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खतरनाक : तेज रफ्तार वाहन सामने, फिर भी एग्जिट कट से ही हाईवे पर चढ़ रहे
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कर्णेश्वरम महादेव मंदिर के पास गलत दिशा में सर्विस लेन से जीटी रोड पर चालक टैंकर को बैक कर चढ़ा
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर सड़क एवं इंजीनियरिंग की खामियों के अलावा वाहन चालकों की लापरवाही और पुलिस की अनदेखी भी लोगों की जान ले रही है। हालात ये हैं कि सर्विस लेन को एलिवेटेड हाईवे से जोड़ने वाले कट पर गलत दिशा में लोग वाहन दौड़ा रहे हैं। हाईवे से नीचे उतरने वाले कट का कई जगह लोग चढ़ने के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं। सामने से आते तेज रफ्तार वाहनों की ओर भी ध्यान नहीं देते। यदि तेज रफ्तार वाहन का चालक स्थिति को नहीं संभाल पाया तो हादसा होना तय है। ऐसा कई बार हो भी चुका है।
सोमवार को अमर उजाला की टीम ने राष्ट्रीय राजमार्ग-44 के हालात का जायजा लिया। कर्णेश्वर मंदिर के पास हाईवे से उतरने के लिए बने कट से आधे घंटे में करीब 60 वाहनों को गलत तरीके से कट का इस्तेमाल करते हुए हाईवे पर चढ़ते देखा गया। ऐसा तीन बार हुआ जब हाईवे से उतरते वाहन गलत दिशा से चढ़ते वाहनों से टकराने से बचे। यह स्थिति तब है, जब करीब 200 मीटर दूर यातायात पुलिस का थाना है। इसके बाद भी लोग इस कट का गलत इस्तेमाल करते हुए देखे गए। ऐसी ही स्थिति हर कट पर है। करनाल जिले की सीमा में करीब अप एंड डाउन में 38 एंट्री और एग्जिट कट दिए हुए हैं। सभी जगह पुलिस की मुस्तैदी न होने से ऐसी लापरवाही देखी जा सकती है।
चालाकी : कैंटर को बैक करके ले गया चालक
यहां हादसा होने पर पुलिस कार्रवाई में रॉन्ग साइड न आए, इसके लिए कुछ वाहन चालक चालाकी से वाहन को बैक करके हाईवे पर चढ़ाते दिखे। एक कैंटर का चालक सर्विस लेन से आया और कट के पास से बैक करता हुआ हाईवे पर ले गया। यहां पीछे से आ रहे वाहन टकराते हुए बचे। इसी तरह दो कार चालकों को भी ऐसे ही हाईवे पर चढ़ते हुए देखा गया।
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हर चौक के बीच में होना चाहिए एंट्री-एग्जिट
सड़क सुरक्षा विशेषज्ञ तेजपाल का कहना है कि नेशनल हाईवे पर हर दो चौकों के बीच में हाईवे पर चढ़ने और उतरने के लिए एक कट होना चाहिए। इससे चालकों को चढ़ने और उतरने का रास्ता मिल जाता है। अभी लाल बत्ती पर रुकने से बचने के लिए कुछ चालक ऐसा करते हैं। एडवोकेट संदीप राणा का कहना है कि हाईवे पर यदि गलत दिशा में वाहन चलाते हुए हादसा होता है तो कई बार बीमा क्लेम भी नहीं मिल पाता। इसलिए कुछ चालक वाहन को बैक करके ले जाते हैं। लेकिन ऐसा करना भी गलत है। क्योंकि उनके पीछे से आ रहा वाहन स्थिति को समझ नहीं पाता।
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गलत दिशा में आने वाले वाहनों पर कार्रवाई जारी है। नेशनल हाईवे-44 पर इस तरह की लापरवाही करने वाले वाहन चालकों पर शिकंजा कसा जाएगा। इसके लिए हाईवे पुलिस को अभियान चलाकर कार्रवाई करने के लिए निर्देश दिए जाएंगे। - गंगाराम पूनिया, एसपी करनाल
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करनाल। राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर सड़क एवं इंजीनियरिंग की खामियों के अलावा वाहन चालकों की लापरवाही और पुलिस की अनदेखी भी लोगों की जान ले रही है। हालात ये हैं कि सर्विस लेन को एलिवेटेड हाईवे से जोड़ने वाले कट पर गलत दिशा में लोग वाहन दौड़ा रहे हैं। हाईवे से नीचे उतरने वाले कट का कई जगह लोग चढ़ने के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं। सामने से आते तेज रफ्तार वाहनों की ओर भी ध्यान नहीं देते। यदि तेज रफ्तार वाहन का चालक स्थिति को नहीं संभाल पाया तो हादसा होना तय है। ऐसा कई बार हो भी चुका है।
सोमवार को अमर उजाला की टीम ने राष्ट्रीय राजमार्ग-44 के हालात का जायजा लिया। कर्णेश्वर मंदिर के पास हाईवे से उतरने के लिए बने कट से आधे घंटे में करीब 60 वाहनों को गलत तरीके से कट का इस्तेमाल करते हुए हाईवे पर चढ़ते देखा गया। ऐसा तीन बार हुआ जब हाईवे से उतरते वाहन गलत दिशा से चढ़ते वाहनों से टकराने से बचे। यह स्थिति तब है, जब करीब 200 मीटर दूर यातायात पुलिस का थाना है। इसके बाद भी लोग इस कट का गलत इस्तेमाल करते हुए देखे गए। ऐसी ही स्थिति हर कट पर है। करनाल जिले की सीमा में करीब अप एंड डाउन में 38 एंट्री और एग्जिट कट दिए हुए हैं। सभी जगह पुलिस की मुस्तैदी न होने से ऐसी लापरवाही देखी जा सकती है।
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चालाकी : कैंटर को बैक करके ले गया चालक
यहां हादसा होने पर पुलिस कार्रवाई में रॉन्ग साइड न आए, इसके लिए कुछ वाहन चालक चालाकी से वाहन को बैक करके हाईवे पर चढ़ाते दिखे। एक कैंटर का चालक सर्विस लेन से आया और कट के पास से बैक करता हुआ हाईवे पर ले गया। यहां पीछे से आ रहे वाहन टकराते हुए बचे। इसी तरह दो कार चालकों को भी ऐसे ही हाईवे पर चढ़ते हुए देखा गया।
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हर चौक के बीच में होना चाहिए एंट्री-एग्जिट
सड़क सुरक्षा विशेषज्ञ तेजपाल का कहना है कि नेशनल हाईवे पर हर दो चौकों के बीच में हाईवे पर चढ़ने और उतरने के लिए एक कट होना चाहिए। इससे चालकों को चढ़ने और उतरने का रास्ता मिल जाता है। अभी लाल बत्ती पर रुकने से बचने के लिए कुछ चालक ऐसा करते हैं। एडवोकेट संदीप राणा का कहना है कि हाईवे पर यदि गलत दिशा में वाहन चलाते हुए हादसा होता है तो कई बार बीमा क्लेम भी नहीं मिल पाता। इसलिए कुछ चालक वाहन को बैक करके ले जाते हैं। लेकिन ऐसा करना भी गलत है। क्योंकि उनके पीछे से आ रहा वाहन स्थिति को समझ नहीं पाता।
गलत दिशा में आने वाले वाहनों पर कार्रवाई जारी है। नेशनल हाईवे-44 पर इस तरह की लापरवाही करने वाले वाहन चालकों पर शिकंजा कसा जाएगा। इसके लिए हाईवे पुलिस को अभियान चलाकर कार्रवाई करने के लिए निर्देश दिए जाएंगे। - गंगाराम पूनिया, एसपी करनाल