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Karnal News: धर्म हेत साका जिनि किआ, सीस दीआ...
Tue, 25 Nov 2025 01:58 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
Updated Tue, 25 Nov 2025 01:58 AM IST
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धर्म हेत साका जिनि किआ, सीस दीआ...
संवाद न्यूज एजेंसी
तरावड़ी। नौवें गुरु श्री गुरु तेग बहादुर के 350वें शहीदी दिवस पर निकाले जा रहे नगर कीर्तन सोमवार को कुरुक्षेत्र के लिए रवाना हुआ। सुबह श्री गुरु तेग बहादुर शीशगंज गुरुद्वारा साहिब से पालकी साहिब में गुरु ग्रंथ साहिब का प्रकाश किया गया। इसके बाद अरदास करवा, पंज प्यारों की अगुवाई में नगर कीर्तन आगे बढ़ा। धर्म हेत साका जिनि किआ, सीस दीआ... जैसे शबद और गुरु के जयकारे पूरा दिन गूंजते रहे।
तरावड़ी में नगर कीर्तन के निकलते ही जगह-जगह पुष्पवर्षा के साथ स्वागत किया गया। शहर के लोगों में भी काफी उत्साह दिखाई दिया। गुरु के जयकारों के बीच आशीर्वाद के लिए शीश झुके और पालकी साहिब की एक झलक के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ सड़क पर खड़ी दिखाई दी। पूरे रास्ते में शहर की समाजिक, धार्मिक संस्थाओं के प्रतिनिधि व साध संगत ने फूलों की वर्षा करके पालकी साहिब का स्वागत किया। यहां से नगर कीर्तन अंजनथली रोड़ से होते हुए पुरानी नीलोखेड़ी, कारसा रोड़ स्थित गुरुद्वारा से होता हुआ कुरुक्षेत्र पहुंचेगा।
हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेंजमेंट कमेटी के सदस्य प्रतिनिधि भूपेंद्र सिंह लाडी ने कहा कि गुरु तेग बहादुर जी का जीवन हमें बताता है, कि वह हमेशा सत्य और धर्म के लिए खड़े रहना चाहिए। उन्होंने धर्म की रक्षा के लिए अपने आप को भी निछावर कर दिया। हमें अन्याय के आगे कभी झुकना नहीं चाहिए। कार सेवा दिल्ली वाले बाबा बचन सिंह, जत्थेदार बाबा जोगा सिंह तरावड़ी, पूर्व सरपंच वीरेंद्र सिंह, मलकीत सिंह, गुर प्रताप सिंह, कंवल खुल्लर, हैड ग्रंथी बाबा गुर प्रताप राणा, रागी मनिंद्र सिंह, मैनेजर परमजीत सिंह, बाबा जसविंद्र सिंह मौजूद रहे।
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तरावड़ी। नौवें गुरु श्री गुरु तेग बहादुर के 350वें शहीदी दिवस पर निकाले जा रहे नगर कीर्तन सोमवार को कुरुक्षेत्र के लिए रवाना हुआ। सुबह श्री गुरु तेग बहादुर शीशगंज गुरुद्वारा साहिब से पालकी साहिब में गुरु ग्रंथ साहिब का प्रकाश किया गया। इसके बाद अरदास करवा, पंज प्यारों की अगुवाई में नगर कीर्तन आगे बढ़ा। धर्म हेत साका जिनि किआ, सीस दीआ... जैसे शबद और गुरु के जयकारे पूरा दिन गूंजते रहे।
तरावड़ी में नगर कीर्तन के निकलते ही जगह-जगह पुष्पवर्षा के साथ स्वागत किया गया। शहर के लोगों में भी काफी उत्साह दिखाई दिया। गुरु के जयकारों के बीच आशीर्वाद के लिए शीश झुके और पालकी साहिब की एक झलक के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ सड़क पर खड़ी दिखाई दी। पूरे रास्ते में शहर की समाजिक, धार्मिक संस्थाओं के प्रतिनिधि व साध संगत ने फूलों की वर्षा करके पालकी साहिब का स्वागत किया। यहां से नगर कीर्तन अंजनथली रोड़ से होते हुए पुरानी नीलोखेड़ी, कारसा रोड़ स्थित गुरुद्वारा से होता हुआ कुरुक्षेत्र पहुंचेगा।
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हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेंजमेंट कमेटी के सदस्य प्रतिनिधि भूपेंद्र सिंह लाडी ने कहा कि गुरु तेग बहादुर जी का जीवन हमें बताता है, कि वह हमेशा सत्य और धर्म के लिए खड़े रहना चाहिए। उन्होंने धर्म की रक्षा के लिए अपने आप को भी निछावर कर दिया। हमें अन्याय के आगे कभी झुकना नहीं चाहिए। कार सेवा दिल्ली वाले बाबा बचन सिंह, जत्थेदार बाबा जोगा सिंह तरावड़ी, पूर्व सरपंच वीरेंद्र सिंह, मलकीत सिंह, गुर प्रताप सिंह, कंवल खुल्लर, हैड ग्रंथी बाबा गुर प्रताप राणा, रागी मनिंद्र सिंह, मैनेजर परमजीत सिंह, बाबा जसविंद्र सिंह मौजूद रहे।
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