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Karnal News: धान घोटाले में किसान यूनियनों ने उठाए सवाल, की कड़ी कार्रवाई की मांग

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 01 Jan 2026 02:39 AM IST
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Farmer unions raise questions about the paddy scam and demand strict action.
माई सिटी रिपोर्टर
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करनाल। घरौंडा की अनाज मंडी से 2.56 करोड़ रुपये का एक और धान घोटाला व असंध में करीब 39.24 करोड़ रुपये के फर्जीवाड़े की शिकायत होने के बाद किसान यूनियनें भी मुखर हो गई हैं। उन्होंने भी सरकार और जिला प्रशासन पर सवाल उठाए हैं। कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

एसीबी की टीमें घरौंडा की अनाज मंडी से भ्रष्टाचार करने वाले आरोपी अधिकारियों और राइस मिल संचालकों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही हैं। राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की जांच में वर्ष 2022-2023 में घरौंडा मंडी से 11,628 क्विंटल धान का फर्जी तौर पर खरीद और फरोख्त सामने आई। तत्कालीन मंडी सचिव नरेश मान, डीएफएससी निरीक्षक संदीप कुमार, ट्रांसपोर्टर सुखदेव एवं कंपनी न्यू वजीर चंद कॉलोनी और घरौंडा की चार राइस मिल गिरीराज ओवरसीज कैमला रोड, रिधि सिद्धी ओवरसीज कुटेल, नंदलाल ओवरसीज और लक्ष्मी राइस मिल के संचालकों ने मिलकर अंजाम दिया। एसीबी ने इन सभी के खिलाफ केस दर्ज किया है।
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निष्पक्ष जांच हो तो और भी घोटाले मिलेंगे : मैहला
भारतीय किसान यूनियन सर छोटूराम के प्रवक्ता बहादुर मैहला बलड़ी ने कहा कि सरकार के संरक्षण में अधिकारियों, व्यापारियों और आढ़तियों ने बड़े-बड़े घोटालों को अंजाम दिया है। अगर मामलों में निष्पक्ष जांच की जाए तो करनाल की और मंडियों में भी घोटालों का पर्दाफाश हो जाएगा। घोटालेबाज अधिकारियों को बार-बार अनाज मंडी में खरीद में ड्यूटी लगाना इसकी भी निष्पक्षता से जांच होनी चाहिए।
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हर जिले में खुल रही हैं धान घोटाले की परतें : मान

भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष रतन मान ने आरोप लगाया कि साल 2025 में धान, बाजरा और मूंग की फसलों में हुए हजारों करोड़ रुपये के घोटालों ने किसानों की रीढ़ तोड़ दी, जबकि सरकार और राजनीतिक दल मूकदर्शक बने रहे। यह धान घोटाला इतना बड़ा और संगठित है कि इसने पूर्व के सभी बड़े घोटालों को पीछे छोड़ दिया है। हजारों करोड़ रुपये किसानों की मेहनत की फसल के नाम पर लूट लिए गए।
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