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यूके का वीजा लगवाने के लिए दी फर्जी डीएमसी
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करनाल। यूके का वीजा लगवाने के लिए दो विद्यार्थियों द्वारा 10वीं और 12वीं की फर्जी डीएमसी बनाने का मामला सामने आया है। जिन्हें सत्यापन प्रक्रिया के दौरान स्कूल ने पकड़ लिया। पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है।
पुलिस को दी शिकायत में आदर्श पब्लिक स्कूल कुंजपुरा रोड के निदेशक मनसीमर सिंह ने बताया कि आईसीएससी बोर्ड से संबंधित उनका स्कूल 1987 से चल रहा है। स्कूल के ई-मेल आईडी पर विजन इंटरनेशनल एजूकेशन कंसलटेंट करनाल की ई-मेल आई। जिसमें उन्होंने दो विद्यार्थियों की डीएमसी की असलियत की रिपोर्ट मांगी थी। जांच में डीएमसी की यूनिक आईडी 434164 साल 2014 कक्षा 10वीं के विद्यार्थी विक्रम सिंह के नाम से थी और इसी छात्र की एक डीएमसी 12वीं कक्षा की थी। इसके अलावा कक्षा 12वीं के छात्र मनींद्र सिंह के नाम से एक और डीएमसी थी। जांच में सामने आया कि ये विद्यार्थी कभी भी स्कूल के छात्र नहीं रहे। तीनों डीएमसी के फर्जी होने की जानकारी संबंधित एजेंसी को भेज दी गई। इस पर एजेंसी ने बताया कि दोनों ने अपने पासपोर्ट के साथ सभी कागजात यूके का वीजा लगाने के लिए दिए हैं। उन्होंने बताया कि पहले फरवरी माह में भी कैनेडियन हाई कमीशन दिल्ली की तरफ से कुछ डीएमसी की जानकारी मांगी थी, उन्हें भी इस तरह रिपोर्ट बनाकर दी गई थी।
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पुलिस को दी शिकायत में आदर्श पब्लिक स्कूल कुंजपुरा रोड के निदेशक मनसीमर सिंह ने बताया कि आईसीएससी बोर्ड से संबंधित उनका स्कूल 1987 से चल रहा है। स्कूल के ई-मेल आईडी पर विजन इंटरनेशनल एजूकेशन कंसलटेंट करनाल की ई-मेल आई। जिसमें उन्होंने दो विद्यार्थियों की डीएमसी की असलियत की रिपोर्ट मांगी थी। जांच में डीएमसी की यूनिक आईडी 434164 साल 2014 कक्षा 10वीं के विद्यार्थी विक्रम सिंह के नाम से थी और इसी छात्र की एक डीएमसी 12वीं कक्षा की थी। इसके अलावा कक्षा 12वीं के छात्र मनींद्र सिंह के नाम से एक और डीएमसी थी। जांच में सामने आया कि ये विद्यार्थी कभी भी स्कूल के छात्र नहीं रहे। तीनों डीएमसी के फर्जी होने की जानकारी संबंधित एजेंसी को भेज दी गई। इस पर एजेंसी ने बताया कि दोनों ने अपने पासपोर्ट के साथ सभी कागजात यूके का वीजा लगाने के लिए दिए हैं। उन्होंने बताया कि पहले फरवरी माह में भी कैनेडियन हाई कमीशन दिल्ली की तरफ से कुछ डीएमसी की जानकारी मांगी थी, उन्हें भी इस तरह रिपोर्ट बनाकर दी गई थी।
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