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Karnal News: सरकार ने किया ब्याज माफ पर किसान नाराज

Sat, 24 Feb 2024 02:37 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल Updated Sat, 24 Feb 2024 02:37 AM IST
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Farmers angry over government waiving interest
माई सिटी रिपोर्टर
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करनाल। किसानों के आंदोलन के बीच भले ही सरकार ने किसानों के कर्ज पर ब्याज और जुर्माने को माफ करके राहत दी हो लेकिन किसान इस राहत से खुश नहीं हैं। उनका कहना है कि सरकार से कर्ज माफी की हमारी मांग थी। इधर, शिक्षा और परिवहन के बजट में बेहतर प्रावधान होने से हर वर्ग सराहा रहा है। रोडवेज के बेड़े में सुधार के निर्णयों का स्वागत किया है।
अमर उजाला कार्यालय में प्रदेश सरकार के बजट के बाद शुक्रवार को संवाद कार्यक्रम का आयोजन हुआ। इस दौरान किसान नेता, कर्मचारी, शिक्षक और व्यापार जगत से जुड़े लोगों ने अपने विचार रखे। सभी ने बजट पर अपनी-अपनी राय दी। किसी ने बजट को विकास की दृष्टि से शानदार बताया तो वहीं कर्मचारी यूनियनों के पदाधिकारियों ने मांगों की अनदेखी से निराशाजनक बताया। ब्यूरो
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किसानों को फसलों के वाजिब दाम चाहिए
भारतीय किसान यूनियान के प्रदेशाध्यक्ष रतनमान ने कहा कि बजट में हरियाणा के पांच लाख 47 हजार किसानों के कर्ज के ब्याज व पेनल्टी माफी की घोषणा की गई है। यह घोषणा कोई नई घोषणा नहीं है यह तो पिछली सरकारों के राज में भी होता आ रहा है। किसान को केवल उनकी फसलों का वाजिब दाम चाहिए उस पर एमएसपी निर्धारण होना चाहिए। किसान भीख नहीं मांगता वह फसलों के रेट निर्धारण के लिए अपने हक की लड़ाई लड़ रहा है। सरकार को एमएसपी पर कानून बनाना था लेकिन इस बजट में इसका को जिक्र भी नहीं है। ब्याज छूट की कोई मांग नहीं थी फिर भी सरकार इस प्रकार की घोषणा करके वाहवाही लूटी।
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सरकार का नेटवर्किंग सिस्टम कमजोर
हरियाणा सरकार ने बजट में पंचायत स्तर पर डिजिटल कनेक्टिविटी में सुधार करने की बात कर रही है। भाकियू के प्रदेश प्रभारी मेहताब कादियान ने कहा कि सरकार का यह नेटवर्किंग सिस्टम बिल्कुल कमजोर है। सरकार की जनकल्याण हित में जो भी वेबसाइट चाहे सरल, ई-दिशा, मेरी फसल, मेरा ब्यौरा या फिर पंचायत का रिकार्ड ऑनलाइन करने की बात हो यह सब एक ढकोसला मात्र है। ऑनलाइन के नाम पर लोगों को गुमराह किया जा रहा है। सरकार की कोई भी वेबसाइट सही तरीके से नहीं चलती। बजट में सौर उर्जा पंप स्थानित करने का लक्ष्या रखा गया है। इस योजना के आवेदन के लिए वह पिछले पांच माह से सरल पोर्टल चलने की बाट देख रहे है। यह मात्र घोषणाएं है धरातल पर कुछ नहीं।
बजट में पुरानी पेंशन बहाली का जिक्र नहीं
सरकार ने हरियाणा कौशल रोजगार निगम के तहत एक साल से लगे कर्मचारियों को पक्के करने का इस बजट में वादा किया है। सर्व कर्मचारी संघ के जिला प्रधान सुशील गुर्जर ने कहा कि संघ की केवल दो ही मांग है कच्चे कर्मचारियों को पक्का किया जाए और नई पेंशन नीति को खत्म करके पुरानी पेंशन योजना बहाल की जाए। इस ओर सरकार का कोई ध्यान नहीं है, प्रदेश में एचकेआरएन बिल्कुल बंद होना चाहिए। यह कच्चे कर्मचारियों के हितों का हनन है। जब कोई भी कर्मचारी एचकेआरएन में लगता है तो उससे उसी समय उन नियम शर्तों पर हस्ताक्षार करवा लिए जाते हैं कि वह कभी भी पक्का होने के लिए दावा नहीं करेगा। ऐसे में सरकार का बजट में पक्का करने का दावा बिल्कुल गलत है, यह वोट लेने का तरीका है।
सरकारी विद्यालयों में ई-पुस्तकालय खोलना अनूठी पहल
सरकार के शिक्षा संबंधी बजट के संदर्भ में शिक्षक कृष्ण निर्माण ने कहा कि हरियाणा सरकार के अंतरिम बजट में आदर्श संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों में ई-पुस्तकालय खोलना एक अच्छी पहल है। निपुण हरियाणा मिशन प्रदेश में ग्रेड तीन स्तर पर लागू करना भी सरकार की अनूठी पहल है। इस सत्र में इसमें चार व पांच ग्रेड शामिल करके योजना का विस्तार किया जाएगा। शिक्षा के क्षेत्र में विस्तार के लिए अध्यापकों की नियमित भर्ती की जानी चाहिए, पढ़ाई के लिए समय सीमा तय होनी चाहिए और अतिथि अध्यापक, अतिरिक्त व गैर शैक्षिणक सभी तरह के अध्यापकों को पक्का करके उनकी जिम्मेवारी तय होनी चाहिए।
छात्रों की अलग बस का प्रावधान हो
हरियाणा सरकार के बजट को लेकर विद्यार्थी एवं बजरंग दल के प्रखंड स्वयंसेवक अंकित ने कहा कि सरकार की ओर से बजट में छात्रों के लिए परिवहन व्यवस्था को हर खंड तक किए जाने का जिक्र है। यह छात्रों के हित में अच्छी शुरूआत है लेकिन जब तक छात्रों की बसों को सामान्य यात्रियों की बसों से अलग नहीं किया जाता है तो दोनों में झगड़ा रहेगा। रोडवेज कर्मचारी छात्रों की अपेक्षा आम यात्री को पहले बिठाता है। छात्र व छात्राओं के लिए अलग से बस व्यवस्था होनी चाहिए ताकि छात्रों का इसका सही लाभ मिल सके। बजट में रेल परियोजना का विस्तार सरकार की बड़ी कामयाबी है। यह काफी पुरानी मांग भी रही है।
नया कर न लगने से व्यापारियों को राहत
समाजसेवी जगदीप शर्मा ने कहा कि कृषि उपकरणों पर इतना भारी टैक्स वसूला जा रहा है कि सरकार को नया टैक्स लगाने की कोई जरूरत ही नहीं। सरकार जब टैक्स लगा ही नहीं रही तो वसूल क्यों रही है। मौजूदा सरकार केवल पूंजीपतियों व साहूकारों के ही कर्जे माफ कर रही है। व्यापारी वर्ग को नया कर न लगने से कुछ राहत जरूर मिली है। परिवहन में इलैक्ट्रिक बसों में लाकर प्रदूषण नियंत्रण की दिशा में बड़ा कदम है। शहरी बस सेवा की भी जरूरत थी, इससे लोगों को अच्छा और सुगम सफर मिलेगा। महंगाई नियंत्रण पर कुछ नहीं किया गया है।
सोलर सिस्टम को बढ़ावा देना समय की जरूरत
बजट में 5805 गांवों में 24 घंटे बिजली आपूर्ति देने का वादा किया गया है। व्यापारी व गौरक्षा जिला प्रमुख संदीप राणा का कहना है कि अच्छा कदम है। हालांकि बिजली कट से लोगों को दिक्कत झेलनी पड़ती है। सोलर सिस्टम लगाने पर सबसिडी देने की बात भी की गई है। यह अच्छी पहल है, केंद्र और राज्य सरकार इसे बढ़ावा दे रही है। बिजली की कमी को इस तरह से पूरा किया जा सकता है। बिजली दरों को कम करने की ओर से सरकार ने ध्यान नहीं दिया। इस पर भी विचार होना चाहिए था, तभी आमजन की जेब का आर्थिक बोझ कम होता। बुजुर्गों के लिए भी काफी कुछ सरकार ने किया है।

नकली खाद व बीज पर सरकार का कोई ध्यान नहीं
भारतीय किसान यूनियन सर छोटू राम समूह के प्रदेश प्रवक्ता बहादुर मैहला ने प्रदेश सरकार के बजट के विषय में कहा कि यह सरकार किसान के हित में नहीं है। कृषि के साथ-साथ उसके साथ जुडे किसानों के व्यवसाय जैसे पशुपालन, मछली पालन व खुंबी लगाने पर लोन पर कोई अतिरिक्त सब्सिडी का बजट में कोई जिक्र नहीं है। बाजार में नकली बीज व खाद बिक रहा है इस पर सरकार का कोई ध्यान नहीं है। यह सरकार किसान, कर्मचारी विरोधी तथा जनहित विरोधी है। यह केवल पूंजीपतियों को ही लाभ दे सकती है। परिवहन सेवाओं को मजबूत करने का निर्णय सरकार का सराहनीय है। शिक्षा क्षेत्र में ई-पुस्तकालय होना भी जरूरी है।
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