फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Karnal News ›   Farmer leaders gave a message of unity after the attitude of Chadhuni

चढ़ूनी के तेवर के बाद किसान नेताओं ने दिया एकता का संदेश

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 08 Sep 2021 02:29 AM IST
विज्ञापन
Farmer leaders gave a message of unity after the attitude of Chadhuni
करनाल। किसान महापंचायत को लेकर मंगलवार को देशभर के किसानों व सियासतदारों की निगाहें करनाल पर टिकी रहीं। वहीं भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत, संयुक्त किसान मोर्चा व भाकियू (चढ़ूनी) के प्रमुख गुरनाम सिंह चढ़ूनी के बीच दूरियों की चर्चा भी होती रही। घरौंडा की महापंचायत के मंच पर राकेश टिकैत के नहीं पहुंचने की सूचना से भी ऐसी बातों को बल मिला, लेकिन गुरनाम सिंह चढ़ूनी द्वारा आहूत करनाल किसान महापंचायत में राकेश टिकैत, संयुक्त किसान मोर्चा के योगेंद्र यादव, बलबीर राजेवाल आदि नेताओं ने पहुंचकर किसान एकता का संदेश देने का प्रयास किया।
विज्ञापन

किसानों पर लाठीचार्ज तो 28 अगस्त को हुआ था, जिसके विरोध स्वरूप 30 अगस्त को घरौंडा नई अनाज मंडी में किसान महापंचायत बुलाई गई थी। महापंचायत से एक दिन पहले तो क्षेत्र में भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत आए लेकिन महापंचायत में नहीं दिखे। संयुक्त किसान मोर्चा से भी कोई राष्ट्रीय स्तर का नेता नहीं पहुंचा। महापंचायत को गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने संभाला। इसी महापंचायत में तीन बड़े निर्णय लिए गए। पहला लाठीचार्ज करने के आरोपी एसडीएम व पुलिस अफसरों के खिलाफ केस दर्ज कर बर्खास्त किया जाए, दूसरा दिवंगत किसान सुशील काजल के परिजनों को 25 लाख व लाठीचार्ज में घायल किसानों को दो दो लाख का मुआवजा और तीसरा यदि इन मांगों को छह सितंबर तक पूरा नहीं किया गया तो किसान सात सितंबर को करनाल में महापंचायत करके लघु सचिवालय के बेमियादी घेराव करेंगे।
विज्ञापन

इसी महापंचायत के शुरुआती दौर में ही गुरनाम सिंह चढ़ूनी के शब्दों में संयुक्त किसान मोर्चा के प्रति गुस्सा भी दिखा था। उन्होंने यहां तक कहा था कि अब हरियाणा के लोग और लठ नहीं खाएंगे, संयुक्त किसान मोर्चा कोई शीघ्र ठोस निर्णय ले, अन्यथा हरियाणा को माफ करे। उनके तेवरों व महापंचायत में राकेश टिकैत व संयुक्त मोर्चा के केंद्रीय नेतृत्व की दूरी से आम लोगों में यह चर्चा होने लगी कि शायद चढ़ूनी व टिकैत के बीच दूरिया बढ़ रही हैं। चढ़ूनी अपना अलग रास्ता अख्तियार कर सकते हैं। लेकिन महापंचायत को लेकर किसानों में जबरदस्त जोश देखा गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

ज्यों ज्यों जिला प्रशासन पाबंदियों की बात करता था, किसानों में जोश भी बढ़ता जा रहा था। महापंचायत में गुरनाम सिंह चढ़ूनी सबसे पहले पहुंचे, लेकिन इसके सिर्फ 37 मिनट बाद संयुक्त किसान मोर्चा के योगेंद्र यादव व 38 मिनट बाद राकेश टिकैत के पहुंचने से चढ़ूनी से दूरियों की सभी बातों पर विराम लग गया। किसानों का जोश चार गुना और बढ़ गया। खास बात यह भी रही कि महापंचायत में किसान नेताओं ने विपक्षी पार्टियों को भी कोई तरजीह नहीं दी, भाजपा सरकारों को जरूर जमकर कोसा। विपक्षी व सत्तारूढ़ दल के कई नेता लगातार महापंचायत में मौजूद अपने परिचितों से अपडेट लेते रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed