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बेटी की हत्या में पिता को आजीवन कारावास
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संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। बेटी (19 वर्ष) की हत्या के दोषी पिता को जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। घटना 10 दिसंबर 2018 को गांव बाहरी में हुई थी, जबपिता ने बेटी की कैंची घोंपकर हत्या कर दी थी। मामले में दादा की ओर से अपने ही बेटे के खिलाफ पुलिस में शिकायत दी गई थी।
उप जिला न्यायवादी सुभाष चंद ने बताया कि 10 दिसंबर 2018 को गांव बाहरी निवासी राजकुमार ने अपने ही बेटे राजेश के खिलाफ पुलिस को शिकायत दी थी, जिसमें कैंची घोंपकर पोती की हत्या का आरोप लगाया गया था। शिकायत में बताया गया था कि उक्त तिथि को वह बेटे राजेश कुमार के घर पर गया था। दरवाजा खटखटाने पर काफी देर बाद राजेश बाहर आया। उस समय उसके कपड़ों पर खून लगा था, जिसे देखकर वे सहम गये। जब उन्होंने पूछताछ की तो बेटा राजेश धक्का देकर फरार हो गया। घर के अंदर जाकर देखा तो खून से लथपथ पोती बेसुध पड़ी थी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने उसी दिन हत्यारोपी राजेश को गिरफ्तार कर लिया था। अदालत में सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता भी पुलिस को दी गई शिकायत और बयानों से मुकर गया, लेकिन पुलिस की जांच और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर जिला एवं सत्र न्यायाधीश मोहित अग्रवाल की अदालत ने बेटी की हत्या में पिता को दोषी करार दिया और आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
खाना देने से मना करने पर की थी हत्या
उप जिला न्यायवादी सुभाष चंद ने बताया कि मृतक युवती डोली असंध स्थित कॉलेज में बीबीए की पढ़ाई कर रही थी। बताया गया कि घटना के दिन पिता राजेश कुमार बेटी से खाना मांग रहा था, लेकिन उसने खाना देने से इंकार कर दिया। इसके बाद गुस्से में आकर उसने कैंची से वार कर बेटी की हत्या कर दी थी।
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करनाल। बेटी (19 वर्ष) की हत्या के दोषी पिता को जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। घटना 10 दिसंबर 2018 को गांव बाहरी में हुई थी, जबपिता ने बेटी की कैंची घोंपकर हत्या कर दी थी। मामले में दादा की ओर से अपने ही बेटे के खिलाफ पुलिस में शिकायत दी गई थी।
उप जिला न्यायवादी सुभाष चंद ने बताया कि 10 दिसंबर 2018 को गांव बाहरी निवासी राजकुमार ने अपने ही बेटे राजेश के खिलाफ पुलिस को शिकायत दी थी, जिसमें कैंची घोंपकर पोती की हत्या का आरोप लगाया गया था। शिकायत में बताया गया था कि उक्त तिथि को वह बेटे राजेश कुमार के घर पर गया था। दरवाजा खटखटाने पर काफी देर बाद राजेश बाहर आया। उस समय उसके कपड़ों पर खून लगा था, जिसे देखकर वे सहम गये। जब उन्होंने पूछताछ की तो बेटा राजेश धक्का देकर फरार हो गया। घर के अंदर जाकर देखा तो खून से लथपथ पोती बेसुध पड़ी थी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने उसी दिन हत्यारोपी राजेश को गिरफ्तार कर लिया था। अदालत में सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता भी पुलिस को दी गई शिकायत और बयानों से मुकर गया, लेकिन पुलिस की जांच और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर जिला एवं सत्र न्यायाधीश मोहित अग्रवाल की अदालत ने बेटी की हत्या में पिता को दोषी करार दिया और आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
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खाना देने से मना करने पर की थी हत्या
उप जिला न्यायवादी सुभाष चंद ने बताया कि मृतक युवती डोली असंध स्थित कॉलेज में बीबीए की पढ़ाई कर रही थी। बताया गया कि घटना के दिन पिता राजेश कुमार बेटी से खाना मांग रहा था, लेकिन उसने खाना देने से इंकार कर दिया। इसके बाद गुस्से में आकर उसने कैंची से वार कर बेटी की हत्या कर दी थी।
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