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बुजुर्ग वृक्षों को सम्मानित किया जाएगा
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करनाल। पुरानी बादशाही नहर संरक्षित वन क्षेत्र को ऑक्सी वन के रूप में विकसित करने की शुरुआत कर दी गई है। यह उद्यान शहर को स्मार्ट, स्वच्छ, हरित सतत लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगी। इस पर करीब पांच करोड़ रुपये की लागत आएगी। इसके साथ अब प्रदेश में ऑक्सीजन देकर मानवता की सेवा करने वाले बुजुर्ग वृक्षों की पहचान कर उन्हें सम्मानित किया जाएगा।
उपायुक्त निशांत कुमार यादव ने बताया कि वृक्ष हमें जीवनदायिनी ऑक्सीजन देते हैं। यही कारण है कि प्राचीन काल से ही पेड़ों की पूजा करने की परंपरा है। अब हरियाणा सरकार ने एक अनोखी योजना प्राणवायु देवता पेंशन योजना शुरू की है। इसके तहत हम अपने इन बुजुर्ग ऑक्सीजनदाता वृक्षों की देखभाल तो करेंगे ही, इनका सम्मान भी करेंगे। इसके साथ ही नगर निगम, वन विभाग, पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन विभाग की संयुक्त परियोजना ऑक्सीवन की भी शहर में शुरुआत हो चुकी है। शहरी क्षेत्रों में वाहनों और औद्योगिकीकरण के कारण वातावरण गर्म होता है।
इससे वायु की गुणवत्ता भी खराब होती है। शहरों और कस्बों में गर्मी के प्रभाव को कम करने व शुद्ध हवा के लिए पेड़ों की जरूरत होती है। पुरानी बादशाही नहर (मुगल नहर) पर ऑक्सी वन का निर्माण शुरू कर दिया गया है, जो 80 एकड़ के क्षेत्रफल में बनेगा। इसकी लंबाई 2.4 किलोमीटर होगी। विश्व पर्यावरण दिवस पर मुख्यमंत्री ने इसकी आधारशिला रखी थी। इसके साथ ही उन्होंने प्राणवायु देवता पेंशन स्कीम व कुरुक्षेत्र, कैथल, करनाल, पानीपत्त जिलों में स्थित सभी 134 तीर्थों में पंचवटी वन के निर्माण को भी हरी झंडी दी थी। आॉक्सी वन में चितवन (सौंदर्य वन), पाखी वन (पक्षी वन), अंतरिक्ष वन (नक्षत्र वन), तपो वन (ध्यान का वन), आरोग्य वन (स्वास्थ्य वन), नीर वन (झरना वन), ऋषि वन (सप्तऋषि वन), पंचवटी वन (पांच वृक्ष वन), स्मरण वन (स्मृति वन) सुगंध सुवास/सुगंध वन और सुगंध वन शामिल हैं। इनमें विशेष प्रकार के पौधों को रोपित किया जाएगा।
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क्या है प्राण वायुदेवता पेंशन योजना
-प्राणवायु देवता पेंशन योजना में हरियाणा सरकार ने उन सभी पेड़ों को सम्मानित करने की पहल की है जो 75 वर्ष और उससे अधिक आयु के हैं और जिन्होंने जीवन भर ऑक्सीजन का उत्पादन कर मानवता की सेवा की है। पूरे राज्य में ऐसे पेड़ों की पहचान की जाएगी। स्थानीय लोगों को शामिल करके उनकी देखभाल की जाएगी। ताकि यह वृक्ष बने रहें और हमें हमेशा आक्सीजन देते रहें। हरियाणा वन विभाग ने राज्य के लोगों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करने पर ध्यान केंद्रित किया है। हरियाणा ने वर्ष 2021 के दौरान 3 करोड़ पौधे लगाने की महत्वाकांक्षी योजना की शुरूआत की है।
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उपायुक्त निशांत कुमार यादव ने बताया कि वृक्ष हमें जीवनदायिनी ऑक्सीजन देते हैं। यही कारण है कि प्राचीन काल से ही पेड़ों की पूजा करने की परंपरा है। अब हरियाणा सरकार ने एक अनोखी योजना प्राणवायु देवता पेंशन योजना शुरू की है। इसके तहत हम अपने इन बुजुर्ग ऑक्सीजनदाता वृक्षों की देखभाल तो करेंगे ही, इनका सम्मान भी करेंगे। इसके साथ ही नगर निगम, वन विभाग, पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन विभाग की संयुक्त परियोजना ऑक्सीवन की भी शहर में शुरुआत हो चुकी है। शहरी क्षेत्रों में वाहनों और औद्योगिकीकरण के कारण वातावरण गर्म होता है।
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इससे वायु की गुणवत्ता भी खराब होती है। शहरों और कस्बों में गर्मी के प्रभाव को कम करने व शुद्ध हवा के लिए पेड़ों की जरूरत होती है। पुरानी बादशाही नहर (मुगल नहर) पर ऑक्सी वन का निर्माण शुरू कर दिया गया है, जो 80 एकड़ के क्षेत्रफल में बनेगा। इसकी लंबाई 2.4 किलोमीटर होगी। विश्व पर्यावरण दिवस पर मुख्यमंत्री ने इसकी आधारशिला रखी थी। इसके साथ ही उन्होंने प्राणवायु देवता पेंशन स्कीम व कुरुक्षेत्र, कैथल, करनाल, पानीपत्त जिलों में स्थित सभी 134 तीर्थों में पंचवटी वन के निर्माण को भी हरी झंडी दी थी। आॉक्सी वन में चितवन (सौंदर्य वन), पाखी वन (पक्षी वन), अंतरिक्ष वन (नक्षत्र वन), तपो वन (ध्यान का वन), आरोग्य वन (स्वास्थ्य वन), नीर वन (झरना वन), ऋषि वन (सप्तऋषि वन), पंचवटी वन (पांच वृक्ष वन), स्मरण वन (स्मृति वन) सुगंध सुवास/सुगंध वन और सुगंध वन शामिल हैं। इनमें विशेष प्रकार के पौधों को रोपित किया जाएगा।
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क्या है प्राण वायुदेवता पेंशन योजना
-प्राणवायु देवता पेंशन योजना में हरियाणा सरकार ने उन सभी पेड़ों को सम्मानित करने की पहल की है जो 75 वर्ष और उससे अधिक आयु के हैं और जिन्होंने जीवन भर ऑक्सीजन का उत्पादन कर मानवता की सेवा की है। पूरे राज्य में ऐसे पेड़ों की पहचान की जाएगी। स्थानीय लोगों को शामिल करके उनकी देखभाल की जाएगी। ताकि यह वृक्ष बने रहें और हमें हमेशा आक्सीजन देते रहें। हरियाणा वन विभाग ने राज्य के लोगों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करने पर ध्यान केंद्रित किया है। हरियाणा ने वर्ष 2021 के दौरान 3 करोड़ पौधे लगाने की महत्वाकांक्षी योजना की शुरूआत की है।