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कल्पना चावला मेडिकल कालेज के डॉक्टरों ने डबल वेतन लेने से किया इनकार
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कोरोना से जंग लड़ रहे डाक्टरों आदि को सरकार ने डबल वेतन देने का ऐलान किया था लेकिन कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों ने अपनी सेवा के बदले सरकार से डबल वेतन लेने से इनकार करके एक बार फिर देश में पहल की है, वहीं करनाल के कर्णनगरीे नाम को भी साकार किया है। मुख्यमंत्री हरियाणा को लिखे पत्र में डाक्टरों ने कहा है कि डाक्टरों को डबल वेतन देने के बजाय इस धनराशि को कोरोना से जंग के लिए मेडिकल उपकरण खरीदने में लगाया जाना चाहिए। अकेले कल्पना चावला के 30 डॉक्टरों का अतिरिक्त वेतन करीब 50 लाख रुपये प्रतिमाह बनता है।
देश में करनाल से कोरोना के खिलाफ जंग में फिर एक दानवीरता की पहल की गई है। डॉक्टरों ने कहा कि सरकार ने कुछ समय पहले कोरोना के मरीजों का इलाज करने वाले डॉक्टरों को डबल वेतन देने का ऐलान किया था। इस पर कॉलेज के सभी डॉक्टरों ने मिलकर निर्णय लिया कि वे अतिरिक्त वेतन नहीं लेंगे। इस वेतन से मेडिकल कॉलेज के लिए जरूरी उपकरण खरीदे जाएं। ताकि कोरोना के खिलाफ जंग को मजबूत किया जा सके। सभी डाक्टर नियमित वेतन में ही पूरी सेवाएं देते रहेंगे। जब तक कोरोना वायरस का संक्रमण खत्म नहीं होता। तब तक ना तो हम थकेंगे और ना ही रुकेंगे। हम फ्रंट लाइन में रहकर काम करेंगे। यदि जरूरत पड़ी तो बिना वेतन के भी काम करेंगे। निर्णय लेने के बाद कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज के सीनियर और जूनियर डॉक्टरों ने अपने-अपने हस्ताक्षर कर सरकार को लिखित में अपना निर्णय पत्र मुख्यमंत्री को भेेजा है।
कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज के करीब 30 डॉक्टरों ने हस्ताक्षर करके सीएम को पत्र भेजा है। जिसमें कहा है कि हमें दोगुना वेतन ना देकर उस धन से मेडिकल कॉलेज के लिए आईसीयू के लिए जरूरी उपकरण खरीदे जाएं ताकि मरीजों का इलाज और बेहतर तरीके से हो सके। -डॉ. जगदीश चंद्र दुरेजा, निदेशक, कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज करनाल।
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देश में करनाल से कोरोना के खिलाफ जंग में फिर एक दानवीरता की पहल की गई है। डॉक्टरों ने कहा कि सरकार ने कुछ समय पहले कोरोना के मरीजों का इलाज करने वाले डॉक्टरों को डबल वेतन देने का ऐलान किया था। इस पर कॉलेज के सभी डॉक्टरों ने मिलकर निर्णय लिया कि वे अतिरिक्त वेतन नहीं लेंगे। इस वेतन से मेडिकल कॉलेज के लिए जरूरी उपकरण खरीदे जाएं। ताकि कोरोना के खिलाफ जंग को मजबूत किया जा सके। सभी डाक्टर नियमित वेतन में ही पूरी सेवाएं देते रहेंगे। जब तक कोरोना वायरस का संक्रमण खत्म नहीं होता। तब तक ना तो हम थकेंगे और ना ही रुकेंगे। हम फ्रंट लाइन में रहकर काम करेंगे। यदि जरूरत पड़ी तो बिना वेतन के भी काम करेंगे। निर्णय लेने के बाद कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज के सीनियर और जूनियर डॉक्टरों ने अपने-अपने हस्ताक्षर कर सरकार को लिखित में अपना निर्णय पत्र मुख्यमंत्री को भेेजा है।
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कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज के करीब 30 डॉक्टरों ने हस्ताक्षर करके सीएम को पत्र भेजा है। जिसमें कहा है कि हमें दोगुना वेतन ना देकर उस धन से मेडिकल कॉलेज के लिए आईसीयू के लिए जरूरी उपकरण खरीदे जाएं ताकि मरीजों का इलाज और बेहतर तरीके से हो सके। -डॉ. जगदीश चंद्र दुरेजा, निदेशक, कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज करनाल।
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