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Karnal News: रैपिड रेल के लिए दोबारा होगा फिजिबिलिटी सर्वे
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- छह माह में आकलन करके पैसेंजर लोड जांचेगी सरकार, रेल पानीपत तक रहेगी या करनाल आएगी फिर लिया जाएगा निर्णय
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। रैपिड मेट्रो रेल को लेकर केंद्र सरकार की ओर से दोबारा फिजिबिलिटी सर्वे कराया जाएगा। इसमें यह आकलन किया जाएगा कि रेल से यात्रा करने वाले यात्रियों का लोड कितना रहेगा। अगले छह माह में इस सर्वे को लेकर प्रक्रिया शुरू होगी। इसके बाद ही यह निर्णय होगा कि रैपिड रेल करनाल तक आएगी या पानीपत तक रहेगी।
क्योंकि पानीपत तक रैपिड रेल का प्रोजेक्ट मंजूर हो चुका है। करनाल पहुंचे केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने कहा कि जब मैं मुख्यमंत्री था तो उस समय में करनाल तक के लिए मेट्रो प्रोजेक्ट लगाया हुआ है। अब उसकी फिजिबिलिटी दोबारा करवाई जाएगी, क्योंकि पैसेंजर लोड का आकलन होता है। लोड का आकलन नहीं होगा तो कल को जब ट्रेन चलती है तो उतना पैसेंजर लोड भी होना चाहिए, जितनी क्षमता के लिए रेल चलाई गई है। यदि ऐसा नहीं होता है तो नुकसान होता है। एक बार प्रोजेक्ट के बारे में जानकारी ली जाएगी, अगर सर्वे नहीं हुआ होगा, तो साल या छह महीने बाद फिर से फिजिबिलिटी जांच दोबारा करवाई जाएगी।
2021 में हुई थी ड्रोन मैपिंग
अब से पहले वर्ष 2020 में करनाल तक रैपिड रेल के प्रोजेक्ट लाने की घोषणा हुई थी और इसे मंजूरी भी मिल चुकी थी। इसके बाद 2021 में ड्रोन मैपिंग कर करनाल तक का रूट तय करते हुए उन जगह को चिह्नित किया गया, जहां एलिवेटेड ट्रैक के लिए पिलर, स्टेशन और डिपो बनाए जा सकते हैं। इस दौरान लैंड टेस्टिंग का कार्य भी शुरू हुआ था। उस समय बताया गया था कि करनाल जिले में तीन स्टेशन बनाए जाएंगे।
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जिले में यहां स्टेशन बनाने तय
प्रोजेक्ट में दिल्ली से लेकर करनाल तक 17 स्टेशन बनाए जाने की योजना थी। करनाल जिले में तीन स्टेशन होंगे। अंतिम स्टेशन बलड़ी के नजदीक बनाया जाएगा। इससे पहले एक स्टेशन घरौंडा और दूसरा ऊंचा समाना के नजदीक निर्धारित किया गया था। इसके अलावा रेल लाइन कहां-कहां से निकलती हुई अंतिम स्टेशन तक पहुंचेगी। इसके लिए ड्रोन मैपिंग में जगह तय की गई थी।
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माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। रैपिड मेट्रो रेल को लेकर केंद्र सरकार की ओर से दोबारा फिजिबिलिटी सर्वे कराया जाएगा। इसमें यह आकलन किया जाएगा कि रेल से यात्रा करने वाले यात्रियों का लोड कितना रहेगा। अगले छह माह में इस सर्वे को लेकर प्रक्रिया शुरू होगी। इसके बाद ही यह निर्णय होगा कि रैपिड रेल करनाल तक आएगी या पानीपत तक रहेगी।
क्योंकि पानीपत तक रैपिड रेल का प्रोजेक्ट मंजूर हो चुका है। करनाल पहुंचे केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने कहा कि जब मैं मुख्यमंत्री था तो उस समय में करनाल तक के लिए मेट्रो प्रोजेक्ट लगाया हुआ है। अब उसकी फिजिबिलिटी दोबारा करवाई जाएगी, क्योंकि पैसेंजर लोड का आकलन होता है। लोड का आकलन नहीं होगा तो कल को जब ट्रेन चलती है तो उतना पैसेंजर लोड भी होना चाहिए, जितनी क्षमता के लिए रेल चलाई गई है। यदि ऐसा नहीं होता है तो नुकसान होता है। एक बार प्रोजेक्ट के बारे में जानकारी ली जाएगी, अगर सर्वे नहीं हुआ होगा, तो साल या छह महीने बाद फिर से फिजिबिलिटी जांच दोबारा करवाई जाएगी।
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2021 में हुई थी ड्रोन मैपिंग
अब से पहले वर्ष 2020 में करनाल तक रैपिड रेल के प्रोजेक्ट लाने की घोषणा हुई थी और इसे मंजूरी भी मिल चुकी थी। इसके बाद 2021 में ड्रोन मैपिंग कर करनाल तक का रूट तय करते हुए उन जगह को चिह्नित किया गया, जहां एलिवेटेड ट्रैक के लिए पिलर, स्टेशन और डिपो बनाए जा सकते हैं। इस दौरान लैंड टेस्टिंग का कार्य भी शुरू हुआ था। उस समय बताया गया था कि करनाल जिले में तीन स्टेशन बनाए जाएंगे।
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जिले में यहां स्टेशन बनाने तय
प्रोजेक्ट में दिल्ली से लेकर करनाल तक 17 स्टेशन बनाए जाने की योजना थी। करनाल जिले में तीन स्टेशन होंगे। अंतिम स्टेशन बलड़ी के नजदीक बनाया जाएगा। इससे पहले एक स्टेशन घरौंडा और दूसरा ऊंचा समाना के नजदीक निर्धारित किया गया था। इसके अलावा रेल लाइन कहां-कहां से निकलती हुई अंतिम स्टेशन तक पहुंचेगी। इसके लिए ड्रोन मैपिंग में जगह तय की गई थी।