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तीन बाद भी पुलिस के हाथ कुछ नहीं, अब आयकर विभाग की जांच पर टिकी नजरें
अमर उजाला/ब्यूरो/करनाल
Updated Sun, 01 Jan 2017 11:39 PM IST
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- फोटो : amar ujala
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थाना तरावड़ी प्रभारी व दो एएसएसआई द्वारा करनाल नगर निगम के डिप्टी मेयर व इनेलो नेता मनोज वधवा के अकाउंटेंट के कब्जे से बरामद किये गए 70 लाख रुपये में से बरामदगी 16.42 लाख रुपये दिखाने के मामले में तीन दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस के हाथ कुछ नहीं लगा है। डीएसपी जितेंद्र गहलावत मामले की तफ्तीश कर रहे हैं, लेकिन अभी पुलिस किसी भी आरोपी को काबू नहीं कर पाई है। हालांकि, लोगों को पुलिस से ज्यादा आयकर विभाग की जांच पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
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जांच का अहम हिस्सा यह है कि अगर 70 लाख रुपये की नकदी थी तो फिर शेष राशि मनोज वधवा को दी गई या फिर पुलिस इंस्पेक्टर ने अपने पास रख ली? इस मामले से जुड़े ऐसे कई सवाल हैं, लेकिन यह सब पुख्ता जांच के बाद ही इन सवालों के जवाब मिल सकेंगे। उधर, संभावना जताई जा रही है कि आयकर विभाग डिप्टी मेयर पर शिकंजा कस सकता है। सोमवार को इस मामले में कुछ अहम खुलासे हो सकते हैं। गौरतलब है कि शुक्रवार को थाना तरावड़ी के प्रभारी व अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी जसमेर गुलिया, एएसआई चरणजीत व एएसआई जितेंद्र ने डिप्टी मेयर मनोज वधवा के अकाउंटेंट मोहित के कब्जे से 16.42 लाख रुपये बरामद दिखाये थे, हालांकि देर शाम तक डीएसपी विवेक चौधरी की जांच में पाया गया कि कुल पैसे 70 लाख रुपये थे, जबकि 53 लाख रुपये कम दिखाये गए। डीएसपी की शिकायत पर तीनों आरोपियों के खिलाफ मिलीभगत व भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया।
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इसके बाद से तीनों आरोपी मौके से फरार हो गए थे, मामले की जांच डीएसपी जितेंद्र गहलावत को सौंपी गई। वहीं, पुलिस ने बरामद नकदी आयकर विभाग की टीम के हवाले कर दी थी। तीन दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस की जांच दो कदम भी नहीं बढ़ी है और न ही पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वहीं, अब लोगों की नजरें आयकर विभाग की जांच पर टिकी हुई है। जांच में कई पेंच हैं कि आखिर 70 लाख रुपये बरामद करने के बाद पुलिस ने शेष राशि खुद अपने पास रख ली या फिर डिप्टी मेयर को दी? सवाल यह भी कि डील कितने रुपये में हुई? इसके अलावा, आयकर विभाग की जांच में सबसे अहम यह होगा कि बरामद राशि और जो राशि बरामद नहीं हो सकी, वह किन स्ररोतों से आई है? अगर नई करेंसी एक ही सीरीज की है तो यह और भी बड़ा मामला बन सकता है। इस बारे में डीएसपी जितेंद्र गहलावत का कहना है कि मामले की तफ्तीश जारी है। फिलहाल कुछ नहीं कहा जा सकता है।
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राशि 16.42 लाख ही थी : वधवा
इस बारे में डिप्टी मेयर मनोज वधवा का कहना है कि जो राशि बरामद की गई है, राशि उतनी ही थी। मैं खुद नहीं समझ पा रहा कि 70 लाख रुपये का मामला पुलिस क्यों बना रही है? जो राशि बरामद की गई है वह हमारे कारोबार की है और इसके पुख्ता कागजात हमारे पास है। आयकर विभाग के पास हम अपनी रिपोर्ट दे देंगे।