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Karnal News: प्रोटीन का बिगड़ता संतुलन युवाओं में बढ़ा रहा गठिया

Thu, 06 Apr 2023 02:31 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल Updated Thu, 06 Apr 2023 02:31 AM IST
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Deteriorating protein balance increasing arthritis in youth
अनुज शर्मा
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करनाल। शरीर में प्रोटीन का बिगड़ता संतुलन युवाओं को गठिया का दर्द दे रहा है। सिविल अस्पताल में हड्डी रोग की प्रतिदिन की 260 से अधिक मरीजों की ओपीडी में से 25 से 40 बढ़े हुए यूरिक एसिड से ग्रस्त पहुंच रहे हैं। इनके जोड़ों में दर्द के साथ सूजन आ रहा है। पिछले छह माह में सिविल अस्पताल की लैब में 3293 मरीजों की यूरिक एसिड की जांच हुई है, जिनमें से 42 प्रतिशत यानी 1383 मरीजों में गठिया रोग पाया गया। इनमें से 40 फीसदी युवा हैं। शरीर में प्रोटीन का संतुलन बिगड़ने से यूरिक एसिड की मात्रा घट-बढ़ जाती है।
सिविल अस्पताल के हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. सौरव गुप्ता ने बताया कि शरीर में यूरिक एसिड बढ़ने से गठिया यानी अर्थराइटिस की बीमारी होती है। क्रिस्टल जोड़ों के आसपास जमा हो जाते हैं। गठिया के रोगी को शरीर में अकड़न, जोड़ों में दर्द और सूजन जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। स्थिति बिगड़ने पर अर्थराइटिस मरीज हमेशा के लिए बिस्तर भी पकड़ सकता है। गठिया से राहत पाने के लिए यूरिक एसिड का संतुलन बनाए रखना बेहद जरूरी है। इसके लिए बेहतर खानपान की जरूरत है। यूरिक एसिड घटने या बढ़ने का असर किडनी पर भी पड़ता है।
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उन्होंने बताया कि आम तौर पर यूरिक एसिड मूत्र के जरिए शरीर से बाहर निकल जाता है, लेकिन कई बार ऐसा नहीं हो पाता, जिससे शरीर में इसकी मात्रा बढ़ने लगती है। यूरिक एसिड से बचने के लिए भोजन में कुछ चीजों को शामिल नहीं करना चाहिए, नहीं तो यह मरीज को उम्रभर के लिए परेशान कर सकता है। कई लोग यूरिक एसिड घटाने के उपाय भी करते हैं, लेकिन जब तक अपनी डाइट से ऐसी चीजों को नहीं निकाला जाएगा जो यूरिक एसिड को बढ़ाता है, तब तक मरीजों को परेशानी रहेगी। ऐसे में मरीज को दही, फास्ट फूड, मांस-मछली, शुगर युक्त ड्रिंक्स, बेकरी उत्पादाें से परहेज करना चाहिए।
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यूरिक एसिड बढ़ने के कारण व लक्षण
लैब इंचार्ज डॉ. श्वेता ने बताया कि कम पानी पीना, अल्कोहल लेना, अत्यधिक प्रोटीन डाइट लेना, जेनेटिक के कारण भी यूरिक एसिड का उत्पादन ज्यादा होने लगता है, जो कि किडनी की फिल्टर प्रक्रिया में नहीं निकल पाता है। इस कारण यूरिक एसिड की मात्रा को बढ़ा देता है। इसके लक्षणों में जोड़ों में दर्द होना, उठने-बैठने में परेशानी, उंगलियों में सूजन, जोड़ों में गांठ की शिकायत, पैरों और हाथों की उंगलियों में चुभन वाला दर्द इत्यादि शामिल हैं।


छह माह में यूरिक एसिड के करवाएं गए टेस्ट
माह टेस्ट
सितंबर 632
अक्तूबर 444
नवंबर 521
दिसंबर 557
जनवरी 513
फरवरी 626
कुल 3293
(यह डाटा सिविल अस्पताल की लैब से लिया गया है)
सिविल अस्पताल की लैब में मात्र पांच रुपये की ओपीडी की स्लिप पर डॉक्टर की ओर से लिखे जाने पर यूरिक एसिड का टेस्ट निशुल्क किया जा रहा है। हर माह लगभग 500 से अधिक लोगों के टेस्ट करवाए जा रहे हैं। इनमें से लगभग 42 प्रतिशत में यूरिक एसिड की मात्रा बढ़ी हुई मिली है।
- डॉ. रेणू चावला, पीएमओ, सिविल अस्पताल, करनाल
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