फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Karnal News ›   Farmers are angry due to implementation of new agricultural marketing market policy

Karnal News: नई कृषि विपणन बाजार नीति लागू होने से किसानों में रोष

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 09 Mar 2025 01:00 AM IST
विज्ञापन
Farmers are angry due to implementation of new agricultural marketing market policy
- 11 मार्च को हरियाणा के सभी जिलों में होगा प्रदर्शन
विज्ञापन

संवाद न्यूज एजेंसी
इंद्री। भारतीय किसान यूनियन की बैठक किसान भवन इंद्री में हुई। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा मंडियों का अस्तित्व खत्म करने की है। केंद्र सरकार द्वारा बनाई गई कृषि विपणन बाजार नीति उन्हीं तीन कानूनों का प्रारूप है जिनका किसानों ने भारी विरोध किया। यह बैठक हलका प्रधान दिलावर सिंह की अध्यक्षता में हुई।
उन्होंने कहा कि इस नीति के विरोध में 11 मार्च को हरियाणा के सभी जिलों में जिला उपायुक्त को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा। उन्होंने कहा कि 11 मार्च को किसान करनाल में पुरानी कचहरी के पास इकट्ठा होकर प्रदर्शन करते हुए लघु सचिवालय में पहुंचकर उपायुक्त को मुख्यमंत्री के नाम का ज्ञापन देंगे व इस नीति को वापस लेने की मांग करेंगे।
विज्ञापन

बैठक में भारतीय किसान यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष रतन मान ने किसानों की समस्याओं पर विचार-विमर्श किया। रतन मान ने कहा कि यदि कृषि विपणन बाजार नीति लागू हो गई तो मंडियां खत्म हो जाएंगी और फसलों की खरीद पूरी तरह से पूंजीपतियों के हाथों में चली जाएगी। यदि मंडी खत्म हो गई तो किसान बर्बाद हो जाएगा। उन्होंने कहा कि कृषि विपणन नीति लागू हुई तो किसानों को अपनी फसल को कॉरपोरेट खरीदारों के पास लेकर जाना पड़ेगा और कंपनियां फसल का भाव तय करेंगी जिससे किसानों को फसल के पूरे दाम नही मिलेंगे ।
विज्ञापन
विज्ञापन

उन्होंने कहा कि सरकार ने आज तक एमएसपी खरीद की गारंटी का कानून नहीं बनाया है जिससे किसानों को नुकसान हो रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा एमएसपी खरीद की गारंटी वाला कानून बनाया जाना चाहिए ताकि किसानों को फसलों के पूरे दाम मिल सकें। पिकाडली शुगर मिल भादसों की ओर से किसानों की खड़ी बकाया पेमेंट को लेकर रतन मान ने कहा कि नियमानुसार किसानों के गन्ने की फसल का भुगतान 14 दिन में करना होता है लेकिन भादसों शुगर मिल की पेमेंट को एक महीने से ज्यादा हो गया है। उन्होंने कहा कि यदि शीघ्र ही भादसों शुगर मिल ने किसानों की बकाया पेमेंट नहीं दी तो वे कोई बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगे। इस मौके पर मेहताब कादयान, सलिंदर सांगवान, साहब सिंह, नरेंद्र धूमसी तेजेंद्र सिंह, नाथीराम कांबोज, श्याम सिंह धनोरा, जगमाल डबकौली, सतबीर व लक्खा सिंह मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed