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तीन दिन से भटक रही गर्भवती, न बेड मिला और न ही इलाज
अमर उजाला ब्यूरो/करनाल
Updated Wed, 21 Sep 2016 12:59 AM IST
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करनाल। कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के प्रसूति विभाग के डॉक्टरों की बड़ी लापरवाही सामने आई है। प्रसूति विभाग में तीन दिन से दाखिल सात माह की गर्भवती महिला उपचार न मिलने के कारण भटक रही है। बड़ी बात यह है कि महिला के गर्भ में पल रहे सात माह के नवजात की मौत हो चुकी है, जिसकी पुष्टि मेडिकल कॉलेज के प्रसूति विभाग के डॉक्टर सोमवार को अल्ट्रासाउंड करवाकर कर चुके हैं। फिर भी इलाज में देरी की जा रही है। इससे महिला की जान को भी खतरा बना हुआ है।
केशर देवी निवासी पिचौलिया मोड़ जुंडला ने बताया कि उनकी बहू मीना देवी (30) सात माह से गर्भवती है। वह उसे लेकर दो दिन पहले जुंडला के राजकीय अस्पताल गए तो वहां से डॉक्टर ने करनाल भेज दिया। यहां रविवार को दाखिल किया गया है, लेकिन अस्पताल में बेड न मिलने से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, जबकि दूसरी महिलाओं के बेड पर ही लेटने को कहा जाता है। केशर देवी ने बताया कि सोमवार को डॉक्टर ने अल्ट्रासाउंड करवाया था, जिसमें नवजात की मौत हो जाने की बात कही है। उसके बाद भी डॉक्टरों ने न तो डिलीवरी करवाई है और न ही कोई दवाई दी है। इससे उन्हें जान का भी खतरा हो रहा है।
वर्जन
बेड कम होने के कारण ऐसी दिक्कत आई थी। महिला का इलाज शुरू कर दिया गया है।
डॉ. योगेश शर्मा, उप चिकित्सा अधीक्षक कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज
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केशर देवी निवासी पिचौलिया मोड़ जुंडला ने बताया कि उनकी बहू मीना देवी (30) सात माह से गर्भवती है। वह उसे लेकर दो दिन पहले जुंडला के राजकीय अस्पताल गए तो वहां से डॉक्टर ने करनाल भेज दिया। यहां रविवार को दाखिल किया गया है, लेकिन अस्पताल में बेड न मिलने से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, जबकि दूसरी महिलाओं के बेड पर ही लेटने को कहा जाता है। केशर देवी ने बताया कि सोमवार को डॉक्टर ने अल्ट्रासाउंड करवाया था, जिसमें नवजात की मौत हो जाने की बात कही है। उसके बाद भी डॉक्टरों ने न तो डिलीवरी करवाई है और न ही कोई दवाई दी है। इससे उन्हें जान का भी खतरा हो रहा है।
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वर्जन
बेड कम होने के कारण ऐसी दिक्कत आई थी। महिला का इलाज शुरू कर दिया गया है।
डॉ. योगेश शर्मा, उप चिकित्सा अधीक्षक कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज