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Karnal News: हर रोज 440 टन कूड़े की प्रोसेसिंग, बनती जैविक खाद
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माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। नगर निगम का मेरठ रोड शेखपुरा गांव में सालिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट हैं, जहां करनाल शहर के साथ साथ जिलेभर की नगर पालिकाओं से कूड़ा पहुंचता है। करीब 440 टन कूड़ा हर रोज यहां पहुंचता है, जिसका पृथ्कीकरण के साथ निस्तारण किया जाता है। कूड़े से जैविक खाद तैयार की जाती है। यह खाद किसानों और अन्य संस्थानों को दी जाती है।
नगरनिगम में सालिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट तो कई वर्षों से है लेकिन दो साल पहले इसकी व्यवस्था नगर निगम खुद ही संभालता था या फिर इसे ठेके पर दे दिया जाता है। परिणाम ये होता था कि कूड़ा निस्तारण अपनी पूर्ण क्षमता के साथ नहीं हो पाता था, जिसके प्लांट परिसर में कूड़े के बड़े बड़े ढेर लगते है।
अब घरों से कूड़ा निस्तारण की व्यवस्था सुगम स्वच्छता एजेंसी को दी गई है, वह भी 22 वर्षों के लिए। करनाल क्लस्टर बनाया गया है, जिसमें करनाल, कैथल और कुरुक्षेत्र के 18 निगम, नगरपालिका और नगर परिषदों को शामिल किया गया है। हालांकि इसपर नियंत्रण निगमायुक्त करनाल का ही है। यही कारण है कि निगमायुक्त खुद भी निरीक्षण करती हैं और निगरानी के लिए अभियंताओं की ड्यूटी भी लगाई है। सालिड वेस्ट मैनेजमेंट शुक्रवार को भी क्षमता अनुरूप चल रहा था। यहां मौजूद मिले विकास सांगवान ने बताया कि करनाल से करीब 230 टन रोजाना कूड़ा यहां आता है, जिले की घरौंड़ा, असंध, इंद्री, नीलोखेड़ी, तरावड़ी आदि अन्य नगरपालिकाओं से कूड़ा पहुंचता है, जो करीब 440 टन हो जाता है। प्लांट की प्रोसेसिंग क्षमता 500 टन रोजाना है, इसलिए कोई दिक्कत नहीं होती है, आसानी से प्रोसेसिंग हो जाती है।
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घरों से आने वाले गीले कचरे और सूखे कचरे को अलग अलग करके प्रोसेसिंग होती है, दोनों से ही जैविक खाद तैयार की जाती है। कुछ ऐसा कचरा होता है, जो हार्ड प्लास्टिक होती है या कांच आदि होता है, तो उसे री-साइकिल प्लांट में भेज दिया जाता है। प्रोसेसिंग प्रक्रिया में खाद बनाने के बाद भी जो निष्प्रयोज्य कूड़ा बच जाता है, वह प्लांटों में जलाने की काम आ जाता है।
यहां जो खाद बनाई जाती है, वह नगरनिगम व अन्य स्थानीय निकायों में पार्को, गमलों आदि में डालने के काम आती है, किसान भी ले जाते हैं, जो सब्जियों आदि में लगाते हैं। इन्हें सरकार की ओर से निर्धारित रेट पर ही बेचा जाता है। निगम के अतिरिक्त आयुक्त अशोक कुमार ने बताया कि प्लांट में नई मशीनें लगाई गई हैं, जो अपनी क्षमता के अनुरूप कार्य कर रही हैं। कूड़ा के निस्तारण सही तरीके से किया जा रहा है।
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करनाल। नगर निगम का मेरठ रोड शेखपुरा गांव में सालिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट हैं, जहां करनाल शहर के साथ साथ जिलेभर की नगर पालिकाओं से कूड़ा पहुंचता है। करीब 440 टन कूड़ा हर रोज यहां पहुंचता है, जिसका पृथ्कीकरण के साथ निस्तारण किया जाता है। कूड़े से जैविक खाद तैयार की जाती है। यह खाद किसानों और अन्य संस्थानों को दी जाती है।
नगरनिगम में सालिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट तो कई वर्षों से है लेकिन दो साल पहले इसकी व्यवस्था नगर निगम खुद ही संभालता था या फिर इसे ठेके पर दे दिया जाता है। परिणाम ये होता था कि कूड़ा निस्तारण अपनी पूर्ण क्षमता के साथ नहीं हो पाता था, जिसके प्लांट परिसर में कूड़े के बड़े बड़े ढेर लगते है।
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अब घरों से कूड़ा निस्तारण की व्यवस्था सुगम स्वच्छता एजेंसी को दी गई है, वह भी 22 वर्षों के लिए। करनाल क्लस्टर बनाया गया है, जिसमें करनाल, कैथल और कुरुक्षेत्र के 18 निगम, नगरपालिका और नगर परिषदों को शामिल किया गया है। हालांकि इसपर नियंत्रण निगमायुक्त करनाल का ही है। यही कारण है कि निगमायुक्त खुद भी निरीक्षण करती हैं और निगरानी के लिए अभियंताओं की ड्यूटी भी लगाई है। सालिड वेस्ट मैनेजमेंट शुक्रवार को भी क्षमता अनुरूप चल रहा था। यहां मौजूद मिले विकास सांगवान ने बताया कि करनाल से करीब 230 टन रोजाना कूड़ा यहां आता है, जिले की घरौंड़ा, असंध, इंद्री, नीलोखेड़ी, तरावड़ी आदि अन्य नगरपालिकाओं से कूड़ा पहुंचता है, जो करीब 440 टन हो जाता है। प्लांट की प्रोसेसिंग क्षमता 500 टन रोजाना है, इसलिए कोई दिक्कत नहीं होती है, आसानी से प्रोसेसिंग हो जाती है।
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घरों से आने वाले गीले कचरे और सूखे कचरे को अलग अलग करके प्रोसेसिंग होती है, दोनों से ही जैविक खाद तैयार की जाती है। कुछ ऐसा कचरा होता है, जो हार्ड प्लास्टिक होती है या कांच आदि होता है, तो उसे री-साइकिल प्लांट में भेज दिया जाता है। प्रोसेसिंग प्रक्रिया में खाद बनाने के बाद भी जो निष्प्रयोज्य कूड़ा बच जाता है, वह प्लांटों में जलाने की काम आ जाता है।
यहां जो खाद बनाई जाती है, वह नगरनिगम व अन्य स्थानीय निकायों में पार्को, गमलों आदि में डालने के काम आती है, किसान भी ले जाते हैं, जो सब्जियों आदि में लगाते हैं। इन्हें सरकार की ओर से निर्धारित रेट पर ही बेचा जाता है। निगम के अतिरिक्त आयुक्त अशोक कुमार ने बताया कि प्लांट में नई मशीनें लगाई गई हैं, जो अपनी क्षमता के अनुरूप कार्य कर रही हैं। कूड़ा के निस्तारण सही तरीके से किया जा रहा है।

मेरठ---एसएन फार्म हाउस 100 फुटा रोड मृतको के शवो को कबिस्तान ले जाते लोगस ------नीटू