{"_id":"60ea0b248ebc3ee5984d4a4e","slug":"farmers-have-two-options-for-27-acres-of-land-karnal-news-knl76055519","type":"story","status":"publish","title_hn":"27 एकड़ जमीन के लिए किसानों को दो विकल्प","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
27 एकड़ जमीन के लिए किसानों को दो विकल्प
विज्ञापन
करनाल। मुख्यमंत्री की घोषणा के लगभग छह साल बाद करनाल में हवाई अड्डे विस्तार के परियोजना पर फरवरी में काम शुरू हुआ लेकिन 27 एकड़ जमीन ने परियोजना को अटका दिया है। जिन किसानों की यह जमीन है, उनसे अधिग्रहण के संबंध में हुई बातचीत के बावजूद रास्ता नहीं निकला। परियोजना के लिए जरूरी इस जमीन के लिए अब प्रशासन ने किसानों के सामने नोटिस जारी कर दो विकल्प रखे हैं। इनमें पहला, जमीन देने के लिए कलेक्टर रेट से ढाई गुना ज्यादा दाम वे ले सकते हैं या दूसरे विकल्प में उन्हें जमीन के बदले जमीन मिलेगी। यह जमीन पंचायती जमीन में से दी जाएगी। दोनों में एक विकल्प किसानों को चुनना होगा।
परियोजना के लिए कलवेहड़ी के किसानों की 38 एकड़ जमीन की रजिस्ट्री भी हो चुकी है, लेकिन इसके अतिरिक्त 27 एकड़ जमीन की और जरूरत है। इस पर किसानों से सहमति न बनने पर मार्च में शुरू होनी वाली इस परियोजना की चार माह से डीपीआर भी तैयार नहीं हो पाई है। जीटी बेल्ट के सभी जिलों को लाभ देने के लिए सीएम मनोहर लाल ने नई सरकार बनने के बाद 8 नवंबर 2014 को नेवल हवाई पट्टी का विस्तार कर हवाई अड्डा बनाने की घोषणा की थी लेकिन अधिकारियों की सुस्ती के कारण छह साल में इस घोषणा पर कार्य ही शुरू नहीं हो पाया।
नाइट लैंडिंग के अलावा, छोटे-मध्यम विमान भी उतरेंगे
परियोजना में करनाल हवाई अड्डे पर रनवे का विस्तार 3000 फुट से बढ़ाकर 5000 फुट किया जाना है। इसके बाद हवाई अड्डे पर छोटे और मध्यम विमान उतर सकेंगे। जमीन का उपयोग पार्किंग, बेसिंग और लाइट एमआरओ के लिए होगा। सीएम ने इस बार के बजट में नेवल हवाई अड्डे पर नाइट लैंडिंग की भी घोषणा की है। कुल 172 एकड़ 3 कनाल 16 मरला जमीन चाहिए। इसमें से 106 एकड़ 6 कनाल 14 मरला हरियाणा सरकार की जमीन है। करीब 38 एकड़ जमीन ई भूमि पोर्टल पर सहमति जताते हुए किसानों ने दे दी है। 27 एकड़ भूमि की और जरूरत है।
विज्ञापन
यह है दाम
विकास परियोजनाओं के लिए स्वेच्छा से दी गई भूमि की खरीद के लिए नीति के अनुसार, 87.25 लाख प्रति एकड़ सड़क पर (2 एकड़ तक) और 82.25 लाख प्रति एकड़ दाम अन्य कृषि भूमि के लिए निर्धारित है। इसी आधार पर जमीन का भुगतान किया जाएगा।
अभी सिर्फ लाइसेंस और ट्रेनिंग संबंधित कार्य होते हैं
हरियाणा इंस्टीट्यूट ऑफ सिविल एविएशन करनाल की कलवेहड़ी रोड पर नेवल हवाई पट्टी में विज्ञान संकाय से 12वीं उत्तीर्ण विद्यार्थी को कामर्शियल पायलट लाइसेंस के लिए 200 घंटे की फ्लाइंग करवाई जाती है। यह लाइसेंस डायरेक्टर जनरल ऑफ सिविल एविएशन दिल्ली से बनता है। प्रशिक्षण के लिए टू सीटर सेशना-152 व फोर सीटर सेशना-172 क्राफ्ट हैं। इसके अलावा एनसीसी एयर विंग के बच्चे भी अभ्यास करते हैं।
27 एकड़ जमीन को लेकर पेंच फंसा है। किसानों को हरियाणा कंसॉलिडेशन ऑफ प्रोजेक्ट लैंड एक्ट के तहत नोटिस जारी कर जमीन देने के लिए कहा गया है। एक सप्ताह में जमीन लेने की प्रक्रिया पूरी कर लेंगे। इसके बाद नागरिक उड्डयन विभाग द्वारा एक विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की जाएगी। करनाल एयरपोर्ट परियोजना के विस्तार से हरियाणा राज्य में निवेश और आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा। -निशांत कुमार यादव, डीसी करनाल।
विज्ञापन
परियोजना के लिए कलवेहड़ी के किसानों की 38 एकड़ जमीन की रजिस्ट्री भी हो चुकी है, लेकिन इसके अतिरिक्त 27 एकड़ जमीन की और जरूरत है। इस पर किसानों से सहमति न बनने पर मार्च में शुरू होनी वाली इस परियोजना की चार माह से डीपीआर भी तैयार नहीं हो पाई है। जीटी बेल्ट के सभी जिलों को लाभ देने के लिए सीएम मनोहर लाल ने नई सरकार बनने के बाद 8 नवंबर 2014 को नेवल हवाई पट्टी का विस्तार कर हवाई अड्डा बनाने की घोषणा की थी लेकिन अधिकारियों की सुस्ती के कारण छह साल में इस घोषणा पर कार्य ही शुरू नहीं हो पाया।
विज्ञापन
नाइट लैंडिंग के अलावा, छोटे-मध्यम विमान भी उतरेंगे
परियोजना में करनाल हवाई अड्डे पर रनवे का विस्तार 3000 फुट से बढ़ाकर 5000 फुट किया जाना है। इसके बाद हवाई अड्डे पर छोटे और मध्यम विमान उतर सकेंगे। जमीन का उपयोग पार्किंग, बेसिंग और लाइट एमआरओ के लिए होगा। सीएम ने इस बार के बजट में नेवल हवाई अड्डे पर नाइट लैंडिंग की भी घोषणा की है। कुल 172 एकड़ 3 कनाल 16 मरला जमीन चाहिए। इसमें से 106 एकड़ 6 कनाल 14 मरला हरियाणा सरकार की जमीन है। करीब 38 एकड़ जमीन ई भूमि पोर्टल पर सहमति जताते हुए किसानों ने दे दी है। 27 एकड़ भूमि की और जरूरत है।
विज्ञापन
यह है दाम
विकास परियोजनाओं के लिए स्वेच्छा से दी गई भूमि की खरीद के लिए नीति के अनुसार, 87.25 लाख प्रति एकड़ सड़क पर (2 एकड़ तक) और 82.25 लाख प्रति एकड़ दाम अन्य कृषि भूमि के लिए निर्धारित है। इसी आधार पर जमीन का भुगतान किया जाएगा।
अभी सिर्फ लाइसेंस और ट्रेनिंग संबंधित कार्य होते हैं
हरियाणा इंस्टीट्यूट ऑफ सिविल एविएशन करनाल की कलवेहड़ी रोड पर नेवल हवाई पट्टी में विज्ञान संकाय से 12वीं उत्तीर्ण विद्यार्थी को कामर्शियल पायलट लाइसेंस के लिए 200 घंटे की फ्लाइंग करवाई जाती है। यह लाइसेंस डायरेक्टर जनरल ऑफ सिविल एविएशन दिल्ली से बनता है। प्रशिक्षण के लिए टू सीटर सेशना-152 व फोर सीटर सेशना-172 क्राफ्ट हैं। इसके अलावा एनसीसी एयर विंग के बच्चे भी अभ्यास करते हैं।
27 एकड़ जमीन को लेकर पेंच फंसा है। किसानों को हरियाणा कंसॉलिडेशन ऑफ प्रोजेक्ट लैंड एक्ट के तहत नोटिस जारी कर जमीन देने के लिए कहा गया है। एक सप्ताह में जमीन लेने की प्रक्रिया पूरी कर लेंगे। इसके बाद नागरिक उड्डयन विभाग द्वारा एक विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की जाएगी। करनाल एयरपोर्ट परियोजना के विस्तार से हरियाणा राज्य में निवेश और आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा। -निशांत कुमार यादव, डीसी करनाल।