{"_id":"68b6037a215bef92800f1c54","slug":"crops-submerged-in-14-villages-of-gharaunda-karnal-news-c-18-knl1008-728664-2025-09-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Karnal News: घरौंडा के 14 गांवों में फसल डूबी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Karnal News: घरौंडा के 14 गांवों में फसल डूबी
Tue, 02 Sep 2025 02:05 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
Updated Tue, 02 Sep 2025 02:05 AM IST
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
घरौंडा। यमुना में पानी बढ़ने से किनारे बसे गांवों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है। सोमवार देर शाम को खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी सोमवीर सिंह व एसडीएम घरौंडा राजेश सोनी ने यमुना क्षेत्र का दौरा किया। वहीं 14 गांवों में किनारे की फसल नदी के पानी में डूब गई है।
उपमंडल प्रशासन की ओर से लालूपुरा, पीर बडोली, बलहेड़ा, गढ़ी भरल और आसपास के ग्रामीणों से अपील की गई है कि वह यमुना किनारे या निचले इलाकों की ओर न जाएं। यमुना पानी के कटाव को रोकने के लिए बालू मिट्टी की बोरियां डालने का कार्य जारी है। इधर नदी के आसपास के करीब 14 गांवों में किसानों की सैकड़ों एकड़ फसल पानी में डूब गई है। किसानों ने बताया कि वह हर साल यमुना के किनारे पर खेती करते हैं, लेकिन अचानक पानी छोड़ने से उनकी मेहनत बर्बाद हो जाती है। खेतों में खड़ी धान और सब्जियों की फसल पूरी तरह जलमग्न हो चुकी है।
नहरी विभाग के एसडीओ विजय कुमार ने बताया कि हालात पर लगातार कड़ी नजर रखी जा रही है। जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करने की व्यवस्था भी की गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
घरौंडा। यमुना में पानी बढ़ने से किनारे बसे गांवों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है। सोमवार देर शाम को खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी सोमवीर सिंह व एसडीएम घरौंडा राजेश सोनी ने यमुना क्षेत्र का दौरा किया। वहीं 14 गांवों में किनारे की फसल नदी के पानी में डूब गई है।
उपमंडल प्रशासन की ओर से लालूपुरा, पीर बडोली, बलहेड़ा, गढ़ी भरल और आसपास के ग्रामीणों से अपील की गई है कि वह यमुना किनारे या निचले इलाकों की ओर न जाएं। यमुना पानी के कटाव को रोकने के लिए बालू मिट्टी की बोरियां डालने का कार्य जारी है। इधर नदी के आसपास के करीब 14 गांवों में किसानों की सैकड़ों एकड़ फसल पानी में डूब गई है। किसानों ने बताया कि वह हर साल यमुना के किनारे पर खेती करते हैं, लेकिन अचानक पानी छोड़ने से उनकी मेहनत बर्बाद हो जाती है। खेतों में खड़ी धान और सब्जियों की फसल पूरी तरह जलमग्न हो चुकी है।
विज्ञापन
नहरी विभाग के एसडीओ विजय कुमार ने बताया कि हालात पर लगातार कड़ी नजर रखी जा रही है। जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करने की व्यवस्था भी की गई है।
विज्ञापन