यासे लाइन में डटे रहे और काफी देर तक इंतजार करने के बाद भी खाद से वंचित रह गए।
हरीशचंद्र व जसवंत सिंह ने कहा कि गेहूं व आलू की बिजाई के लिए उन्हें समय पर डीएपी खाद नहीं मिल रही। वे खाद लेने के लिए सुबह से भूखे-प्यासे कतार में लगे रहे, लेकिन उन्हें शाम तक एक बैग भी खाद नहीं मिला। जब उनकी बारी आई तो यह कह दिया कि खाद खत्म हो चुका है। उन्होंने कहा कि आलू की बिजाई के लिए मौसम और समय दोनों अनुकूल होने के बावजूद किसान मायूस हैं। रबी सीजन की मुख्य फसलों में आलू, गेहूं व सरसों है। जिसमें में किसान आलू की नकदी फसल के तौर पर खेती करता है। अधिकतर किसान आलू का खेत तैयार करके खाद के लिए एक सप्ताह से इंतजार कर रहे हैं।
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उनके पास करीब 1960 बैग डीएपी खाद आया था। प्रत्येक किसान को पांच-पांच बैग दे रहे हैं। जैसे ही और खाद आएगा उसका वितरण कर दिया जाएगा। खाद की कोई कमी नहीं है। उन्होंने किसानों से अपील की कि अपनी जरूरत के मुताबिक खाद की खरीद करें। बेवजह खाद का स्टॉक न करें। उन्होंने किसानों को आश्वस्त करते हुए कहा कि बहुत जल्द डीएपी खाद के और रैक आएंगे। जिसके बाद खाद की कोई कोई कमी नहीं रहेगी। लिहाजा किसान जरूरत के हिसाब से ही डीएपी की खरीद करें।
- जयप्रकाश कादियान, प्रभारी, इफको केंद्र।
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किसान हुकम सिंह, पवन कुमार बड़थल, रंजीत सिंह सौकड़ा, ओमप्रकाश ने बताया कि कई दिन तक बिक्री केंद्रों के चक्कर लगाने के बाद उन्हें खाद नहीं मिल रही है। इससे वे गेहूं बिजाई का कार्य समय पर नहीं कर पा रहे। रविवार को अनाज मंडी स्थित इफको केंद्र पर किसानों की लंबी कतार लग गई। कई किसान भूखे-प्यासे लाइन में डटे रहे और काफी देर तक इंतजार करने के बाद भी खाद से वंचित रह गए।
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हरीशचंद्र व जसवंत सिंह ने कहा कि गेहूं व आलू की बिजाई के लिए उन्हें समय पर डीएपी खाद नहीं मिल रही। वे खाद लेने के लिए सुबह से भूखे-प्यासे कतार में लगे रहे, लेकिन उन्हें शाम तक एक बैग भी खाद नहीं मिला। जब उनकी बारी आई तो यह कह दिया कि खाद खत्म हो चुका है। उन्होंने कहा कि आलू की बिजाई के लिए मौसम और समय दोनों अनुकूल होने के बावजूद किसान मायूस हैं। रबी सीजन की मुख्य फसलों में आलू, गेहूं व सरसों है। जिसमें में किसान आलू की नकदी फसल के तौर पर खेती करता है। अधिकतर किसान आलू का खेत तैयार करके खाद के लिए एक सप्ताह से इंतजार कर रहे हैं।
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उनके पास करीब 1960 बैग डीएपी खाद आया था। प्रत्येक किसान को पांच-पांच बैग दे रहे हैं। जैसे ही और खाद आएगा उसका वितरण कर दिया जाएगा। खाद की कोई कमी नहीं है। उन्होंने किसानों से अपील की कि अपनी जरूरत के मुताबिक खाद की खरीद करें। बेवजह खाद का स्टॉक न करें। उन्होंने किसानों को आश्वस्त करते हुए कहा कि बहुत जल्द डीएपी खाद के और रैक आएंगे। जिसके बाद खाद की कोई कोई कमी नहीं रहेगी। लिहाजा किसान जरूरत के हिसाब से ही डीएपी की खरीद करें।
- जयप्रकाश कादियान, प्रभारी, इफको केंद्र।