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Karnal News: एनकाउंटर की मांग पर अड़े परिजन, आंबेडकर चौक पर दो घंटे हंगामा
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तनातनी... परिजनों के विरोध के बीच प्रदर्शनकारी को समझाते पुलिसकर्मी।अमर उजाला
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। रिंडल गांव में फसल काटने के विवाद में घायल हुए रामेश्वर की मौत के बाद मंगलवार को परिजन आरोपियों के एनकाउंटर की मांग पर अड़ गए। पोस्टमार्टम से इन्कार करते हुए उन्होंने प्रदर्शन किया। सुबह करीब 11 बजे मेडिकल कॉलेज के शवगृह पर शुरू हुआ विरोध दोपहर करीब एक बजे आंबेडकर चौक तक पहुंच गया। यहां परिजन धरने पर बैठ गए।
आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए बेटे ओमदत्त और अन्य परिजन गिरफ्तारी होने तक अंतिम संस्कार नहीं करने की बात पर अड़े रहे। पुलिस ने उन्हें सड़क से हटाने का प्रयास किया तो महिलाएं सड़क पर लेट गईं। इस दौरान पुलिस और परिजन के बीच काफी देर तक नोकझोंक होती रही। महिलाओं को हटाने पहुंचीं महिला पुलिसकर्मियों के साथ भी धक्का-मुक्की जैसी स्थिति बनी। इसी दौरान एक महिला की ओर से पुलिसकर्मी की लाठी छीनने का प्रयास किए गए।
मौके पर तनाव बढ़ने पर डीएसपी नायब सिंह समेत पुलिस की कई टीमें पहुंचीं। पुलिस अधिकारियों ने परिजन को समझाकर धरना खत्म कराने का प्रयास किया, लेकिन वे आरोपियों के एनकाउंटर की मांग पर अड़े रहे। सुबह 11 बजे शुरू हुआ घटनाक्रम दोपहर करीब तीन बजे तक चलता रहा।
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11 अक्तूबर को फसल काटने के विवाद में हुआ था हमला
11 अक्तूबर को रिंडल गांव में धान की फसल काटने को लेकर विवाद हुआ था। परिजन के अनुसार, दूसरे पक्ष के लोग खेत में कंबाइन मशीन लेकर फसल काटने पहुंचे थे। विरोध करने पर विवाद बढ़ गया। रामेश्वर और उनके बेटे ओमदत्त पर हमला कर दिया गया। आरोप है कि हमलावरों ने कुल्हाड़ी, फरसे, लाठी और डंडों से वार किए। हमले में दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान सोमवार को रामेश्वर की मौत हो गई, जबकि उनका बेटा ओमदत्त अभी उपचाराधीन है। घटना के बाद से ही परिजन आरोपियों की गिरफ्तारी और कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे थे। मंगलवार को रामेश्वर की मौत के बाद शव के अंतिम संस्कार को लेकर विरोध तेज हो गया।
देर शाम दो और आरोपी पकड़े, अंतिम संस्कार के लिए राजी हुए परिजन
डीएसपी नायब सिंह के अनुसार, रामेश्वर पर हमले के मामले में सुरिंदर और बलविंदर को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका था। मंगलवार देर शाम दो अन्य आरोपियों को भी पकड़ लिया गया। इसके बाद परिजन अंतिम संस्कार के लिए राजी हुए। दिनभर चले विरोध और पुलिस के साथ बातचीत के बाद देर शाम पुलिस की मौजूदगी में गांव में ही रामेश्वर का अंतिम संस्कार कर दिया गया। परिजन मामले में शामिल सभी आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे थे।
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करनाल। रिंडल गांव में फसल काटने के विवाद में घायल हुए रामेश्वर की मौत के बाद मंगलवार को परिजन आरोपियों के एनकाउंटर की मांग पर अड़ गए। पोस्टमार्टम से इन्कार करते हुए उन्होंने प्रदर्शन किया। सुबह करीब 11 बजे मेडिकल कॉलेज के शवगृह पर शुरू हुआ विरोध दोपहर करीब एक बजे आंबेडकर चौक तक पहुंच गया। यहां परिजन धरने पर बैठ गए।
आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए बेटे ओमदत्त और अन्य परिजन गिरफ्तारी होने तक अंतिम संस्कार नहीं करने की बात पर अड़े रहे। पुलिस ने उन्हें सड़क से हटाने का प्रयास किया तो महिलाएं सड़क पर लेट गईं। इस दौरान पुलिस और परिजन के बीच काफी देर तक नोकझोंक होती रही। महिलाओं को हटाने पहुंचीं महिला पुलिसकर्मियों के साथ भी धक्का-मुक्की जैसी स्थिति बनी। इसी दौरान एक महिला की ओर से पुलिसकर्मी की लाठी छीनने का प्रयास किए गए।
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मौके पर तनाव बढ़ने पर डीएसपी नायब सिंह समेत पुलिस की कई टीमें पहुंचीं। पुलिस अधिकारियों ने परिजन को समझाकर धरना खत्म कराने का प्रयास किया, लेकिन वे आरोपियों के एनकाउंटर की मांग पर अड़े रहे। सुबह 11 बजे शुरू हुआ घटनाक्रम दोपहर करीब तीन बजे तक चलता रहा।
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11 अक्तूबर को फसल काटने के विवाद में हुआ था हमला
11 अक्तूबर को रिंडल गांव में धान की फसल काटने को लेकर विवाद हुआ था। परिजन के अनुसार, दूसरे पक्ष के लोग खेत में कंबाइन मशीन लेकर फसल काटने पहुंचे थे। विरोध करने पर विवाद बढ़ गया। रामेश्वर और उनके बेटे ओमदत्त पर हमला कर दिया गया। आरोप है कि हमलावरों ने कुल्हाड़ी, फरसे, लाठी और डंडों से वार किए। हमले में दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान सोमवार को रामेश्वर की मौत हो गई, जबकि उनका बेटा ओमदत्त अभी उपचाराधीन है। घटना के बाद से ही परिजन आरोपियों की गिरफ्तारी और कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे थे। मंगलवार को रामेश्वर की मौत के बाद शव के अंतिम संस्कार को लेकर विरोध तेज हो गया।
देर शाम दो और आरोपी पकड़े, अंतिम संस्कार के लिए राजी हुए परिजन
डीएसपी नायब सिंह के अनुसार, रामेश्वर पर हमले के मामले में सुरिंदर और बलविंदर को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका था। मंगलवार देर शाम दो अन्य आरोपियों को भी पकड़ लिया गया। इसके बाद परिजन अंतिम संस्कार के लिए राजी हुए। दिनभर चले विरोध और पुलिस के साथ बातचीत के बाद देर शाम पुलिस की मौजूदगी में गांव में ही रामेश्वर का अंतिम संस्कार कर दिया गया। परिजन मामले में शामिल सभी आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे थे।

तनातनी... परिजनों के विरोध के बीच प्रदर्शनकारी को समझाते पुलिसकर्मी।अमर उजाला