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Karnal News: किसानों ने मंडी गेट किया बंद
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संवाद न्यूज एजेंसी
निसिंग। अनाज मंडी में धान की सरकारी खरीद शुरू न होने से गुस्साए किसानों ने मंगलवार को मार्केट कमेटी कार्यालय के सामने पुलिस प्रशासन की मौजूदगी में सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर गेट को रस्सी से बांध कर बंद कर दिया। जिससे आवागमन बंद हो गया। किसानों के हंगामे के बाद खरीद एजेंसी ने कुछ धान खरीदकर उन्हें शांत किया।
भारतीय किसान यूनियन जिला प्रधान गुलजार सिंह, मेवा सिंह, सागर, किसान रमेश चौचडा, राजेश, शिवकुमार, गोल्डी, मुल्तान सिंह, बघेल सिंह, कुन्दन सिंह, बुट्टा सिंह, कुलविद्र सिंह ने बताया कि निसिंग अनाज मंडी धान में हजारों क्विंटल धान पहुंचने पर धान की खरीद नहीं की जा रही। किसान मेवा सिंह ने कहा कि किसानों की धान खेतों में पक कर तैयार है। कई दिनों से सरकारी फरमान होने के बावजूद खरीद नहीं हो रही है।
अब तक मंडी में हजारों क्विंटल धान की आवक हो चुकी है। किसान बुट्टा सिंह व कुलविद्र सिंह ने बताया कि सरकारी खरीद शुरू न होने के कारण मंडी में केवल प्राइवेट शैलर मालिक ही मनमाने दामों पर धान खरीद कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कई बार तो व्यापारी धान की साफ सुथरी व सुखी धान की ढेरी को भी नमी युक्त बताकर खरीदने से मना कर देते हैं, ताकि किसान फसल को औने-पौने दामों में बेचने को मजबूर हो जाएं। किसानों की ओर से मंडी कार्यालय गेट पर मंगलवार दोपहर को कई घंटे तक गेट पर रस्सी लगाए जाने पर हैफेड की ओर से चार ढेरियां जिसमें करीब 110 क्विंटल पीआर धान की खरीद की गई।
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पीआर किस्म धान पी-114 एवं 126 सहित अन्य हाइब्रिड किस्म धान खेतों में पककर तैयार है। अनाज मंडी में मंगलवार को पहले दिन धान खरीद एजेंसी हैफेड की ओर से सरकारी खरीद शुरू की गई। जिसमें 110 क्विंटल धान की खरीद की गई। इसका मुख्य कारण राइस मिलरों के मंडियों में नहीं आने, एजेंसियों के पास खरीद की तैयारियां पूरी नहीं होना माना जा रहा है, क्योंकि राइस मिलर 1509 धान तो खरीद रहे हैं लेकिन पीआर धान नहीं खरीद रहे हैं। कई दिनों से किसान धान लेकर मंडियों में इंतजार कर रहे हैं। मंगलवार को किसानों की ओर से धरना प्रदर्शन करने पर खरीद एजेंसी हैफेड की ओर से चार ढेरियों से महज 110 क्विंटल धान खरीदा गया। धान में अधिक नामी होने के कारण खरीद एजेंसियों के पास तो पहले से ही खरीदा गया धान रखने की जगह नहीं है, न ही कोई अन्य व्यवस्था है, इसलिए वह धान में नमी अधिक बताकर खरीद से बच रही हैं।
पकी फसल लेकर आएं
हैफेड खरीद एजेंसी निरीक्षक दर्शन सिंह ने किसानों को आश्वासन देते हुए कहा कि जो धान मानकों के अनुसार नमीयुक्त है। उसे सरकारी एजेंसियां खरीद रही हैं। किसान पकी फसल को लेकर मंडी में लाएं ताकि धान खरीद की जा सके।
समस्या का करेंगे समाधान
मार्केट कमेटी सचिव गौरव आर्य ने किसानों को आश्वासन दिया कि किसानों को अनाज मंडी में किसी भी प्रकार की समस्या नहीं होगी। सभी किसानों से अपील है कि किसान पक्की व सूखी फसल को लेकर मंडी में लाए ताकि धान खरीद करने में समस्या न हो। उन्होंने बताया कि राइस मिलर की मांगों को लेकर सरकार गंभीर है।
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निसिंग। अनाज मंडी में धान की सरकारी खरीद शुरू न होने से गुस्साए किसानों ने मंगलवार को मार्केट कमेटी कार्यालय के सामने पुलिस प्रशासन की मौजूदगी में सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर गेट को रस्सी से बांध कर बंद कर दिया। जिससे आवागमन बंद हो गया। किसानों के हंगामे के बाद खरीद एजेंसी ने कुछ धान खरीदकर उन्हें शांत किया।
भारतीय किसान यूनियन जिला प्रधान गुलजार सिंह, मेवा सिंह, सागर, किसान रमेश चौचडा, राजेश, शिवकुमार, गोल्डी, मुल्तान सिंह, बघेल सिंह, कुन्दन सिंह, बुट्टा सिंह, कुलविद्र सिंह ने बताया कि निसिंग अनाज मंडी धान में हजारों क्विंटल धान पहुंचने पर धान की खरीद नहीं की जा रही। किसान मेवा सिंह ने कहा कि किसानों की धान खेतों में पक कर तैयार है। कई दिनों से सरकारी फरमान होने के बावजूद खरीद नहीं हो रही है।
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अब तक मंडी में हजारों क्विंटल धान की आवक हो चुकी है। किसान बुट्टा सिंह व कुलविद्र सिंह ने बताया कि सरकारी खरीद शुरू न होने के कारण मंडी में केवल प्राइवेट शैलर मालिक ही मनमाने दामों पर धान खरीद कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कई बार तो व्यापारी धान की साफ सुथरी व सुखी धान की ढेरी को भी नमी युक्त बताकर खरीदने से मना कर देते हैं, ताकि किसान फसल को औने-पौने दामों में बेचने को मजबूर हो जाएं। किसानों की ओर से मंडी कार्यालय गेट पर मंगलवार दोपहर को कई घंटे तक गेट पर रस्सी लगाए जाने पर हैफेड की ओर से चार ढेरियां जिसमें करीब 110 क्विंटल पीआर धान की खरीद की गई।
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पीआर किस्म धान पी-114 एवं 126 सहित अन्य हाइब्रिड किस्म धान खेतों में पककर तैयार है। अनाज मंडी में मंगलवार को पहले दिन धान खरीद एजेंसी हैफेड की ओर से सरकारी खरीद शुरू की गई। जिसमें 110 क्विंटल धान की खरीद की गई। इसका मुख्य कारण राइस मिलरों के मंडियों में नहीं आने, एजेंसियों के पास खरीद की तैयारियां पूरी नहीं होना माना जा रहा है, क्योंकि राइस मिलर 1509 धान तो खरीद रहे हैं लेकिन पीआर धान नहीं खरीद रहे हैं। कई दिनों से किसान धान लेकर मंडियों में इंतजार कर रहे हैं। मंगलवार को किसानों की ओर से धरना प्रदर्शन करने पर खरीद एजेंसी हैफेड की ओर से चार ढेरियों से महज 110 क्विंटल धान खरीदा गया। धान में अधिक नामी होने के कारण खरीद एजेंसियों के पास तो पहले से ही खरीदा गया धान रखने की जगह नहीं है, न ही कोई अन्य व्यवस्था है, इसलिए वह धान में नमी अधिक बताकर खरीद से बच रही हैं।
पकी फसल लेकर आएं
हैफेड खरीद एजेंसी निरीक्षक दर्शन सिंह ने किसानों को आश्वासन देते हुए कहा कि जो धान मानकों के अनुसार नमीयुक्त है। उसे सरकारी एजेंसियां खरीद रही हैं। किसान पकी फसल को लेकर मंडी में लाएं ताकि धान खरीद की जा सके।
समस्या का करेंगे समाधान
मार्केट कमेटी सचिव गौरव आर्य ने किसानों को आश्वासन दिया कि किसानों को अनाज मंडी में किसी भी प्रकार की समस्या नहीं होगी। सभी किसानों से अपील है कि किसान पक्की व सूखी फसल को लेकर मंडी में लाए ताकि धान खरीद करने में समस्या न हो। उन्होंने बताया कि राइस मिलर की मांगों को लेकर सरकार गंभीर है।