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मृतकों का भी राशन खा गए डिपो होल्डर
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लाकडाउन में सरकार की ओर से जहां जरूरतमंदों के लिए निशुल्क राशन उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा रही है, वहीं डिपो होल्डर इसका पलीता लगाने में लगे हुए हैं। लाकडाउन के दौरान जरूरतमंदों के लिए आये राशन वितरण में भारी अनियमितता मिली है। हाल यह है कि असंध क्षेत्र में डिपो होल्डर और एसोसिएशन के प्रधान ने मृतकों के नाम पर भी राशन हड़प कर लिया। शिकायतों के बाद डिपो की आपूर्ति निलंबित कर मामले की जांच की जा रही है, जिसमें परत-दर-परत गड़बड़ी की बातें सामने आ रही हैं।
पहला केस : गांव जयसिंहपुर में अप्रैल माह में ऑनलाइन ओपीएच श्रेणी राशन कार्ड संख्या 066000888322 से पांच किलो आटा निकला हुआ था। यह राशन कार्ड अकेले महासिंह का है। उसके बेटे शमशेर सिंह ने बताया कि उसके पिता महा सिंह की मृत्यु 25 अगस्त 2016 को हो चुकी है। उनके परिवार का कोई भी व्यक्ति तीन साल से कोई राशन नहीं लाता, लेकिन अप्रैल माह में राशन निकाला गया है।
केस दो : एएवाई राशन कार्ड संख्या 066000888228 लक्ष्मी देवी का है। लक्ष्मी की छह माह पहले मृत्यु हुई थी, लेकिन मार्च और अप्रैल माह में दो किलो चीनी, 70 किलो आटा, चार लीटर सरसों तेल डिपो होल्डर ने निकाला हुआ है।
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केस तीन : ऑनलाइन सीबीपीएल श्रेणी राशन कार्ड नंबर 066000888257 गांव जयसिंहपुर निवासी राजकुमार का है। राजकुमार करीब पांच साल से लापता है। राजकुमार का पूरा परिवार उसकी ससुराल रहता है। जांच में पाया गया कि डिपोधारक द्वारा मार्च, अप्रैल में उक्त व्यक्ति के राशन कार्ड से दो किलो चीनी, 40 किलो आटा, 4 लीटर सरसों तेल निकाला हुआ है।
केस चार : गांव जयसिंहपुर के मान सिंह की मौत करीब दो साल पहले हो चुकी है। उसकी पत्नी हरदेई भी तीन माह पहले गुजर गई। परमिंद्र ने बताया कि उसके माता पिता के राशन कार्ड ओपीएच श्रेणी नंबर 066000888317 है। अप्रैल माह में दोनों मृतकों का 10 किलो आटा डिपो होल्डर द्वारा निकाला गया है। परमिंद्र ने कहा कि वह इसकी शिकायत करेंगे। उन्होंने जांच करवाए जाने की मांग की। केेेस पांच :
गांव जयसिंहपुर निवासी गुलाब सिंह रोडवेज में चार साल से कंडक्टर है। इनका सीबीपीएल राशन कार्ड नंबर 066000888311 है। जब उनकी नौकरी लगी तो उन्होंने राशन लेना बंद कर दिया, लेकिन जब लॉकडाउन में मार्च और अप्रैल माह का 2 किलो चीनी, 30 किलो आटा, चार लीटर सरसों तेल निकाल लिया गया। कंडक्टर गुलाब ने बताया कि वह नौकरी लगने के बाद आज तक राशन लेने नहीं गया है। इसकी जांच की जानी चाहिए।
लाकडाउन के दौरान कुछ राशन डिपो के खिलाफ गड़बड़ी की शिकायतें मिली हैं। जांच के बाद कुछ राशन डिपो के लाइसेंस निरस्त किये गये हैं, जबकि कुछ की आपूर्ति रोक दी गयी है। मामले की जांच पूरी होने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
-संदीप कुमार, सब इंस्पेक्टर, डीएफएससी विभाग, असंध
कहते हैं डिपो होल्डर और एसोसिएशन प्रधान
डिपो एसोसिएशन के प्रधान और जयसिंहपुरा के डिपो होल्डर रामकुमार का कहना है कि लाकडाउन के दौरान वितरित किये गये राशन का सारा रिकार्ड मौजूद है। मृतकों के नाम पर राशन उठाने के लिए वो लोग जिम्मेदार हैं, जिन्होंने इसे लिया है। यह कहना गलत है कि राशन डिपो होल्डर ने मृतकों के नाम पर राशन रख लिया। इसमें राशन डिपो की कोई गलती नहीं है।
दुकान निलंबित होने पर सांसद से की सिफारिश
असंध। कस्बे के तीन गांवों के राशन डिपो में गड़बड़ी मिलने के बाद लालैन, जयसिंहपुर और अरड़ाना गांव की सप्लाई बंद कर दी गयी है। ऐसे में सिफारिश के लिए डिपो होल्डर सांसद संजय भाटिया से भी सिफारिश करने पहुंच गये। यही नहीं उन्होंने विभागीय इंस्पेक्टर पर भी पैसे मांगने के आरोप लगाये हैं।
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पहला केस : गांव जयसिंहपुर में अप्रैल माह में ऑनलाइन ओपीएच श्रेणी राशन कार्ड संख्या 066000888322 से पांच किलो आटा निकला हुआ था। यह राशन कार्ड अकेले महासिंह का है। उसके बेटे शमशेर सिंह ने बताया कि उसके पिता महा सिंह की मृत्यु 25 अगस्त 2016 को हो चुकी है। उनके परिवार का कोई भी व्यक्ति तीन साल से कोई राशन नहीं लाता, लेकिन अप्रैल माह में राशन निकाला गया है।
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केस दो : एएवाई राशन कार्ड संख्या 066000888228 लक्ष्मी देवी का है। लक्ष्मी की छह माह पहले मृत्यु हुई थी, लेकिन मार्च और अप्रैल माह में दो किलो चीनी, 70 किलो आटा, चार लीटर सरसों तेल डिपो होल्डर ने निकाला हुआ है।
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केस तीन : ऑनलाइन सीबीपीएल श्रेणी राशन कार्ड नंबर 066000888257 गांव जयसिंहपुर निवासी राजकुमार का है। राजकुमार करीब पांच साल से लापता है। राजकुमार का पूरा परिवार उसकी ससुराल रहता है। जांच में पाया गया कि डिपोधारक द्वारा मार्च, अप्रैल में उक्त व्यक्ति के राशन कार्ड से दो किलो चीनी, 40 किलो आटा, 4 लीटर सरसों तेल निकाला हुआ है।
केस चार : गांव जयसिंहपुर के मान सिंह की मौत करीब दो साल पहले हो चुकी है। उसकी पत्नी हरदेई भी तीन माह पहले गुजर गई। परमिंद्र ने बताया कि उसके माता पिता के राशन कार्ड ओपीएच श्रेणी नंबर 066000888317 है। अप्रैल माह में दोनों मृतकों का 10 किलो आटा डिपो होल्डर द्वारा निकाला गया है। परमिंद्र ने कहा कि वह इसकी शिकायत करेंगे। उन्होंने जांच करवाए जाने की मांग की। केेेस पांच :
गांव जयसिंहपुर निवासी गुलाब सिंह रोडवेज में चार साल से कंडक्टर है। इनका सीबीपीएल राशन कार्ड नंबर 066000888311 है। जब उनकी नौकरी लगी तो उन्होंने राशन लेना बंद कर दिया, लेकिन जब लॉकडाउन में मार्च और अप्रैल माह का 2 किलो चीनी, 30 किलो आटा, चार लीटर सरसों तेल निकाल लिया गया। कंडक्टर गुलाब ने बताया कि वह नौकरी लगने के बाद आज तक राशन लेने नहीं गया है। इसकी जांच की जानी चाहिए।
लाकडाउन के दौरान कुछ राशन डिपो के खिलाफ गड़बड़ी की शिकायतें मिली हैं। जांच के बाद कुछ राशन डिपो के लाइसेंस निरस्त किये गये हैं, जबकि कुछ की आपूर्ति रोक दी गयी है। मामले की जांच पूरी होने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
-संदीप कुमार, सब इंस्पेक्टर, डीएफएससी विभाग, असंध
कहते हैं डिपो होल्डर और एसोसिएशन प्रधान
डिपो एसोसिएशन के प्रधान और जयसिंहपुरा के डिपो होल्डर रामकुमार का कहना है कि लाकडाउन के दौरान वितरित किये गये राशन का सारा रिकार्ड मौजूद है। मृतकों के नाम पर राशन उठाने के लिए वो लोग जिम्मेदार हैं, जिन्होंने इसे लिया है। यह कहना गलत है कि राशन डिपो होल्डर ने मृतकों के नाम पर राशन रख लिया। इसमें राशन डिपो की कोई गलती नहीं है।
दुकान निलंबित होने पर सांसद से की सिफारिश
असंध। कस्बे के तीन गांवों के राशन डिपो में गड़बड़ी मिलने के बाद लालैन, जयसिंहपुर और अरड़ाना गांव की सप्लाई बंद कर दी गयी है। ऐसे में सिफारिश के लिए डिपो होल्डर सांसद संजय भाटिया से भी सिफारिश करने पहुंच गये। यही नहीं उन्होंने विभागीय इंस्पेक्टर पर भी पैसे मांगने के आरोप लगाये हैं।