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अनाज मंडी में मिला फर्जी गेट पास, खलबली

Tue, 04 Oct 2016 12:54 AM IST
ब्यूरो/करनाल,अमर उजाला
ब्यूरो/करनाल,अमर उजाला Updated Tue, 04 Oct 2016 12:54 AM IST
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फर्जी गेट पास - फोटो : अमर उजाला

तीन दिन पहले अमर उजाला द्वारा नई अनाज मंडी में चल रहे फर्जी गेट पास की आशंका के बाद आखिरकार फर्जी गेट पास का खुलासा हो ही गया। रविवार को छुट्टी के दिन फर्जीवाड़े को अंजाम देने की तैयारियां चल रही थी, अचानक मामला पकड़ में आ गया है। मार्केट कमेटी के सचिव ने एक आढ़ती की दुकान से फर्जी गेट पास पकड़े हैं। हालांकि, सचिव का दावा है कि केवल दो ही फर्जी पास मिले हैं, लेकिन आशंका जताई जा रही है कि फर्जी पास की संख्या ज्यादा है। उधर, फर्जीवाड़ा करने वाले आढ़तियों व कर्मचारियों में भी हड़कंप का माहौल बना हुआ है।

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बता दें कि तीन दिन पहले ही हरियाणा सरकार ने अनाजमंडी में पीआर धान की खरीद शुरू की है। 30 सितंबर के अंक में अमर उजाला ने मंडी का दौरा करने के बाद फर्जी गेट पास की आशंका जताई थी, साथ ही यह भी बताया था कि आखिर यह फर्जी पास कैसे और कहां से काटे जाते हैं और आढ़तियों को मिलीभगत के चलते आसानी से गेट पास मिल जाते हैं। समाचार में विस्तार से बताया गया था कि मिलीभगत के चलते सरकार को चूना लगाया जा रहा है। समाचार छपने के बाद मार्केट कमेटी के अधिकारियोें की नींद टूटी और वे अलर्ट हो गए। रविवार को छुट्टी होने के बावजूद मार्केट कमेटी के सचिव चंद्रप्रकाश रविवार की बाद दोपहर अनाजमंडी में धान खरीद का जायजा लेने पहुंचे तो वह एक दुकान पर गए ओर धान की दो ढेरियों के पास पहुुंचे तो उन्होंने खुद गेटपास चेक किया। गेट पास चेक करते ही उनको फर्जीवाड़ा नजर आया।
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उन्होंने जब गेट पास चेक किए तो वह हक्के-बक्के रह गए, क्योंकि रविवार को गेट पास की एंट्री नंबर 400 से शुरू हुआ था, लेकिन भाजपा नेता के फर्जी गेट पास का नंबर 200 से भी नीचे था। यहीं मामला पकड़ा गया। दूसरी बड़ी बात यह थी कि मार्केट कमेटी द्वारा जो गेट पास जारी किए गए थे, उनका रंग काले में था, जबकि फर्जी गेट पास में मैरून रंग अंकित है। मंडी के सूत्रों का दावा है कि यह तो केवल ट्रेलर है, मंडी में बड़े स्तर पर फर्जी पास काट कर सरकार को मोटा चूना लगाया गया है। मंडी के एक जानकार ने बताया कि करीब 200 से ज्यादा फर्जी पास काटे गए हैं। उधर, सचिव ने अपने आला अधिकारियों को मामले की जानकारी दे दी है। एसडीएम योगेश कुमार का कहना है कि अगर ऐसा मामला है तो इसकी एफआईआर दर्ज कराएंगे। वहीं, आढ़ती व अन्य मामले को दबाने के प्रयास में जुट गए हैं। इस बारे में संबंधित आढ़ती रोहित कुमार का दावा है कि ये गेट पास फर्जी नहीं है। कोई उन्हें यह गेट पास दे गया था। नोटिस मिल गया है, जल्द ही इसका जवाब दिया जाएगा ।
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मंडी में तीन गेटों से होती है एंट्री
अनाजमंडी में करीब 500 आढ़तियों के पास फसल बेचने के लाइसेंस हैं। फसल अंदर एंटर करने के लिए तीन गेट बनाए गए हैं, जिन पर आधा दर्जन से अधिक कर्मचारी गेट पासों पर नजर रखते हैं। यहां पर सेटिंग के तहत फर्जी गेट पास काटे जाते हैं। वहीं, आशंका जताई जा रही है कि कुछ आढ़तियों ने मिलीभगत करके मार्केट कमेटी जैसे ही गेट पास छपवा रखे हैं। हालांकि, इस बार कंप्यूटराइज्ड पास दिए जाते हैं, लेकिन साइट डाउन के बहाने बीच बीच में से मेनुवली पास काटे जाते हैं। इसी में गड़बड़ी होती है।

दुकान पर लगा है सीएम व विधायक का बोर्ड
खास बात यह है कि जिस आढ़ती की दुकान से यह फर्जी गेट पास पकड़े गए हैं, उस दुकान पर सीएम मनोहर लाल व घरौंडा के विधायक हरविंद्र कल्याण का बोर्ड लगा है। सवाल अब यह पैदा होता है कि क्या यह बोर्ड मंडी के अधिकारियों को डराने के लिए लगाया गया था। इधर, मार्केट कमेटी के सचिव चंद्रप्रकाश ने बताया कि फिलहाल उनके हत्थे दो फर्जी गेट पास चढ़े हैं। आढ़ती को जवाब देने के लिए नोटिस भेज दिया गया है। जवाब आने के बाद ही आगामी कार्रवाई की जाएगी।  

खेल को यूं समझें
दरअसल फर्जी गेट पास का खेल पुराना है। इसके तहत न तो मंडी में धान आता है और न ही वहां से जाता है। केवल गेट पास काट दिया जाता है और केवल कागजों में ही धान को खरीदा और बेचा जोता है। इसी के चलते मिलीभगत के कारण कागजों में ही धान को मंडी से बाहर भी दिखा दिया जाता है। लेकिन असल में ऐसा कुछ नहीं होता है।

करोड़ों का कारोबार तो सीसीटीवी क्यों नहीं
मंडी में करोड़ों रुपये का कारोबार होता है। फर्जी गेट पास काटे जाते हैं। बावजूद इसके मंडी में सीसीटीवी कैमरे क्यों नहीं लगाए गए? हालांकि, एक साल पहले मंडी में सीसीटीवी कैमरे लगाने का प्रपोजल था, लेकिन किसी ने भी इसे सिरे नहीं चढ़ाया। ऐसे में प्रशासन हर छोटी बड़ी दुकान पर सीसीटीवी कैमरे लगवाने की अपील करता है तो मंडी में कैैमरे क्यों नहीं तो जरूर कुछ न कुछ दाल में काला है। अगर मंडी के गेटों पर सीसीटीवी लग जाए तो आधी समस्याएं समाप्त हो सकती हैं।

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क्या कहते हैं अधिकारी
इस बारे में मार्केट कमेटी के सचिव चंद्रप्रकाश का कहना है कि चेकिंग के दौरान दो फर्जी गेट पास मिले हैं। पूरा मामला आला अधिकारियों की जानकारी में दे दिया गया है। संबंधित आढ़ती को नोटिस जारी किया गया, इसके बाद आगामी कार्रवाई की जाएगी। मंडी में किसी भी प्रकार का गलत कार्य नहीं करने दिया जाएगा। वहीं, एसडीएम योगेश कुमार का कहना है कि यह धोखाधड़ी है। इसमें केस दर्ज कराया जाएगा।

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