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बिगड़ रही आबोहवा, सुबह सैर के लिए भी उपयुक्त नहीं
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करनाल। कोरोना वायरस का सामना कर चुके नागरिकों के स्वास्थ्य पर अब घातक प्रदूषण का साया मंडराया हुआ है। दीपावली के बाद से लगातार वातावरण में प्रदूषण का बढ़ता जा रहा है, जोकि छंटने का नाम नहीं ले रहा। एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) पर मंगलवार को प्रदूषण का स्तर 344 आंका गया। एयर क्वालिटी इंडेक्स पर पीएम 2.5 का स्तर औसतन 344, न्यूनतम 120 व अधिकतम 480 आंका गया। पीएम-10 का स्तर औसतन 310, न्यूनतम 118 व अधिकतम 500 आंका गया है।
प्राचार्य एवं रसायनशास्त्री डा. राकेश भारद्वाज ने कहा कि जैसे ही एक्यूआई बढ़ता है तो पर्यावरण की फिजा को बदलेगा और श्वसनधारी मानव व जीव-जंतुओं के स्वास्थ्य पर अत्यंत दुष्प्रभाव डालता है। अब की फिजा सुबह सैर करने के लिए भी उपयुक्त नहीं रही। इसलिए ऐसे मास्क का इस्तेमाल करना जरूरी है जिसमें से पीएम 2.5 माइक्रोन आकार के कण सांस के जरिये अंदर शरीर में प्रवेश न कर सकें।
क्या है पीएम2.5 व पीएम10
डा. राकेश भारद्वाज ने बताया कि पीएम2.5 पर्यावरण में हवा की गुणवत्ता को मापने की एक इकाई है। जिसे अमेरिकन पर्यावरण संरक्षण एजेंसी द्वारा 1997 में तय किया गया। अभिप्राय है कि पीएम 2.5 माइक्रोन साइज या इससे कम साइज के कणों की एक मीटर क्यूब में मौजूदगी के भार को दर्शाता है। पीएम 10 का अभिप्राय दस माइक्रोन साइज के कण या इससे कम आकार के कणों को दर्शाने का पैमाना है। इस समय एक मीटर क्यूब आयतन में 2.5 माइक्रोन साइज के 344 माइक्रो ग्राम कण उपस्थित हैं। माइक्रो ग्राम भार की इकाई है। उन्होंने कहा कि एक्यूआई सूचकांक 344 का सीधा मतलब यह है कि एक मीटर क्यूब आयतन में 2.5 माइक्रोन साइज के कणों का भार 344 माइक्रो ग्राम है। जोकि एयर क्वालिटी इंडेक्स को दर्शाता है।
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प्राचार्य एवं रसायनशास्त्री डा. राकेश भारद्वाज ने कहा कि जैसे ही एक्यूआई बढ़ता है तो पर्यावरण की फिजा को बदलेगा और श्वसनधारी मानव व जीव-जंतुओं के स्वास्थ्य पर अत्यंत दुष्प्रभाव डालता है। अब की फिजा सुबह सैर करने के लिए भी उपयुक्त नहीं रही। इसलिए ऐसे मास्क का इस्तेमाल करना जरूरी है जिसमें से पीएम 2.5 माइक्रोन आकार के कण सांस के जरिये अंदर शरीर में प्रवेश न कर सकें।
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क्या है पीएम2.5 व पीएम10
डा. राकेश भारद्वाज ने बताया कि पीएम2.5 पर्यावरण में हवा की गुणवत्ता को मापने की एक इकाई है। जिसे अमेरिकन पर्यावरण संरक्षण एजेंसी द्वारा 1997 में तय किया गया। अभिप्राय है कि पीएम 2.5 माइक्रोन साइज या इससे कम साइज के कणों की एक मीटर क्यूब में मौजूदगी के भार को दर्शाता है। पीएम 10 का अभिप्राय दस माइक्रोन साइज के कण या इससे कम आकार के कणों को दर्शाने का पैमाना है। इस समय एक मीटर क्यूब आयतन में 2.5 माइक्रोन साइज के 344 माइक्रो ग्राम कण उपस्थित हैं। माइक्रो ग्राम भार की इकाई है। उन्होंने कहा कि एक्यूआई सूचकांक 344 का सीधा मतलब यह है कि एक मीटर क्यूब आयतन में 2.5 माइक्रोन साइज के कणों का भार 344 माइक्रो ग्राम है। जोकि एयर क्वालिटी इंडेक्स को दर्शाता है।
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