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हरियाणा: कहीं देश की राजधानी तो नहीं थी आतंकियों के निशाने पर, दिल्ली नंबर की गाड़ी के इस्तेमाल से उठ रहे सवाल

Fri, 06 May 2022 01:41 AM IST
भूपेंद्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, घरौंडा/करनाल (हरियाणा)
अमर उजाला ब्यूरो, घरौंडा/करनाल (हरियाणा) Published by: भूपेंद्र सिंह Updated Fri, 06 May 2022 01:41 AM IST
सार

सवाल उठ रहा है कि पंजाब से तेलंगाना जाने के लिए दिल्ली नंबर की गाड़ी क्यों ली गई। इस साजिश में दिल्ली नंबर की गाड़ी को शामिल करना कई सवाल खड़े कर रहा है, जिसका जवाब ढूंढने में पुलिस टीमें जुटी हैं।

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There is a possibility of the capital Delhi being the target of the terrorists arrested in Karnal
मधुबन थाने में इनोवा गाड़ी से विस्फोटक निकालते बम निरोधक दस्ते के एक्सपर्ट। - फोटो : भगवान दास (संवाद)

विस्तार

हरियाणा के करनाल के घरौंडा क्षेत्र में बसताड़ा टोल पर घेराबंदी कर चार आतंकियों की गिरफ्तारी के बाद जांच में सामने आया है कि फिरोजपुर से चलकर दिल्ली होते हुए उन्हें तेलंगाना के आदिलाबाद पहुंचना था, लेकिन पुलिस के लिए बड़ा सवाल यह है कि जब आतंकियों को फिरोजपुर से आदिलाबाद जाना था तो उन्होंने दिल्ली नंबर की इनोवा गाड़ी का इस्तेमाल क्यों किया और यह कहां से आई।

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आशंका जताई जा रही है कि इस गाड़ी को दिल्ली में पहुंचकर बदला जाना था या फिर टारगेट आदिलाबाद नहीं बल्कि दिल्ली था। विदित हो करनाल में आतंकियों की गाड़ी से जिस तरह के कंटेनर में विस्फोटक मिले हैं, इससे पहले दिल्ली के गाजीपुर और सीमापुरी के साथ-साथ दूसरी जगह पर इस तरह के कंटेनर मिल चुके हैं। 
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पुलिस का दावा है कि पाकिस्तान में रहकर आतंकी गतिविधियों को संचालित करने वाला हरविंद्र सिंह रिंदा ही इस बारूदी साजिश का मास्टरमाइंड है। इस साजिश में दिल्ली नंबर की गाड़ी को शामिल करना कई सवाल खड़े कर रहा है, जिसका जवाब ढूंढने में पुलिस टीमें जुटी हैं। सूत्रों के मुताबिक माना जा रहा है कि विस्फोटक लेकर जा रहे आतंकियों को दिल्ली में प्रवेश करना था।
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वहां से दिल्ली नंबर की गाड़ी को बदलना था। चंडीगढ़-दिल्ली के बीच दिल्ली वालों का आना-जाना अधिक रहता है, इसलिए कोई शक नहीं करता है। भले ही पुलिस को मोबाइल एप में आदिलाबाद की लोकेशन मिली हो लेकिन जब चारों पकड़े गए तो उस समय ये चंडीगढ़ से दिल्ली की ओर जा रहे थे। यदि पुलिस को थोड़ा भी विलंब हो गया होता तो इन्हें पकड़ना मुश्किल हो जाता।

चारों को पुलिस ने बिना किसी शोर शराबे के आसानी से दबोच लिया, ये बात भी कहीं न कहीं खटकती है। वहीं दूसरी ओर आईजी सतेंद्र कुमार गुप्ता भी कह चुके हैं कि धरे गए आतंकी तो सिर्फ कूरियर मात्र हैं। ऐसे में सिर्फ आदिलाबाद पर केंद्रित रहकर जांच करना बेमानी होगी, इनका निशाना कुछ और भी हो सकता है। फिलहाल तो जांच एजेंसियां सभी बिंदुओं को ध्यान में रखकर जांच में जुटी हैं।

There is a possibility of the capital Delhi being the target of the terrorists arrested in Karnal
हरविंद्र सिंह रिंदा
तरनतारन का निवासी है हरविंद्र सिंह रिंदा, कई मुकदमे हैं दर्ज 
करनाल में पकड़े गए चार आतंकियों द्वारा जिस हरविंद्र सिंह रिंदा का नाम लिया गया है, वह अभी भले ही पाकिस्तान में हो, लेकिन चंडीगढ़ में भी उसके खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट के मामले दर्ज हैं। उसने सेक्टर-11 के थाना प्रभारी को भी जान से मारने की धमकी दी थी।

हरविंद्र सिंह रिंदा आतंकी गतिविधियों में संलिप्त होने से पहले छात्र राजनीति में सक्रिय था। वह मूलत: पंजाब के तरनतारन जिले का निवासी है। जब उसकी उम्र महज ग्यारह साल थी, तभी वो अपने परिवार सहित महाराष्ट्र के नांदेड़ में शिफ्ट हो गया। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार उसने 18 साल की उम्र में पारिवारिक विवाद के चलते तरनतारन में अपने ही एक रिश्तेदार की हत्या कर दी थी।

नांदेड़ में भी उस पर दो लोगों की हत्या का आरोप है। उसके खिलाफ वजीराबाद और विमंतल पुलिस थानों में हत्या, हत्या के प्रयास, शस्त्र अधिनियम आदि के तहत दो प्राथमिकी दर्ज है। बताते हैं कि इसके बाद वो नेपाल के रास्ते पाकिस्तान चला गया और वहां रहकर आतंकी गतिविधियों को संचालित कर रहा है। 
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