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Karnal News: बारदाना व गेहूं तौल की गड़बड़ी में उलझे किसान
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माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। अनाज मंडियों में गेहूं की आवक एक बार फिर तेज हो गई है। ऐसे में किसानों को अपनी फसल की बिक्री का इंतजार करना पड़ रहा है। वहीं बारदाने की कमी से उठान धीमी और आढ़तियों की ओर से गेहूं को अतिरिक्त तौलने से किसान परेशान नजर आ रहा है। इधर, तीन दिन की कार्रवाई के बाद प्रशासन भी नरम पड़ गया है। ऐसे में किसानों की चिंता बढ़ी है।
विदित हो कि करनाल, घरौंडा, घीड़ और कुंजपुरा की मंडियों में गेहूं अतिरिक्त तौलने का मामला सामने आ चुका है। किसान यूनियन के बाद मुख्यमंत्री उड़नदस्ते और मार्केट कमेटी की ओर से भी कार्रवाई की गई। कई आढ़तियों के लाइसेंस निलंबित करने के बाद जुर्माना भी लगाया गया। लेकिन यह खेल थम नहीं रहा है। भारतीय किसान यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष रतनमान का कहना है कि प्रशासन ने शुरुआत में तेजी दिखाई, अब कार्रवाई फिर थम गई है। सभी आढ़तियों की जांच होनी चाहिए।
इधर, हालात यह है कि जिले में करीब 7.18 लाख मीट्रिक टन गेहूं की आवक विभिन्न परचेज सेंटरों व मंडियों में हुई। जिसमें से खाद्य आपूर्ति विभाग द्वारा 378992 मीट्रिक टन, हैफेड द्वारा 277378 मीट्रिक टन और हरियाणा वेयर हाउसिंग द्वारा 23553 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया। ऐसे में करीब 30 हजार एमटी गेहूं अभी भी मंडियों में पड़ा हुआ है, जिसकी बिक्री का किसानों को इंतजार है।
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वहीं उठान की स्थिति देखें तो अभी तक 40 फीसदी गेहूं का ही उठान हो पाया है। आरोप है कि विभागों या उठान एजेंसियों के प्रतिनिधि भी पहले अपने चहेते आढ़तियों के पास से गेहूं का उठान करा रहे हैं। ऐसे में अन्य लोग परेशान हैं। उनकी पास ढेरियां लगी हुई हैं।
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करनाल। अनाज मंडियों में गेहूं की आवक एक बार फिर तेज हो गई है। ऐसे में किसानों को अपनी फसल की बिक्री का इंतजार करना पड़ रहा है। वहीं बारदाने की कमी से उठान धीमी और आढ़तियों की ओर से गेहूं को अतिरिक्त तौलने से किसान परेशान नजर आ रहा है। इधर, तीन दिन की कार्रवाई के बाद प्रशासन भी नरम पड़ गया है। ऐसे में किसानों की चिंता बढ़ी है।
विदित हो कि करनाल, घरौंडा, घीड़ और कुंजपुरा की मंडियों में गेहूं अतिरिक्त तौलने का मामला सामने आ चुका है। किसान यूनियन के बाद मुख्यमंत्री उड़नदस्ते और मार्केट कमेटी की ओर से भी कार्रवाई की गई। कई आढ़तियों के लाइसेंस निलंबित करने के बाद जुर्माना भी लगाया गया। लेकिन यह खेल थम नहीं रहा है। भारतीय किसान यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष रतनमान का कहना है कि प्रशासन ने शुरुआत में तेजी दिखाई, अब कार्रवाई फिर थम गई है। सभी आढ़तियों की जांच होनी चाहिए।
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इधर, हालात यह है कि जिले में करीब 7.18 लाख मीट्रिक टन गेहूं की आवक विभिन्न परचेज सेंटरों व मंडियों में हुई। जिसमें से खाद्य आपूर्ति विभाग द्वारा 378992 मीट्रिक टन, हैफेड द्वारा 277378 मीट्रिक टन और हरियाणा वेयर हाउसिंग द्वारा 23553 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया। ऐसे में करीब 30 हजार एमटी गेहूं अभी भी मंडियों में पड़ा हुआ है, जिसकी बिक्री का किसानों को इंतजार है।
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वहीं उठान की स्थिति देखें तो अभी तक 40 फीसदी गेहूं का ही उठान हो पाया है। आरोप है कि विभागों या उठान एजेंसियों के प्रतिनिधि भी पहले अपने चहेते आढ़तियों के पास से गेहूं का उठान करा रहे हैं। ऐसे में अन्य लोग परेशान हैं। उनकी पास ढेरियां लगी हुई हैं।