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Karnal News: धान खरीद न होने से भड़के किसानों का धरना
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- लघु सचिवालय के सामने ट्रैक्टर-ट्रॉली समेत पहुंचे, जताया रोष
संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। भारतीय किसान यूनियन सर छोटूराम के बैनर तले कई किसान संगठनों ने मंगलवार को लघु सचिवालय के सामने धरना देकर धान खरीद न होने पर रोष जताया। किसान धरना स्थल पर धान से भरी ट्रैक्टर ट्राॅली लेकर पहुंचे थे।
किसानों का आरोप है कि पहले सरकार ने 23 सितंबर से धान की खरीद करने का वादा किया था। किसान मंडियों में धान लेकर पहुंच गए मगर उनकी धान नहीं खरीदी गई। इसके बाद सरकार ने एक अक्तूबर से खरीद शुरू करने की बात कही, लेकिन फिर किसानों के साथ धोखा हुआ। भाकियू सर छोटूराम के प्रवक्ता बहादुर मेहला बलड़ी ने कहा कि आज लघु सचिवालय के सामने धरना देकर किसानों ने रोष जताया। किसान प्रतिनिधि उपायुक्त से मिलने पहुंचे।
इसके बाद अतिरिक्त उपायुक्त व जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक ने धरना स्थल पर पहुंचकर किसानों से कहा कि दो अक्तूबर से धान की खरीद सुचारू कर दी जाएगी। इधर किसान नेताओं ने चेताया कि अगर बुधवार से उनका धान नहीं खरीदा गया तो किसान बड़ा फैसला लेंगे। किसान नेताओं ने कहा कि उनकी धान की फसल पिछले आठ-10 दिनों से मंडियों में पड़ी है। सरकार ने धान खरीदना शुरू नहीं किया, इससे किसान चिंता में हैं, क्योंकि धान खराब हो रही है। मौसम की मार की आशंका भी बनी हुई है। सरकार ने जो एमएसपी तय की है उस रेट पर राइस मिलर धान खरीदने को तैयार नहीं हो रहे। रेट बहुत कम लगाया जा रहा है। फसलों का लागत मूल्य लगातार बढ़ता जा रहा है, लेकिन बिक्री मूल्य में भारी गिरावट हो रही है। किसान नेताओं ने कहा कि सरकार हर वर्ष किसानों को गुमराह करने का काम करती है। किसानों को आंदोलन के लिए मजबूर किया जा रहा है। इस मौके पर बहादुर मेहला बलड़ी, जगदीप ओलख, सुखविंद्र झब्बर, छत्रपाल सिंधड़, राममेहर नंबरदार, जोश गिल, परमजीत प्रधान, अमृतपाल बुग्गा, वरिंद्र डाचर, हैप्पी ओलख, तखविंद्र सिंह दरड़ सहित काफी संख्या में किसान मौजूद रहे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। भारतीय किसान यूनियन सर छोटूराम के बैनर तले कई किसान संगठनों ने मंगलवार को लघु सचिवालय के सामने धरना देकर धान खरीद न होने पर रोष जताया। किसान धरना स्थल पर धान से भरी ट्रैक्टर ट्राॅली लेकर पहुंचे थे।
किसानों का आरोप है कि पहले सरकार ने 23 सितंबर से धान की खरीद करने का वादा किया था। किसान मंडियों में धान लेकर पहुंच गए मगर उनकी धान नहीं खरीदी गई। इसके बाद सरकार ने एक अक्तूबर से खरीद शुरू करने की बात कही, लेकिन फिर किसानों के साथ धोखा हुआ। भाकियू सर छोटूराम के प्रवक्ता बहादुर मेहला बलड़ी ने कहा कि आज लघु सचिवालय के सामने धरना देकर किसानों ने रोष जताया। किसान प्रतिनिधि उपायुक्त से मिलने पहुंचे।
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इसके बाद अतिरिक्त उपायुक्त व जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक ने धरना स्थल पर पहुंचकर किसानों से कहा कि दो अक्तूबर से धान की खरीद सुचारू कर दी जाएगी। इधर किसान नेताओं ने चेताया कि अगर बुधवार से उनका धान नहीं खरीदा गया तो किसान बड़ा फैसला लेंगे। किसान नेताओं ने कहा कि उनकी धान की फसल पिछले आठ-10 दिनों से मंडियों में पड़ी है। सरकार ने धान खरीदना शुरू नहीं किया, इससे किसान चिंता में हैं, क्योंकि धान खराब हो रही है। मौसम की मार की आशंका भी बनी हुई है। सरकार ने जो एमएसपी तय की है उस रेट पर राइस मिलर धान खरीदने को तैयार नहीं हो रहे। रेट बहुत कम लगाया जा रहा है। फसलों का लागत मूल्य लगातार बढ़ता जा रहा है, लेकिन बिक्री मूल्य में भारी गिरावट हो रही है। किसान नेताओं ने कहा कि सरकार हर वर्ष किसानों को गुमराह करने का काम करती है। किसानों को आंदोलन के लिए मजबूर किया जा रहा है। इस मौके पर बहादुर मेहला बलड़ी, जगदीप ओलख, सुखविंद्र झब्बर, छत्रपाल सिंधड़, राममेहर नंबरदार, जोश गिल, परमजीत प्रधान, अमृतपाल बुग्गा, वरिंद्र डाचर, हैप्पी ओलख, तखविंद्र सिंह दरड़ सहित काफी संख्या में किसान मौजूद रहे।
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