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निसिंग, नीलोखेड़ी व घरौंडा में किसानों ने किया प्रदर्शन
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संवाद न्यूज एजेंसी
निसिंग। भाकियू के बैनर तले किसानों ने सोमवार को निसिंग उप तहसील में प्रदर्शन किया। किसानों ने नारेबाजी करते हुए नायब तहसीलदार शैली मलिक को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
खंड प्रधान गुलजार सिंह ने मांग करते हुए कहा कि सरकार शामलात भूमि से लोगों को बेदखल न करे। इससे काफी घर उजड़ जाएंगे। शामलात जमीनों को पंचायती जमीन करार दे दिया था लेकिन जिसके खिलाफ हाईकोर्ट में केस डाला गया था। उस केस में किसान जीत गए थे सरकार ने उस केस को सुप्रीम कोर्ट में डाल दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सरकार के हक में दे दिया। अब सरकार ने किसानों को नोटिस पहुंचा दिए हैं।
उन्होंने कहा कि इन जमीनों पर किसान आजादी से पहले से काबिज हैं और आजादी के बाद भी हुई पहली चकबंदी के बाद किसानों ने कोर्ट केस जीतकर अपने नाम तकसीम करवाई है। ये जमीनें बहुत बार खरीदी-बेची जा चुकी हैं। इस भूमि पर मकान, दुकान, फैक्ट्रियां बनाई हुई हैं। अंग्रेजों के समय किसानों ने जंगल काटकर इन जमीनों को कृषि योग्य बनाया था। इस मौके पर खेत मजदूर यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष जगमाल सिंह, भाकियू सदस्य कुलदीप सिंह बब्बर, हरमन सिंह, सरदार महेंद्र सिंह, नवाब सिंह, जस्सा सिंह, सतवंत सिंह, जगमीत सिंह, कुलबीर सिंह व अरविंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।
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निसिंग। भाकियू के बैनर तले किसानों ने सोमवार को निसिंग उप तहसील में प्रदर्शन किया। किसानों ने नारेबाजी करते हुए नायब तहसीलदार शैली मलिक को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
खंड प्रधान गुलजार सिंह ने मांग करते हुए कहा कि सरकार शामलात भूमि से लोगों को बेदखल न करे। इससे काफी घर उजड़ जाएंगे। शामलात जमीनों को पंचायती जमीन करार दे दिया था लेकिन जिसके खिलाफ हाईकोर्ट में केस डाला गया था। उस केस में किसान जीत गए थे सरकार ने उस केस को सुप्रीम कोर्ट में डाल दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सरकार के हक में दे दिया। अब सरकार ने किसानों को नोटिस पहुंचा दिए हैं।
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उन्होंने कहा कि इन जमीनों पर किसान आजादी से पहले से काबिज हैं और आजादी के बाद भी हुई पहली चकबंदी के बाद किसानों ने कोर्ट केस जीतकर अपने नाम तकसीम करवाई है। ये जमीनें बहुत बार खरीदी-बेची जा चुकी हैं। इस भूमि पर मकान, दुकान, फैक्ट्रियां बनाई हुई हैं। अंग्रेजों के समय किसानों ने जंगल काटकर इन जमीनों को कृषि योग्य बनाया था। इस मौके पर खेत मजदूर यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष जगमाल सिंह, भाकियू सदस्य कुलदीप सिंह बब्बर, हरमन सिंह, सरदार महेंद्र सिंह, नवाब सिंह, जस्सा सिंह, सतवंत सिंह, जगमीत सिंह, कुलबीर सिंह व अरविंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।
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