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Karnal News: इलेक्ट्रॉनिक व्यवस्था फेल, साधारण कांटों पर हुई तौल
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अनाज मंडी में मार्किट कमेटी सचिव कार्यालय के बाहर जमा किसान। संवाद
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। सरकार की आधुनिक और पारदर्शी खरीद व्यवस्था के दावों के बीच करनाल अनाज मंडी में हकीकत अलग रही। यहां गेहूं और सरसों की तौल पुराने लोहे वाले कांटाें पर ही हुई। सरकार और प्रशासन के इस बार इलेक्ट्रॉनिक कांटों से तौल की व्यवस्था का दावा फेल रहा। वीरवार को मंडी में गेहूं की आवक 142 मीट्रिक टन हुई। नमी 16 प्रति घन मीटर से ज्यादा होने की वजह से फसल खरीद नहीं हो पाई।
इस बार खरीद प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए इलेक्ट्रॉनिक कांटे अनिवार्य किए गए थे ताकि तौल में गड़बड़ी और भ्रष्टाचार की गुंजाइश खत्म हो सके। मंडियों में इलेक्ट्रॉनिक कांटे या तो लगे ही नहीं हैं या पूरी तरह चालू नहीं हो पाए। नतीजतन, किसान पुराने कांटों पर ही अपनी फसल तौलने को मजबूर हैं। खास बात ये है कि अनाज मंडी में एक नहीं बल्कि अलग-अलग चार दुकानों पर तौल हो रही है। मार्केट कमेटी सचिव उमेश दांगी ने कहा कि मामले की जांच कराई जाएगी। इसके बाद नियमानुसार कार्रवाई होगी।
बायोमीट्रिक और गेट पास की भी समस्या
गेट पास के लिए भी किसानों में उलझन देखने को मिली। नई व्यवस्था के तहत गेट पास जारी करने के लिए बायोमीट्रिक सत्यापन अनिवार्य किया गया है। कई किसानों के मोबाइल नंबर पंजीकरण से जुड़े नहीं हैं तो कुछ का रजिस्ट्रेशन अधूरा या गलत है। कई बार बायोमीट्रिक मशीनों में खामी भी आई।
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हैफेड और आपूर्ति विभाग करेगा खरीद
इस बार करनाल मंडी में गेहूं की खरीद का जिम्मा केवल हैफेड और जिला खाद्य एवं आपूर्ति विभाग को दिया गया है। अधिकारी नियुक्त हो चुके हैं लेकिन नमी की वजह से फसल खरीद नहीं हो सकी। अनुमान है कि खाद्य एवं आपूर्ति 40 प्रतिशत तो हैफेड 60 प्रतिशत तक खरीद कर सकते हैं।
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जिला स्तरीय कमेटी गठित, हेल्पलाइन नंबर 0184-2267271 जारी
जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक मुकेश कुमार ने बताया कि किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए जिला स्तरीय कमेटी का गठन किया गया है। किसानों की सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर 0184-2267271 जारी किया गया है। हेल्पलाइन सेवा सभी कार्य दिवसों में सुबह 8 से रात 8 बजे तक क्रियाशील रहेगी।
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करनाल। सरकार की आधुनिक और पारदर्शी खरीद व्यवस्था के दावों के बीच करनाल अनाज मंडी में हकीकत अलग रही। यहां गेहूं और सरसों की तौल पुराने लोहे वाले कांटाें पर ही हुई। सरकार और प्रशासन के इस बार इलेक्ट्रॉनिक कांटों से तौल की व्यवस्था का दावा फेल रहा। वीरवार को मंडी में गेहूं की आवक 142 मीट्रिक टन हुई। नमी 16 प्रति घन मीटर से ज्यादा होने की वजह से फसल खरीद नहीं हो पाई।
इस बार खरीद प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए इलेक्ट्रॉनिक कांटे अनिवार्य किए गए थे ताकि तौल में गड़बड़ी और भ्रष्टाचार की गुंजाइश खत्म हो सके। मंडियों में इलेक्ट्रॉनिक कांटे या तो लगे ही नहीं हैं या पूरी तरह चालू नहीं हो पाए। नतीजतन, किसान पुराने कांटों पर ही अपनी फसल तौलने को मजबूर हैं। खास बात ये है कि अनाज मंडी में एक नहीं बल्कि अलग-अलग चार दुकानों पर तौल हो रही है। मार्केट कमेटी सचिव उमेश दांगी ने कहा कि मामले की जांच कराई जाएगी। इसके बाद नियमानुसार कार्रवाई होगी।
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बायोमीट्रिक और गेट पास की भी समस्या
गेट पास के लिए भी किसानों में उलझन देखने को मिली। नई व्यवस्था के तहत गेट पास जारी करने के लिए बायोमीट्रिक सत्यापन अनिवार्य किया गया है। कई किसानों के मोबाइल नंबर पंजीकरण से जुड़े नहीं हैं तो कुछ का रजिस्ट्रेशन अधूरा या गलत है। कई बार बायोमीट्रिक मशीनों में खामी भी आई।
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हैफेड और आपूर्ति विभाग करेगा खरीद
इस बार करनाल मंडी में गेहूं की खरीद का जिम्मा केवल हैफेड और जिला खाद्य एवं आपूर्ति विभाग को दिया गया है। अधिकारी नियुक्त हो चुके हैं लेकिन नमी की वजह से फसल खरीद नहीं हो सकी। अनुमान है कि खाद्य एवं आपूर्ति 40 प्रतिशत तो हैफेड 60 प्रतिशत तक खरीद कर सकते हैं।
जिला स्तरीय कमेटी गठित, हेल्पलाइन नंबर 0184-2267271 जारी
जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक मुकेश कुमार ने बताया कि किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए जिला स्तरीय कमेटी का गठन किया गया है। किसानों की सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर 0184-2267271 जारी किया गया है। हेल्पलाइन सेवा सभी कार्य दिवसों में सुबह 8 से रात 8 बजे तक क्रियाशील रहेगी।