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अनुसंधान तकनीकों के आदान-प्रदान पर जोर
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संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। महाराणा प्रताप उद्यान विश्वविद्यालय करनाल और इजराइल के बीच भविष्य में अनुसंधान तकनीकों के आदान-प्रदान को लेकर प्रयास शुरू हो गए हैं। सोमवार को राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित हरियाणा पर्यटन विभाग की कर्ण लेक पर दोनों देशों के प्रतिनिधियों के बीच बैठक हुई। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. समर सिंह, हरब्रू यूनिवर्सिटी ऑफ जेरूसलम रेखोवोट इजराइल के प्रो. रफी स्ट्रर्न, शेक स्टर्न और भारत में इजराइली दूतावास के अधिकारी यायर एशेल ने मंत्रणा की। इनके समक्ष अनुसंधान क्षेत्र के अलग-अलग आयामों व तकनीकी ज्ञान के आदान-प्रदान को लेकर एमओयू का प्रस्ताव रखा गया। इजराइली प्रतिनिधिमंडल ने आश्वस्त किया कि विश्वविद्यालय अपनी योजना को दूतावास के माध्यम से प्रेषित करे। इस बाबत वे अपने देश की सरकार से बात कर निष्कर्ष पर पहुंचेंगे।
कुलपति प्रो. समर सिंह ने कहा कि महाराणा प्रताप उद्यान विश्वविद्यालय हरियाणा का एकमात्र और देश में पांचवां बागवानी विश्वविद्यालय है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के बहुत नजदीक है। इस वजह से इस विश्वविद्यालय का महत्व अधिक है। इजराइल यूनिवर्सिटी ने संरक्षित बागवानी के लिए बड़ा काम किया है। महाराणा प्रताप बागवानी विश्वविद्यालय व इजराइली यूनिवर्सिटी के बीच सहयोग होने से यहां के पोस्ट ग्रेजुएट विद्यार्थी और वैज्ञानिक इजराइल का भ्रमण कर सकेंगे। वहां पर अपनाई जा रही विभिन्न तकनीकों का ज्ञान अर्जित कर सकेंगे। दोनों विश्वविद्यालयों के बीच तकनीकी ज्ञान और अनुसंधान विकास होंगे तो शोध कार्यों को आगे बढ़ाया जा सकेगा।
प्रो. रफी स्ट्रर्न ओर शेक स्टर्न ने बताया कि जेरूसलम विश्वविद्यालय, कृषि अनुसंधान संगठन ज्वालामुखी केंद्र इजराइल, मेगाल किब्बूथ इजराइल आदि यूनिवर्सिटी एवं संस्थान के साथ माशव के माध्यम से (सहयोग) कोलाबरेशन कर सकते हैं। ये यूनिवर्सिटी महाराणा प्रताप बागवानी विश्वविद्यालय के साथ आपसी सहयोग करने को पूरी तरह से तैयार हैं। मौके पर हरियाणा बागवानी विभाग के महानिदेशक डॉ. अुर्जन सिंह सैनी, विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार डॉ. अजय सिंह, अनुसंधान निदेशक डॉ. आरके गोयल, डॉ. विजय अरोड़ा व डॉ. सतेंद्र यादव मौजूद रहे।
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करनाल। महाराणा प्रताप उद्यान विश्वविद्यालय करनाल और इजराइल के बीच भविष्य में अनुसंधान तकनीकों के आदान-प्रदान को लेकर प्रयास शुरू हो गए हैं। सोमवार को राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित हरियाणा पर्यटन विभाग की कर्ण लेक पर दोनों देशों के प्रतिनिधियों के बीच बैठक हुई। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. समर सिंह, हरब्रू यूनिवर्सिटी ऑफ जेरूसलम रेखोवोट इजराइल के प्रो. रफी स्ट्रर्न, शेक स्टर्न और भारत में इजराइली दूतावास के अधिकारी यायर एशेल ने मंत्रणा की। इनके समक्ष अनुसंधान क्षेत्र के अलग-अलग आयामों व तकनीकी ज्ञान के आदान-प्रदान को लेकर एमओयू का प्रस्ताव रखा गया। इजराइली प्रतिनिधिमंडल ने आश्वस्त किया कि विश्वविद्यालय अपनी योजना को दूतावास के माध्यम से प्रेषित करे। इस बाबत वे अपने देश की सरकार से बात कर निष्कर्ष पर पहुंचेंगे।
कुलपति प्रो. समर सिंह ने कहा कि महाराणा प्रताप उद्यान विश्वविद्यालय हरियाणा का एकमात्र और देश में पांचवां बागवानी विश्वविद्यालय है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के बहुत नजदीक है। इस वजह से इस विश्वविद्यालय का महत्व अधिक है। इजराइल यूनिवर्सिटी ने संरक्षित बागवानी के लिए बड़ा काम किया है। महाराणा प्रताप बागवानी विश्वविद्यालय व इजराइली यूनिवर्सिटी के बीच सहयोग होने से यहां के पोस्ट ग्रेजुएट विद्यार्थी और वैज्ञानिक इजराइल का भ्रमण कर सकेंगे। वहां पर अपनाई जा रही विभिन्न तकनीकों का ज्ञान अर्जित कर सकेंगे। दोनों विश्वविद्यालयों के बीच तकनीकी ज्ञान और अनुसंधान विकास होंगे तो शोध कार्यों को आगे बढ़ाया जा सकेगा।
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प्रो. रफी स्ट्रर्न ओर शेक स्टर्न ने बताया कि जेरूसलम विश्वविद्यालय, कृषि अनुसंधान संगठन ज्वालामुखी केंद्र इजराइल, मेगाल किब्बूथ इजराइल आदि यूनिवर्सिटी एवं संस्थान के साथ माशव के माध्यम से (सहयोग) कोलाबरेशन कर सकते हैं। ये यूनिवर्सिटी महाराणा प्रताप बागवानी विश्वविद्यालय के साथ आपसी सहयोग करने को पूरी तरह से तैयार हैं। मौके पर हरियाणा बागवानी विभाग के महानिदेशक डॉ. अुर्जन सिंह सैनी, विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार डॉ. अजय सिंह, अनुसंधान निदेशक डॉ. आरके गोयल, डॉ. विजय अरोड़ा व डॉ. सतेंद्र यादव मौजूद रहे।
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