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Karnal News: बंगाली काॅलोनी में आज से शुरू होगी दुर्गा पूजा
Sun, 28 Sep 2025 06:22 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
Updated Sun, 28 Sep 2025 06:22 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। बंगाली काॅलोनी में 28 सितंबर से दुर्गा पूजा शुरू होगी। पांच दिनों तक चलने वाली पूजा के लिए सुंदर पंडाल सजाया गया है। बंगाली काॅलोनी में इस बार दिल्ली से ग्यारह फीट की दुर्गा जी, महिषासुर, गणेश, कार्तिक,लक्ष्मी जी और सरस्वती जी की मूर्तियां पूजा के लिए लाई गई हैं।
बजाने के लिए कोलकाता से ढाक मंगवाया गया है। श्रद्धालु रिंकी विश्वास, नितिका शाह और सुमित विश्वास ने बताया कि छठे नवरात्र पर पहले दिन दुर्गा पूजा का शुभारंभ होगा। सातवें नवरात्र पर गणेश जी की पत्नी की पूजा होगी। अष्टमी के अवसर पर 108 कमल के फूलों और 108 दीपक जलाकर संध्या में मां दुर्गा की पूजा की जाएगी और धुनुची डांस होगा।
उन्होंने बताया कि नौवीं के दिन हवन का आयोजन किया जाएगा। दसवीं के दिन सिंदूर खेला और गाजे-बाजे के साथ मां दुर्गा की प्रतिमा को पश्चिमी यमुना नहर में विसर्जन किया जाएगा। अष्टमी और नवमी पर भंडारे का आयोजन किया जाएगा। रिंकी विश्वास, मौनाख अंजु, सविता और पिंकी ने बताया कि दो अक्तूबर को दुर्गा पूजा के अंतिम दिन मां दुर्गा की मूर्ति को शोभायात्रा निकाल कर नहर में विसर्जित किया जाएगा।
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करनाल। बंगाली काॅलोनी में 28 सितंबर से दुर्गा पूजा शुरू होगी। पांच दिनों तक चलने वाली पूजा के लिए सुंदर पंडाल सजाया गया है। बंगाली काॅलोनी में इस बार दिल्ली से ग्यारह फीट की दुर्गा जी, महिषासुर, गणेश, कार्तिक,लक्ष्मी जी और सरस्वती जी की मूर्तियां पूजा के लिए लाई गई हैं।
बजाने के लिए कोलकाता से ढाक मंगवाया गया है। श्रद्धालु रिंकी विश्वास, नितिका शाह और सुमित विश्वास ने बताया कि छठे नवरात्र पर पहले दिन दुर्गा पूजा का शुभारंभ होगा। सातवें नवरात्र पर गणेश जी की पत्नी की पूजा होगी। अष्टमी के अवसर पर 108 कमल के फूलों और 108 दीपक जलाकर संध्या में मां दुर्गा की पूजा की जाएगी और धुनुची डांस होगा।
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उन्होंने बताया कि नौवीं के दिन हवन का आयोजन किया जाएगा। दसवीं के दिन सिंदूर खेला और गाजे-बाजे के साथ मां दुर्गा की प्रतिमा को पश्चिमी यमुना नहर में विसर्जन किया जाएगा। अष्टमी और नवमी पर भंडारे का आयोजन किया जाएगा। रिंकी विश्वास, मौनाख अंजु, सविता और पिंकी ने बताया कि दो अक्तूबर को दुर्गा पूजा के अंतिम दिन मां दुर्गा की मूर्ति को शोभायात्रा निकाल कर नहर में विसर्जित किया जाएगा।
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