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Karnal News: डॉक्टरों ने काले बिल्ले लगाकर किया काम
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डॉक्टर्स डे पर हरियाणा सिविल मेडिकल एसोसिएशन के बैनर तले मनाया काला दिवस
संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। हरियाणा सिविल मेडिकल एसोसिएशन (एचसीएमएस) के बैनर तले डॉक्टरों ने एक जुलाई को डॉक्टर्स डे को काला दिवस के रूप में मनाया। नागरिक अस्पताल सहित जिलेभर की सीएचसी, पीएचसी व सब सेंटर स्तर पर कार्यरत डॉक्टरों ने काले बिल्ले पहनकर रोष प्रकट करते हुए ओपीडी व अन्य कार्य किए।
हरियाणा सिविल मेडिकल एसोसिएशन (एचसीएमएस) के जिला प्रधान संदीप अबरोल ने बताया कि प्रदेश सरकार की ओर सरकारी डॉक्टरों की नौ प्रमुख मांगें लंबित हैं। जिन्हें प्रदेश सरकार की ओर से अनदेखा किया जा रहा है। जिसके विरोध स्वरूप डॉक्टर्स डे पर डॉक्टरों ने काले बिल्ले पहनकर सरकार के प्रति रोष जताया।
उन्होंने बताया कि एसोसिएशन ने अपनी मांगें मनवाने के लिए वर्ष 2023 में नौ दिसंबर को अपनी मांगों को लेकर दो घंटे की पेन डाउन हड़ताल की थी। जिसके बाद सरकार ने उनकी मांगें नहीं मानी तो एसोसिएशन के डॉक्टरों ने 20 से 26 दिसंबर को काले बिल्ले लगाकर ओपीडी में कार्य किया था लेकिन उसके बावजूद सरकार ने मांगों की ओर ध्यान नहीं दिया।
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जिसके बाद 26 दिसंबर की देर शाम को डीजी हेल्थ के माध्यम से स्वास्थ्य मंत्री ने 27 दिसंबर को एसोसिएशन को वार्ता के लिए बुलाया लेकिन 27 दिसंबर को एसोसिएशन को वार्ता के लिए नहीं बुलाया गया। जिसके बाद एसोसिएशन ने 29 दिसंबर को पूर्ण रूप से ओपीडी बंद की हालांकि उस दिन स्वास्थ्य विभाग ने सीएचसी व पीएचसी में तैनात सीएचओ व चिकित्सा सलाहकारों को ओपीडी संभालने के आदेश जारी किए। जिसके बावजूद नागरिक अस्पताल में मात्र 954 मरीजों को ही देखा जा सका था।
ये हैं प्रमुख मांगें-
- डॉक्टरों के लिए एक विशेषज्ञ कैडर का गठन।
- गतिशील सुनिश्चित कॅरिअर प्रगति (एसीपी) योजना लागू हो।
- एसएमओ की सीधी भर्ती पर तुरंत रोक लगाई जाए।
- पीजी के लिए बॉन्ड राशि एक करोड़ से घटाकर 50 लाख किए जाए।
- स्पेशलिस्ट के लिए अतिरिक्त इंसेटिव।
- एसएमओ की प्रमोशन लिस्ट जारी की जाए।
- जल्द पीजी पॉलिसी बनाने की मांग।
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संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। हरियाणा सिविल मेडिकल एसोसिएशन (एचसीएमएस) के बैनर तले डॉक्टरों ने एक जुलाई को डॉक्टर्स डे को काला दिवस के रूप में मनाया। नागरिक अस्पताल सहित जिलेभर की सीएचसी, पीएचसी व सब सेंटर स्तर पर कार्यरत डॉक्टरों ने काले बिल्ले पहनकर रोष प्रकट करते हुए ओपीडी व अन्य कार्य किए।
हरियाणा सिविल मेडिकल एसोसिएशन (एचसीएमएस) के जिला प्रधान संदीप अबरोल ने बताया कि प्रदेश सरकार की ओर सरकारी डॉक्टरों की नौ प्रमुख मांगें लंबित हैं। जिन्हें प्रदेश सरकार की ओर से अनदेखा किया जा रहा है। जिसके विरोध स्वरूप डॉक्टर्स डे पर डॉक्टरों ने काले बिल्ले पहनकर सरकार के प्रति रोष जताया।
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उन्होंने बताया कि एसोसिएशन ने अपनी मांगें मनवाने के लिए वर्ष 2023 में नौ दिसंबर को अपनी मांगों को लेकर दो घंटे की पेन डाउन हड़ताल की थी। जिसके बाद सरकार ने उनकी मांगें नहीं मानी तो एसोसिएशन के डॉक्टरों ने 20 से 26 दिसंबर को काले बिल्ले लगाकर ओपीडी में कार्य किया था लेकिन उसके बावजूद सरकार ने मांगों की ओर ध्यान नहीं दिया।
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जिसके बाद 26 दिसंबर की देर शाम को डीजी हेल्थ के माध्यम से स्वास्थ्य मंत्री ने 27 दिसंबर को एसोसिएशन को वार्ता के लिए बुलाया लेकिन 27 दिसंबर को एसोसिएशन को वार्ता के लिए नहीं बुलाया गया। जिसके बाद एसोसिएशन ने 29 दिसंबर को पूर्ण रूप से ओपीडी बंद की हालांकि उस दिन स्वास्थ्य विभाग ने सीएचसी व पीएचसी में तैनात सीएचओ व चिकित्सा सलाहकारों को ओपीडी संभालने के आदेश जारी किए। जिसके बावजूद नागरिक अस्पताल में मात्र 954 मरीजों को ही देखा जा सका था।
ये हैं प्रमुख मांगें-
- डॉक्टरों के लिए एक विशेषज्ञ कैडर का गठन।
- गतिशील सुनिश्चित कॅरिअर प्रगति (एसीपी) योजना लागू हो।
- एसएमओ की सीधी भर्ती पर तुरंत रोक लगाई जाए।
- पीजी के लिए बॉन्ड राशि एक करोड़ से घटाकर 50 लाख किए जाए।
- स्पेशलिस्ट के लिए अतिरिक्त इंसेटिव।
- एसएमओ की प्रमोशन लिस्ट जारी की जाए।
- जल्द पीजी पॉलिसी बनाने की मांग।