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दो डेंगू के मरीजों की पुष्टि, एक करनाल का तो दूसरा कैथल का
ब्यूरो/अमरउजाला, करनाल
Updated Thu, 27 Aug 2015 12:53 AM IST
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सीएम सिटी में लोगों में डेंगू की दहशत पूरी तरह से फैल चुकी है। सिविल अस्पताल में डेंगू के दो मरीजों की पुष्टि होने से स्थिति और भी गंभीर हो गई है। हालांकि, इन दोनों मरीजों में से एक मरीज कैथल जिले के गांव ट्योंठा से है तो दूसरा ओपीएस स्कूल के पास स्थित प्रीतमपुरा कॉलोनी में रहना वाला है। फिलहाल दोनों की स्थिति खतरे से बाहर है और दोनों को इलाज के बाद अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया है।
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जानकारी के अनुसार गांव, ट्योंठा का रहने वाला 54 वर्षीय रामसिंह कई दिनों कल्पना चावला मेडिकल अस्पताल में भर्ती था। उसे दो दिन पहले ही अस्पताल से छुट्टी दे दी गई थी। दूसरी और करनाल की प्रीतम कॉलोनी निवासी 44 वर्षीय राजबीर सिंह को भी डेंगू की पुष्टि हो गई है। उसे भी अस्पताल से छुट्टी मिल चुकी है। डेंगू की पुष्टि और लोगों के डर का फायदा निजी अस्पतालों के डाक्टर व झोलाझाप डाक्टर उठाकर मरीजों की जेब पर डाका डाल रहे हैं। उधर, शिव कालोनी में डेंगू के मरीजों का खुलासा होने से हड़कंप का माहौल बना हुआ है।
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ये हैं डेंगू के लक्षण व कारण
हड्डी तोड़ तेज बुखार, अधिक सिरदर्द, खांसी, जुखाम, शरीर पर लाल रंग के दाने होना, बुखार के साथ दस्त व उल्टी लगना। डेंगू का मच्छर स्वच्छ पानी में पनपता है और यह दिन के समय ही मरीज को काटता है। इसीलिए घर में या कार्यालय में कहीं भी पानी को इक_ा नहीं होने दें। पानी को बदलते रहें जहां बदला न जा सकें व मिट्टी का तेल या काले तेल का प्रयोग पानी में कर दें।
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क्या न करें
डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. सरोज बाला ने बताया कि बुखार होने पर एस्प्रीन या डिस्प्रीन से संबंधित कोई भी साल्ट वाली दवा न लें। इस मरीज के लिए घातक हो सकती है। एक या दो दिन तक बुखार रहने पर तुरंत मरीज को अस्पताल लाएं व रक्त की जांच जरूर कराएं। इसके अतिरिक्त किसी भी दर्द निवारक गोली का प्रयोग डाक्टर की सलाह के बिना न करें। बुखार होने पर सिर्फ ओर सिर्फ पीसीएम (पैरासिटामोल गोली) को ही प्रयोग करें। बुखार नहीं टूटने की अवस्था में दिन में 3 से 4 बार गोली का प्रयोग किया जा सकता है।
डरने नहीं डेंगू से लडने की जरूरत
डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. सरोज बाला ने बताया कि मरीज को डेंगू से डरने की जरूरत नहीं है। इसके प्रति जागरूक होकर लडने की जरूरत है। उन्होंने बताया कि डेंगू का बुखार सामान्य उपचार से ठीक हो जाता है। जरूरत बस अहतियात बरतने की है। थोड़ी सी सवाधानी से मरीज स्वस्थ्य हो सकता है।
प्लेटलेट्स घटने पर न घबराएं
अकसर देखने में आता है कि निजी अस्पतालों में डाक्टर मरीज के टेस्ट कराकर उन्हें उनके प्लेटलेट्स कम बताकर उन्हें अस्पताल में भर्ती कर लेते हैं। इस दौरान उनसे 15-20 हजार रुपये की कमाई का धंधा भी इस समय शहर में जारों पर है। डॉ. सरोज बाला ने बताया कि प्लेट्लेटस वायरल में भी कम हो सकते हैं। मलेरिया या अन्य प्रकार के बुखार में भी अकसर प्लेट्लेटस कम हो जाते हैं। घबराएं नहीं और सीधे सरकारी अस्पताल में इलाज कराएं।