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Karnal News: पटवारी हड़ताल से डोमिसाइल-इंतकाल अटके, छात्रों और किसानों को भारी परेशानी
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करनाल। राजस्व विभाग में लागू नए सॉफ्टवेयर की तकनीकी खामियों के विरोध में पटवारी और कानूनगो की हड़ताल बुधवार को सातवें दिन भी जारी रही। हड़ताल के चलते जिले की तहसीलों और उपतहसीलों में कामकाज पूरी तरह ठप हो गया है। हालात ऐसे हैं कि करीब 3900 से ज्यादा फाइलें लंबित हो चुकी हैं और आमजन को बुनियादी सेवाओं के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है।
फव्वारा पार्क में धरने पर बैठे पटवारियों और कानूनगो ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। जिला प्रधान कश्मीरी लाल की अध्यक्षता में चल रहे इस धरने में राज्य सचिव अशोक कौशिक भी पहुंचे। उन्होंने कहा कि सरकार ने बिना किसी ट्रायल के खामियों से भरा सॉफ्टवेयर लागू कर दिया, जिसका खामियाजा अब कर्मचारी और आमजन दोनों को भुगतना पड़ रहा है। धरना स्थल से कर्मचारी नारेबाजी करते हुए लघु सचिवालय तक पहुंचे और राजस्व मंत्री के नाम उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा। सर्व कर्मचारी संघ के जिला प्रधान सुशील गुर्जर सहित अन्य संगठनों ने भी समर्थन जताया।
हड़ताल का सीधा असर
विभागीय आंकड़ों के अनुसार करीब 1500 डोमिसाइल, 2000 से अधिक इंतकाल, जमाबंदी, फर्द, गिरदावरी, डीसीएस और नक्शा संबंधी कार्य लंबित हैं। तहसीलों में पटवारियों की रिपोर्ट न मिलने से रजिस्ट्री प्रक्रिया भी प्रभावित हो रही है। छात्रों को दाखिले के लिए निवास प्रमाण पत्र नहीं मिल पा रहा, किसानों के जमीन संबंधी कार्य अटके हैं और प्रॉपर्टी खरीद-फरोख्त करने वाले लोगों को रजिस्ट्री के लिए टोकन तक नहीं मिल रहे। ब्यूरो
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फव्वारा पार्क में धरने पर बैठे पटवारियों और कानूनगो ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। जिला प्रधान कश्मीरी लाल की अध्यक्षता में चल रहे इस धरने में राज्य सचिव अशोक कौशिक भी पहुंचे। उन्होंने कहा कि सरकार ने बिना किसी ट्रायल के खामियों से भरा सॉफ्टवेयर लागू कर दिया, जिसका खामियाजा अब कर्मचारी और आमजन दोनों को भुगतना पड़ रहा है। धरना स्थल से कर्मचारी नारेबाजी करते हुए लघु सचिवालय तक पहुंचे और राजस्व मंत्री के नाम उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा। सर्व कर्मचारी संघ के जिला प्रधान सुशील गुर्जर सहित अन्य संगठनों ने भी समर्थन जताया।
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हड़ताल का सीधा असर
विभागीय आंकड़ों के अनुसार करीब 1500 डोमिसाइल, 2000 से अधिक इंतकाल, जमाबंदी, फर्द, गिरदावरी, डीसीएस और नक्शा संबंधी कार्य लंबित हैं। तहसीलों में पटवारियों की रिपोर्ट न मिलने से रजिस्ट्री प्रक्रिया भी प्रभावित हो रही है। छात्रों को दाखिले के लिए निवास प्रमाण पत्र नहीं मिल पा रहा, किसानों के जमीन संबंधी कार्य अटके हैं और प्रॉपर्टी खरीद-फरोख्त करने वाले लोगों को रजिस्ट्री के लिए टोकन तक नहीं मिल रहे। ब्यूरो
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