फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Karnal News ›   Eleven days have passed, yet the petition could not be filed in the High Court.

Karnal News: 11 दिन बीते, हाईकोर्ट में दायर नहीं हो सकी याचिका

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 25 Sep 2026 02:42 AM IST
विज्ञापन
Eleven days have passed, yet the petition could not be filed in the High Court.
करनाल। बीरू वाल्मीकि की हत्या के बाद हुए हर्ष एनकाउंटर मामले में न्यायिक जांच की मांग के लिए रोड़ समाज की लड़ाई फिलहाल अल्टीमेटम और कमेटियां बनाने तक सीमित नजर आ रही है। 11 सदस्यीय कमेटी गठित किए जाने के 11 दिन बीत चुके हैं लेकिन अब तक हाईकोर्ट में याचिका दाखिल नहीं हो सकी है। समाज की ओर से सरकार को पांच बार अल्टीमेटम दिए जा चुके हैं, बावजूद इसके न्यायिक जांच की मुख्य मांग पर ठोस प्रगति नहीं दिख रही।
विज्ञापन

अखिल भारतीय रोड़ महासभा के प्रवक्ता एडवोकेट जितेंद्र चौपड़ा ने बताया कि कमेटी के सदस्य अभी मंथन कर रहे हैं और हर्ष के परिवार की सहमति का इंतजार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पीआईएल दायर करने को लेकर वकीलों से कानूनी सलाह भी ली जा रही है। सभी सदस्यों की सहमति बनने के बाद ही अगला कदम उठाया जाएगा। हालांकि उन्होंने उम्मीद जताई कि इस पर जल्द निर्णय हो सकता है।
विज्ञापन

13 सितंबर को रोड़ समाज की पंचायत में सरकार के आश्वासन की मियाद समाप्त होने के बाद हाईकोर्ट जाने का फैसला लिया गया था। इसके तहत 11 सदस्यीय कमेटी गठित कर याचिका तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। पंचायत में समाज ने स्पष्ट किया था कि स्टेट क्राइम ब्रांच की जांच से वे संतुष्ट नहीं हैं और मामले की जांच सीबीआई या किसी सिटिंग जज से कराए जाने की मांग पर अड़े हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

समाज का कहना है कि सरकार के साथ बातचीत के दौरान तीसरी और सबसे अहम मांग पर एक सप्ताह में निर्णय लेने का भरोसा दिया गया था, लेकिन समयसीमा बीतने के बाद भी कोई स्पष्ट फैसला सामने नहीं आया। इसी के बाद समाज ने कानूनी लड़ाई का रास्ता चुना लेकिन अब उसी प्रक्रिया में देरी सवाल खड़े कर रही है।

समिति का तर्क- परिवार की सहमति जरूरी
समाज के पदाधिकारियों का तर्क है कि बिना परिवार की सहमति और मजबूत कानूनी तैयारी के कोर्ट जाना उचित नहीं होगा, इसलिए सभी पहलुओं पर विचार किया जा रहा है। फिलहाल सभी की नजरें कमेटी के अंतिम निर्णय और हाईकोर्ट में संभावित याचिका पर टिकी हैं।

11 सदस्यीय कमेटी-
अखिल भारतीय रोड़ महासभा के प्रवक्ता जितेंद्र चोपड़ा के अनुसार, 11 सदस्यीय कमेटी में सतपाल गंगाटेढी, पूर्व सरपंच बिल्लू मूंड, सरपंच ईश्म सिंह जाम्बा, रामपाल बजीदा रोडान, जोली गांव के पूर्व सरपंच ईश्म सिंह, वरुण मराठा, सुनील बतान गांव रावणहेड़ा, काला माजरा सरपंच हरीश, हरिराम सांभा, जयभगवान कालामाजरा और बजीदा जटान सरपंच राज को शामिल किया गया है।

तीन मांगों में दो पूरी, तीसरी पर इंतजार
अखिल भारतीय रोड़ महासभा के प्रधान बलकार सिंह ने बताया कि हर्ष मामले को लेकर समाज ने सरकार के सामने तीन मांगें रखी थीं। इनमें से दो मांगों पर कार्रवाई हो चुकी है, जबकि तीसरी मांग सबसे महत्वपूर्ण है। समाज चाहता है कि हर्ष के कथित एनकाउंटर की जांच स्टेट क्राइम ब्रांच के बजाय सीबीआई अथवा किसी कार्यरत न्यायाधीश से कराई जाए, ताकि जांच को लेकर किसी भी प्रकार का संदेह न रहे। एनकाउंटर में शामिल अधिकारियों के तबादले और टिप्पणी पर विधायक की माफी की मांग पूर्व में पूरी हो चुकी है।


5 अगस्त की रात हांसी रोड पर बीरू वाल्मीकि की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इसके बाद 6 अगस्त की रात पुलिस मुठभेड़ में हर्ष और बीरबल की मौत हो गई। इस एनकाउंटर को लेकर रोड़ समाज ने विरोध जताया और निष्पक्ष जांच की मांग उठाई। तब से विवाद चल रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed